आओ,राष्ट्रीय एकता स्थापित करने में भूमिका निभाएं

राज कुमार चंद्रा ‘राज’ जान्जगीर चाम्पा(छत्तीसगढ़) *************************************************************************** ‘राष्ट्रीय एकता दिवस’ मनाना महत्वपूर्ण नहीं है,बल्कि राष्ट्रीय एकता स्थापित करने में अपना योगदान देना सबसे ज्यादा महत्वपूर्ण है। राष्ट्रीय एकता इस बात पर निर्भर करती है कि हमारी सोच और समझ देश के प्रति सकारात्मक हो। हम अपनी देश के प्रति भूमिका जवाबदारी और जिम्मेदारी से निभाएं। … Read more

भारत का शेर

गीतांजली वार्ष्णेय ‘ गीतू’ बरेली(उत्तर प्रदेश) ************************************************************************* राष्ट्रीय एकता का दूसरा नाम सरदार पटेल है। एक ऐसा व्यक्तित्व,जिसने यह साबित कर दिया कि व्यक्ति जन्म से नहीं,कर्म से महान होता है। अगर पटेल जी प्रथम प्रधानमंत्री बने होते,तो देश की स्थिति कुछ और होती। कश्मीर पाकिस्तान में न होकर हिन्दुस्तान का अंग होता। सरदार पटेल … Read more

कुछ ज्ञान के दीये भी जलाते चलें…!

अजय बोकिल भोपाल(मध्यप्रदेश)  ***************************************************************** दीपावली का पर्व अपने-आपमें कई पर्वों को समेटे आता है। इतने विविध रंगी त्यौहार,किसी एक त्यौहार में समाहित हों फिर भी उनकी प्रकृति अलग-अलग रहे,ऐसा शायद हिंदू धर्म में ही संभव है। दीपावली का त्यौहार क्यों शुरू हुआ,किसने शुरू किया,इन सवालों को उल्लास के कालीन के नीचे सरका दें तो भी … Read more

कुशल नेतृत्व के धनी रहे ‘सरदार’ वल्लभभाई पटेल

डॉ.धारा बल्लभ पाण्डेय’आलोक’ अल्मोड़ा(उत्तराखंड) ****************************************************************************** स्वतंत्रता आंदोलन के ‍महावीर,कुशल नेता,कर्मठ एवं दृढ़ व्यक्तित्व के धनी सरदार वल्लभ भाई पटेल भारत माता के उन वीर सपूतों में से एक थे,जिनमें देशसेवा की भावना कूट-कूट कर भरी हुई थी। अपनी दृढ़ता,आत्मबल,दृढ़ संकल्प शक्ति,अटल शक्ति,धैर्य, आत्मविश्वास,साहस और निर्णय क्षमता के कारण ही वह ‘लौह पुरुष’ के नाम से … Read more

लोक पर्व ‘गोबरधन’

बाबूलाल शर्मा सिकंदरा(राजस्थान) ************************************************* ‘गोधन पशुधन धन बड़े,कृष्ण बढ़ाये मान! व्यापक गोबरधन हुआ,करिये मान सुजान!!’ ‘गोवर्धन’ को हम ‘गोबरधन’ भी कहते रहें तो क्या हानि है। गोवर्धन एक व्यापक शब्द है जो हमें गो(पृथ्वी),गोवंश एवं किसान के प्रति सम्मान व संरक्षण का बोध कराता है । ‘गोबरधन’ और भी व्यापक शब्द है,जो हमें समस्त पशुधन … Read more

प्रतिभा के धनी थे सरदार वल्लभ भाई पटेल

पूनम दुबे सरगुजा(छत्तीसगढ़)  ****************************************************************************** लौह पुरुष सरदार वल्लभ भाई पटेल आपकी अच्छाई आपके मार्ग पर बाधक थी,इसलिए अपनी आँखों को क्रोध से लाल होने दीजिए, और अन्याय का मजबूत हाथों से सामना करने दीजिए। वल्लभ भाई पटेल का जन्म ३१ अक्टूबर १८७५ को हुआ। इस महापुरुष का जन्म नाडियाड गुजरात में एक लेवा कर्जर प्रतिहार … Read more

घर ही नहीं,घट को भी रोशन करें

ललित गर्ग दिल्ली ******************************************************************* भारत को त्यौहारों का देश माना जाता है। दीपावली सबसे अधिक प्रमुख त्यौहार है। यह त्यौहार दीपों का पर्व है। जब हम अज्ञान रूपी अंधकार को हटाकर ज्ञान रूपी प्रकाश प्रज्ज्वलित करते हैं तो हमें एक असीम और आलौकिक आनन्द का अनुभव होता है। दीपावली शब्द संस्कृत से लिया गया है। … Read more

मिलन के पर्व दीपावली का आध्यात्मिक महत्व

राजेश पुरोहित झालावाड़(राजस्थान) **************************************************** कार्तिक मास की अमावस्या को हम प्रतिवर्ष दीपावली का त्योहार मनाते हैं। भगवान श्री रामचन्द्र जी चौदह वर्ष के वनवास के बाद वापस इसी दिन अयोध्या लौटे थे। इसी खुशी से अयोध्या की प्रजा ने घी के दीप जला कर रोशनी की थी। भगवान के अवध पधारने के लिए उनका स्वागत … Read more

ज्ञान का प्रतीक है प्रज्जवलित दीपक

संदीप सृजन उज्जैन (मध्यप्रदेश)  ****************************************************** दीपावली का पर्व भारतीय सनातन परम्परा का लौकिक और अलौकिक पर्व माना गया है। लौकिक स्वरूप में जहाँ खान-पान,वैभव और उत्साह का वातावरण इस पर्व को प्रमाणिकता प्रदान करता है,वहीं अलौकिक रूप में यह पर्व आत्मोकर्ष का प्रमुख पर्व है। लौकिक और अलौकिक के बीच तंत्र साधकों के लिए परालौकिक … Read more

एक पत्र लक्ष्मी जी और गणेश जी के नाम

मनोज कुमार सामरिया ‘मनु’ जयपुर(राजस्थान) **************************************************** पूज्य माँ लक्ष्मी और प्रथम पूज्य गणेश जी और माँ सरस्वती, चरण कमल में सादर प्रणाम्l हे देवादिदेव प्रथम पूज्य,लंबोदराय,विघ्नहर्ता,गौरीसुत,हे महालक्ष्मी,सृष्टिनियामका,हे विष्णुवामांगी,हे विद्या की देवी,हे वेदवासिनी,हे वीणावादिनी आपकी कुशलता की कामना करूँ,इतना साहस मुझमें नहीं हैl हे देव और हे देवी जरा ध्यान को त्याग कर इस अभागे को … Read more