अबकी बार बच गया पाकिस्तान

डॉ.वेदप्रताप वैदिक गुड़गांव (दिल्ली)  ********************************************************************** आज के दिन पाकिस्तान की साँस अधर में लटकी हुई थी। यदि पेरिस स्थित वित्तीय कार्रवाई टास्क फोर्स (एफएटीएफ) आज पाकिस्तान को उसकी भूरी सूची में से निकालकर काली सूची में डाल देती तो उसकी नय्या डूब जाती। काली सूची में आने का अर्थ है,वह अंतरराष्ट्रीय अछूत बन जाए। पाकिस्तान … Read more

जिसकी लाठी उसकी भैंस

डॉ.अरविन्द जैन भोपाल(मध्यप्रदेश) ***************************************************** प्रसंग-भारत रत्न …………………. यह बात सनातन सत्य है कि,हर युग में शासकों ने अपने अपने कार्यकाल में अपने निजियों,सम्बन्धियों और विचार धाराओं वालों को उपकृत किया थाl यह जरुरी भी होता था,कारण कि वे उस शासक के भक्त-पिछलग्गू हो जाते थेl जिनको राजाश्रय मिलता था,उनका सम्मान स्वाभाविक रूप से समाज,सत्ता में … Read more

भारतीय राजनीति में ‘चरण स्पर्श रोग’

अजय बोकिल भोपाल(मध्यप्रदेश)  ****************************************************************** भारतीय राजनीति और भारतीय मानस का एक लाइलाज लक्षण यह भी है कि जिस काम से बचने को कहा जाए,वही हर हाल में किया जाए। ऐसी ही लाइलाज बीमारियों में से एक है पैर छू संस्कृति। यूँ भारतीय परम्परा में यह बुजुर्गों,श्रेष्ठिजनों,गुरूओं और विद्वानों के प्रति सम्मान करने का प्रतीक है,लेकिन … Read more

हिंसा से बढ़ता सामाजिक अलगाव एवं अकेलापन

ललित गर्ग दिल्ली ******************************************************************* आज देश ही नहीं, दुनिया में हिंसा,युद्ध एवं आक्रामकता का बोलबाला है। जब इस तरह की अमानवीय एवं क्रूर स्थितियां समग्रता से होती है तो उसका समाधान भी समग्रता से ही खोजना पड़ता है। हिंसक परिस्थितियां एवं मानसिकताएं जब प्रबल हैं तो अहिंसा का मूल्य स्वयं बढ़ जाता है। हिंसा किसी … Read more

सावरकर साम्प्रदायिक थे या शुद्ध बुद्धिवादी ?

डॉ.वेदप्रताप वैदिक गुड़गांव (दिल्ली)  ********************************************************************** स्वातंत्र्यवीर सावरकर का स्वतंत्र भारत में क्या स्थान है ? न तो उन्हें भारत रत्न दिया गया,न संसद के केन्द्रीय कक्ष में उनका चित्र लगाया गया,न संसद के अंदर या बाहर उनकी मूर्ति स्थापित की गई,न उन पर अभी तक कोई बढ़िया फिल्म बनाई गई,न उनकी जन्म-शताब्दी मनाई गई और … Read more

`जनता के राष्ट्रपति` भारत रत्न अब्दुल कलाम की यादों का गुलदस्ता

राजेश पुरोहित झालावाड़(राजस्थान) **************************************************** १५ अक्टूबर जन्मदिवस विशेष…………….. मिसाइल मैन,देश के प्रसिद्ध अभियन्ता व भारत के पूर्व राष्ट्रपति ए.पी.जे. अब्दुल कलाम का जन्म १५ अक्टूबर १९३१ को धनुष कौड़ी ग्राम रामेश्वरम तमिलनाडु में हुआ था। वे एक मध्यमवर्गीय मुस्लिम परिवार में जन्मे थे। इनके पिताजी मछुआरों को नाव किराये पर देने का काम करते थे। … Read more

आर्थिक मंदी और रविशंकर का फिल्मी चश्मा…

अजय बोकिल भोपाल(मध्यप्रदेश)  ****************************************************************** क्या देश में सचमुच आर्थिक मंदी है ? अगर है तो वह सत्ताधीशों को क्यों नहीं दिख रही और नहीं है तो आम आदमी अपनी तंग जेब और काम-धंधों को लेकर इतना बेचैन क्यों है ? यदि देश में आर्थिक मंदी है तो वह व्यापक राजनीतिक असंतोष के रूप में व्यक्त … Read more

महर्षि वाल्मीकि:खगोल और ज्योतिष के प्रकांड पंडित

हेमेन्द्र क्षीरसागर बालाघाट(मध्यप्रदेश) *************************************************************** आश्विन माह में शरद पूर्णिमा के दिन महर्षि वाल्मीकि का जन्म हुआ था। वाल्मीकि वैदिक काल के महान गुरु,यथार्थवादी और चतुर्दशी ऋषि हैं। महर्षि वाल्मीकि को कई भाषाओं का ज्ञान था। संसार का पहला महाकाव्य रामायण लिखकर ‘आदि कवि’ होने का गौरव पाया। वाल्मीकि ने कठोर तप के पश्चात महर्षि की … Read more

राहुल की विपश्यना:रण में जूझने और रण तजने का फर्क…

  अजय बोकिल भोपाल(मध्यप्रदेश)  ****************************************************************** राजकपूर की ‍यादगार फिल्म ‘बरसात’ का गाना है-‘छोड़ गए बालम मुझे हाय अकेला छोड़ गए…।’ देश की सबसे पुरानी और सर्वाधिक सत्ता में रही कांग्रेस पार्टी में कुछ ऐसा ही आलम है। कहने को देश में २ राज्यों महाराष्ट्र और हरियाणा के विधानसभा चुनाव हो रहे हैं,लेकिन कांग्रेस इसी में … Read more

क्या गुनाह किया नुसरत जहां ने…

डॉ.अरविन्द जैन भोपाल(मध्यप्रदेश) ***************************************************** आज हम किस सदी में जी रहे हैं और हम कब तक पोंगापंथी या पुरातन शैली की जीवन जीएंगे,आखिर ये नियम किसने बनाये हैं। किसी ने भी बनाये होंगे तो उन नियमों में भी हम परिवर्तन समय के अनुसार कर सकते हैं। कब तक हम लकीर के फकीर बने रह सकते … Read more