किसी सूरज `बेटे` की ही हो सकती है ऐसी पूनम `माँ….
अजय बोकिल भोपाल(मध्यप्रदेश) ***************************************************************** यह वास्तव में कलेजा चीर देने वाला मार्मिक प्रसंग है। इसे श्रद्धांजलि कहना,उसकी हृदय विदारकता को कम करना है। जिसने भी फैलता हुआ वह वीडियो देखा,सन्न रह गया,क्योंकि एक माँ ही अपने कलेजे के टुकड़े के लिए ऐसा कर सकती है। दुखों के पहाड़ को सात सुरों की सरगम में समेटने … Read more