सोशल मीडिया: उपयोगी है,पर नुकसानदायक भी

हेमेन्द्र क्षीरसागर बालाघाट(मध्यप्रदेश) *************************************************************** पहले रोटी,कपड़ा और मकान हमारी मूलभूत जरूरतें थी। फिर इसमें पढ़ाई, दवाई और कमाई जुड़ी। बाद में आर-पार,व्यापार, समाचार,संचार और दूरसंचार शामिल हुआ। सिलसिले में कम्प्यूटर,इंटरनेट और मोबाइल के मकड़जाल से ‘कर लो दुनिया मुट्ठी में’ नामक सोशल मीडिया का जन्म हुआ जो बड़े काम की और कमाल का तुंतुरा साबित … Read more

बच्चों को तराशने वाला जौहरी कौन ?

विनोद वर्मा आज़ाद देपालपुर (मध्य प्रदेश)  ************************************************ जिन पालकों के पास थोड़ा-बहुत पैसा आना शुरू होता है,वह अपने बच्चों को अशासकीय विद्यालयों में प्रवेश करा देते हैं। रेत छानने के चलने में से बारीक रेत छन जाती है,व अनुपयोगी बंडे अलग रख दिये जाते हैं,वैसे ही अत्यंत दयनीय आर्थिक स्थिति वाले पालकों के अधिकांश बच्चे शासकीय … Read more

कश्मीर में हिंसा…शुद्ध कायरता

डॉ.वेदप्रताप वैदिक गुड़गांव (दिल्ली)  ********************************************************************** कश्मीर के हाल देखने के लिए इधर से २३ यूरोपीय सांसद श्रीनगर पहुंचे और उधर कुलगाम में आतंकवादियों ने ५ मजदूरों की हत्या कर दी। इस खबर के आगे मोदी की सउदी यात्रा और बगदादी की हत्या की खबर फीकी पड़ गई। यूरोपीय सांसदों का कश्मीर-भ्रमण भी अखबारों के पिछले … Read more

एक पैग़ाम-युवा पीढ़ी के नाम…`प्रेम विवाह`

सुरेन्द्र सिंह राजपूत हमसफ़र देवास (मध्यप्रदेश) ******************************************************************************* जब कोई बेटा या बेटी अच्छा काम करते हैं,तो उसके माता-पिता गुरुओं के साथ-साथ और भी बहुत से लोग होते हैं,जिनका सिर गर्व से ऊँचा हो जाता है,लेक़िन वही बेटा या बेटी जब कोई ग़लत काम कर डालते हैं तो उनके माता-पिता के साथ साथ उनसे जुड़े बहुत सारे … Read more

भारत का शेर

गीतांजली वार्ष्णेय ‘ गीतू’ बरेली(उत्तर प्रदेश) ************************************************************************* राष्ट्रीय एकता का दूसरा नाम सरदार पटेल है। एक ऐसा व्यक्तित्व,जिसने यह साबित कर दिया कि व्यक्ति जन्म से नहीं,कर्म से महान होता है। अगर पटेल जी प्रथम प्रधानमंत्री बने होते,तो देश की स्थिति कुछ और होती। कश्मीर पाकिस्तान में न होकर हिन्दुस्तान का अंग होता। सरदार पटेल … Read more

कुछ ज्ञान के दीये भी जलाते चलें…!

अजय बोकिल भोपाल(मध्यप्रदेश)  ***************************************************************** दीपावली का पर्व अपने-आपमें कई पर्वों को समेटे आता है। इतने विविध रंगी त्यौहार,किसी एक त्यौहार में समाहित हों फिर भी उनकी प्रकृति अलग-अलग रहे,ऐसा शायद हिंदू धर्म में ही संभव है। दीपावली का त्यौहार क्यों शुरू हुआ,किसने शुरू किया,इन सवालों को उल्लास के कालीन के नीचे सरका दें तो भी … Read more

कुशल नेतृत्व के धनी रहे ‘सरदार’ वल्लभभाई पटेल

डॉ.धारा बल्लभ पाण्डेय’आलोक’ अल्मोड़ा(उत्तराखंड) ****************************************************************************** स्वतंत्रता आंदोलन के ‍महावीर,कुशल नेता,कर्मठ एवं दृढ़ व्यक्तित्व के धनी सरदार वल्लभ भाई पटेल भारत माता के उन वीर सपूतों में से एक थे,जिनमें देशसेवा की भावना कूट-कूट कर भरी हुई थी। अपनी दृढ़ता,आत्मबल,दृढ़ संकल्प शक्ति,अटल शक्ति,धैर्य, आत्मविश्वास,साहस और निर्णय क्षमता के कारण ही वह ‘लौह पुरुष’ के नाम से … Read more

लोक पर्व ‘गोबरधन’

बाबूलाल शर्मा सिकंदरा(राजस्थान) ************************************************* ‘गोधन पशुधन धन बड़े,कृष्ण बढ़ाये मान! व्यापक गोबरधन हुआ,करिये मान सुजान!!’ ‘गोवर्धन’ को हम ‘गोबरधन’ भी कहते रहें तो क्या हानि है। गोवर्धन एक व्यापक शब्द है जो हमें गो(पृथ्वी),गोवंश एवं किसान के प्रति सम्मान व संरक्षण का बोध कराता है । ‘गोबरधन’ और भी व्यापक शब्द है,जो हमें समस्त पशुधन … Read more

प्रतिभा के धनी थे सरदार वल्लभ भाई पटेल

पूनम दुबे सरगुजा(छत्तीसगढ़)  ****************************************************************************** लौह पुरुष सरदार वल्लभ भाई पटेल आपकी अच्छाई आपके मार्ग पर बाधक थी,इसलिए अपनी आँखों को क्रोध से लाल होने दीजिए, और अन्याय का मजबूत हाथों से सामना करने दीजिए। वल्लभ भाई पटेल का जन्म ३१ अक्टूबर १८७५ को हुआ। इस महापुरुष का जन्म नाडियाड गुजरात में एक लेवा कर्जर प्रतिहार … Read more

घर ही नहीं,घट को भी रोशन करें

ललित गर्ग दिल्ली ******************************************************************* भारत को त्यौहारों का देश माना जाता है। दीपावली सबसे अधिक प्रमुख त्यौहार है। यह त्यौहार दीपों का पर्व है। जब हम अज्ञान रूपी अंधकार को हटाकर ज्ञान रूपी प्रकाश प्रज्ज्वलित करते हैं तो हमें एक असीम और आलौकिक आनन्द का अनुभव होता है। दीपावली शब्द संस्कृत से लिया गया है। … Read more