फसलों का `गर्भपात’
ओमप्रकाश अत्रि सीतापुर(उत्तरप्रदेश) ******************************************************************************** यदि, घड़ी भर के लिए उनके पास ठिठक जाती है नींद, तब भी मेरे पिता जी, नींद में बड़बड़ाते रहते हैं। उनके हाथ, नींद में भी थिरकते हैं ऐसे, जैसे जागृत अवस्था में खेत से, छुट्टा पशुओं को भगा रहे हों। जरा-सा, मक्के की पाती यदि हिल जाती है हवा से, … Read more