किसी सूरज `बेटे` की ही हो सकती है ऐसी पूनम `माँ….

अजय बोकिल भोपाल(मध्यप्रदेश)  ***************************************************************** यह वास्तव में कलेजा चीर देने वाला मार्मिक प्रसंग है। इसे श्रद्धांजलि कहना,उसकी हृदय विदारकता को कम करना है। जिसने भी फैलता हुआ वह वीडियो देखा,सन्न रह गया,क्योंकि एक माँ ही अपने कलेजे के टुकड़े के लिए ऐसा कर सकती है। दुखों के पहाड़ को सात सुरों की सरगम में समेटने … Read more

जनतंत्र में जनभाषा ही होनी चाहिए न्याय की भाषा

जम्मू-कश्मीर राज्य का उर्दू भाषा से दूर-दूर तक कोई रिश्ता नहीं रहा। उर्दू का उदय दिल्ली और उसके आसपास के क्षेत्रों में ही हुआ था। कश्मीर में तो इस्लामिक शासन भी नहीं था,वहाँ तो हिंदू राजा हरि सिंह का शासन रहा, लेकिन स्वतंत्रता के पश्चात इस्लामिक कट्टरता और प्रभाव के कारण कश्मीरियत की बात करनेवाले … Read more

कभी तुम आओगी…

कुँवर बेचैन सदाबहार प्रतापगढ़ (राजस्थान) ********************************************************************** ‘हमको फरक नहीं पड़ता’ या ‘हमें क्या अधिकार है!’,ये पंक्ति हम दोनों के बीच बोली जानी वाली सबसे झूठी बात थी। पता नहीं क्यों,मग़र मुझे लगता है कि जब आपसे ऐसा कोई बोलता है तो सबसे ज्यादा फर्क उसी को पड़ता है जो इसको बोलता है। वो बात अलग … Read more

परिणाम भाजपा के लिये चिंता का मुद्दा

ललित गर्ग दिल्ली ******************************************************************* हरियाणा और महाराष्ट्र के चुनाव नतीजे अनुमान के विपरीत आए हैं। भाजपा को पूरा विश्वास था और मतदान पश्चात के सर्वेक्षण भी बता रहे थे कि दोनों राज्यों में भाजपा को ऐतिहासिक जीत हासिल होगी,यह भाजपा का अहंकार था या विश्वास। भले ही दोनों ही प्रांतों में सत्ता विरोधी लहर नजर … Read more

सोशल मीडिया: उपयोगी है,पर नुकसानदायक भी

हेमेन्द्र क्षीरसागर बालाघाट(मध्यप्रदेश) *************************************************************** पहले रोटी,कपड़ा और मकान हमारी मूलभूत जरूरतें थी। फिर इसमें पढ़ाई, दवाई और कमाई जुड़ी। बाद में आर-पार,व्यापार, समाचार,संचार और दूरसंचार शामिल हुआ। सिलसिले में कम्प्यूटर,इंटरनेट और मोबाइल के मकड़जाल से ‘कर लो दुनिया मुट्ठी में’ नामक सोशल मीडिया का जन्म हुआ जो बड़े काम की और कमाल का तुंतुरा साबित … Read more

बच्चों को तराशने वाला जौहरी कौन ?

विनोद वर्मा आज़ाद देपालपुर (मध्य प्रदेश)  ************************************************ जिन पालकों के पास थोड़ा-बहुत पैसा आना शुरू होता है,वह अपने बच्चों को अशासकीय विद्यालयों में प्रवेश करा देते हैं। रेत छानने के चलने में से बारीक रेत छन जाती है,व अनुपयोगी बंडे अलग रख दिये जाते हैं,वैसे ही अत्यंत दयनीय आर्थिक स्थिति वाले पालकों के अधिकांश बच्चे शासकीय … Read more

ग्रेटा को पुरस्कार और उसकी प्रतिबद्धता

अजय बोकिल भोपाल(मध्यप्रदेश)  ***************************************************************** स्वीडन की किशोर जलवायु कार्यकर्ता ग्रेटा थनबर्ग द्वारा प्रतिष्ठित ‘नाॅर्डिक काउंसिल एनवायरनमेंट प्राइज’ को ठुकराना और यह कहना कि जलवायु आंदोलन के लिए विज्ञान को सुनने की जरूरत है,न कि अवाॅर्ड लेने की,उसे अपनी पीढ़ी के उन तमाम युवाओं से अलग करता है,जो दुनिया को बचाने के लिए जुटे हैं। ग्रेटा … Read more

पाप का बाप है लोभ

डॉ.अरविन्द जैन भोपाल(मध्यप्रदेश) ***************************************************** वर्तमान में अधिकांश लोग शिक्षित और चतुर हैं,और उनके साथ धोखा देने वाला उनसे अधिक होशियार और मूर्ख बनाने वाला होगा। आज जब यह समाचार पढ़ा,तब समझ में आया कि,हम सब लोग लोभ के वशीभूत उनके चंगुल में फंसते हैं। आज सरकारी बैंक आपके जमा पैसों को वापिस नहीं कर रहा … Read more

कश्मीर में हिंसा…शुद्ध कायरता

डॉ.वेदप्रताप वैदिक गुड़गांव (दिल्ली)  ********************************************************************** कश्मीर के हाल देखने के लिए इधर से २३ यूरोपीय सांसद श्रीनगर पहुंचे और उधर कुलगाम में आतंकवादियों ने ५ मजदूरों की हत्या कर दी। इस खबर के आगे मोदी की सउदी यात्रा और बगदादी की हत्या की खबर फीकी पड़ गई। यूरोपीय सांसदों का कश्मीर-भ्रमण भी अखबारों के पिछले … Read more

एक पैग़ाम-युवा पीढ़ी के नाम…`प्रेम विवाह`

सुरेन्द्र सिंह राजपूत हमसफ़र देवास (मध्यप्रदेश) ******************************************************************************* जब कोई बेटा या बेटी अच्छा काम करते हैं,तो उसके माता-पिता गुरुओं के साथ-साथ और भी बहुत से लोग होते हैं,जिनका सिर गर्व से ऊँचा हो जाता है,लेक़िन वही बेटा या बेटी जब कोई ग़लत काम कर डालते हैं तो उनके माता-पिता के साथ साथ उनसे जुड़े बहुत सारे … Read more