छोटे-छोटे हाथ जोड़कर
महेन्द्र देवांगन ‘माटी’ पंडरिया (कवर्धा )छत्तीसगढ़ ************************************************** छोटे-छोटे हाथ जोड़कर,प्रभु को शीश झुकाता हूँ। पूजा-पाठ न जानूँ भगवन,लड्डू भोग चढ़ाता हूँll ज्ञान बुद्धि के दाता हो तुम,संकट सब हर लेते हो। ध्यान मग्न हो जो भी माँगे,उसको तुम वर देते होll सूपा जैसे कान तुम्हारे,लड्डू मोदक खाते हो। भक्तों पर जब संकट आये,मूषक चढ़कर आते … Read more