मीरा उवाच

ओम अग्रवाल ‘बबुआ’ मुंबई(महाराष्ट्र) ****************************************************************** प्रीत प्रतीत परम प्रिय पावन,प्रिय पुनीत पुनि प्राण पखेरू। केहि विधि नेह जतावहु कान्हा,मैं पदरज तुम विकट सुमेरूll धरी अधर मुस्कान पिया हित,छलकत नीर नयन मम माहीं। सांवरि सूरत मोहनि मूरत,रूप अनूप बरन नहि जाहींll यहि उपकार करौ तुम कान्हा,हिय मा नेेह निवेदन लीजो। कोटि जनम सुख तुम पर वारौं,मोको … Read more

काश! ऐसा होता!

उमेशचन्द यादव बलिया (उत्तरप्रदेश)  *************************************************** कोई ना किसी को दु:ख देता, व्यवहार से मन को हर लेता नर के गम को नर हर लेता, सभी हँसते कोई ना रोता… काश! ऐसा होता, काश! ऐसा होता। घर में सबके खुशियाँ होतीं, हँसती बिटिया ना कभी रोती माँ की ममता ना दम तोड़ती, स्त्री का सदा सम्मान … Read more

मेंढक और कछुआ

वकील कुशवाहा आकाश महेशपुरी कुशीनगर(उत्तर प्रदेश) *************************************************************** बादल पर जा बैठे, उछलकर मेंढक राजाl मस्ती इतनी आई, लगे बजाने बाजाl पानी इतना बरसा, बादल हो गया खालीl गिर गये मेंढक राजा, कछुए ने बजाई तालीll परिचय-वकील कुशवाहा का साहित्यिक उपनाम आकाश महेशपुरी है। इनकी जन्म तारीख २० अप्रैल १९८० एवं जन्म स्थान ग्राम महेशपुर,कुशीनगर(उत्तर प्रदेश)है। वर्तमान … Read more

यार खोखले

शिवम द्विवेदी ‘शिवाय’  इंदौर (मध्यप्रदेश) ******************************************************************** तू रहने दे तेरे बस का नहीं ये काम,क्यों लगा है जी-जान से, जब मिलना नहीं कुछ ख़ास लगे न मन तेरा सकल बेजान है ए मुसाफिर तू रुकने नाम न ले ये ताने तुझे भरपूर मिलेंगे, राहों में तुझे कुछ मगरूर तो कुछ मजबूर जरूर मिलेंगेl रख हौंसला … Read more

अनंतदास

डाॅ.आशा सिंह सिकरवार अहमदाबाद (गुजरात )  **************************************************************** वह आदिवासी लड़का, दिन-दिन भर चढ़ता पहाड़ों पर, चींटियों के साथl उनकी भूख को अपनी हथेली पर सजाता, फिर उतरता पेड़ों से छाँव बनकरl अब शहर में, धोते हुए चाय के कप, गिरती जाती बूँद-बूँद कुएँ मेंl सिहर उठती पीठ, मालिक की आवाज पर दौड़ता,नहीं रूकता एक भी … Read more

बधाईयाँ श्रीराम को

डॉ.राम कुमार झा ‘निकुंज’ बेंगलुरु (कर्नाटक) **************************************************************************** आज मुक्त हो राम लला,विजयी बन अधिराज। रामराज्य भारत बने,नव भारत आगाज़ll सच जीता संकल्प दृढ़,जीता कोशल राज। जय श्रीराम जयघोष से,अभिनंदित समाजll लौटी भारत अस्मिता,रामलला सम्मान। महाविजय भारत प्रजा,संघर्षी अरमानll पुलकित है माँ भारती,प्रमुदित जन मन देश। रामलला पा अयोध्या,धन्य हुआ अवधेशll आज विजय है न्याय का,सत्य … Read more

इक जंग लड़नी शेष है

नताशा गिरी  ‘शिखा’  मुंबई(महाराष्ट्र) ********************************************************************* इक जंग लड़नी शेष है, खुद को नमन अभिषेक है। इस जिंदगी रेस में, आतंक के परिवेश में। फल-फूल रहा है जो, कातिलों के आगोश में। मदहोश है वो, खंजरों के आवेश में। भूल गए कुर्बानियां, आजाद,भगत सुखदेव की। याद करानी होगी उनको, भूल गये हैं जो उन सबको। जोहर … Read more

काश! मैं भी परिंदा होता…

विनोद सोनगीर ‘कवि विनोद’ इन्दौर(मध्यप्रदेश) *************************************************************** मैं भी काश परिंदा होता, उन्मुक्त गगन में उड़ता रहता। मैं भी काश… पंख फैलाए अपने दोनों, आसमां को बाँहों में भरता। मैं भी काश… चीं-चीं करता पेड़ों पर रहता, हवा के रुख से ऊंचा उड़ता। मैं भी काश… एक-एक तिनका बीन-बीन कर, सुंदर-सा अपना घोंसला बुनता। मैं भी … Read more

राम जन्मभूमि

निर्मल कुमार जैन ‘नीर’  उदयपुर (राजस्थान) ************************************************************ (रचनाशिल्प:१२३२१) बने राम मंदिर जन्म भूमि भर हमारी यही कामना। ख़त्म हुआ वनवास राम लला मंदिर बनने की आस। अयोध्या शांति सौहार्द हिन्दू मुस्लिम की बनती एक मिसाल। परिचय-निर्मल कुमार जैन का साहित्यिक उपनाम ‘नीर’ है। आपकी जन्म तिथि ५ मई १९६९ और जन्म स्थान-ऋषभदेव है। वर्तमान पता … Read more

यही हम बोलेंगे

लालचन्द्र यादव आम्बेडकर नगर(उत्तर प्रदेश) *********************************************************************** इक बोगी में भर लो कई हजार, यही,हम बोलेंगे। जीवन जबकि,फंसा हुआ मझधार, यही,हम बोलेंगे। पटना जैसे स्टेशन पर, भीड़ लगी है भारी। मुंबई नगरी जाने वाले, जुटे हुए नर-नारी। इधर पसीने से भीगे हम सरकार, यही,हम बोलेंगे। जीवन जबकि,फंसा हुआ मझधार। यही,हम बोलेंगेll सीट ठसा-ठस भरी हुई, अगल-बगल … Read more