मिलना-रूठना…

सारिका त्रिपाठी लखनऊ(उत्तरप्रदेश) ******************************************************* उसने कहा- अगर देवी के दर्शन हो सकते हैं तो मैं मिलना चाहूँगा। मैंने कहा- मैं तो वापिस जा रही हूँ एक साल बीत गया। मैंने कहा- मुझे मिलना है तुमसे। उसने बहाने बना लिए, फिर वो बहाने ही बनाता रहा तीन साल तक। एक दिन मैंने कह दिया- मुझे अब … Read more

मुस्कराना जिन्दगी है..

संजय जैन  मुम्बई(महाराष्ट्र) ************************************************ फूल बनकर मुस्कराना जिन्दगी है, मुस्कुरा के गम भुलाना जिन्दगी हैl मिलकर लोग खुश होते हैं तो क्या हुआ, बिना मिले दोस्ती निभाना भी जिन्दगी हैll जिंदगी जिंदा दिलों की आस होती है, मुर्दा दिल क्या खाक जीते हैं जिंदगी। मिलना-बिछुड़ जाना तो लगा रहता है, जीते-जी मिलते रहना ही जिंदगी … Read more

एक बार और…

ऋतुराज धतरावदा इंदौर(मध्यप्रदेश) ******************************************************************* सोचता हूँ कुछ देर सुस्ता लूँ, झील किनारे बैठकर कहीं पीलूँ थोड़ा-सा मौन, खुद के अंदर उतरूँ जहाँ बरसों पहले, जाया करता था कभीl हर चीज को फिर सलीके से सजाऊँ, आईने को साफ कर वही पुराने कपड़े पहन, नजरभर खुद को भी देखूँ समय के साथ उग आई सलवटों पर … Read more

मच्छर

इंदु भूषण बाली ‘परवाज़ मनावरी’ ज्यौड़ियां(जम्मू कश्मीर) ******************************************************** मच्छर को, कभी कम मत आंको। चूंकि, मच्छर घात लगाकर कभी वार नहीं करता। बल्कि, ललकारते हुए करता है आत्मघाती हमला, और चूस लेता है, मानव का रक्त अपनी जान की बाजी लगाकरl अब बताओ, करके गहन मंथन कि, क्या मच्छर उन तथाकथित अपनों से कहीं अधिक … Read more

भाईचारा

बाबूलाल शर्मा सिकंदरा(राजस्थान) ************************************************* हार-जीत का वोट युद्ध था, कोई जीता-कोई हारा। दल दलदल को भूल सखे अब, अपना लो भाईचारा। जीत किसी की नहीं चुनावी, यह तो जनमत जीता है। राष्ट्रप्रेम का भाव जगा है। देख रहा है जग सारा। हार नहीं है यह विपक्ष की, यह तो बस गठबंधन हारा। जाति-धर्म अरु क्षेत्रवाद … Read more

कोयल की कुहूक

विजय कुमार मणिकपुर(बिहार) ****************************************************************** कोयल कुहूक-कुहूक कर बोली मोर पपीहा मेरे भाई, बंदर भालू ने दौड़ लगाई आपस में सब भाई-भाई। शेर-शेरनी ने ब्याह रचाया पंडित जी को घर पे बुलाया, हलुआ पूरी सेंवई बनाई जंगल में वो खूब लुटाया। हिरण मोर संग रास रचाया गजानंद को खूब खिलाया, तोते ने आवाज लगाई पिंजरे खोल,मुक्त … Read more

मैं डर कर भाग जाता हूँ

वकील कुशवाहा आकाश महेशपुरी कुशीनगर(उत्तर प्रदेश) ****************************************************************** नहीं तेरे मैं सपनों में लगाने आग जाता हूँ। तुम्हारा जिक्र आते ही मगर मैं जाग जाता हूँ। कहीं फिर प्यार का इजहार तुम करने चली आओ- तेरे कदमों की आहट से मैं डर कर भाग जाता हूँ। परिचय-वकील कुशवाहा का साहित्यिक उपनाम आकाश महेशपुरी है। इनकी जन्म तारीख … Read more

तुम भूल गए प्रियतम …

अनिता मंदिलवार  ‘सपना’ अंबिकापुर(छत्तीसगढ़) ************************************************** (धुन-इक प्यार का नगमा है…) एक तू ही तो अपना है, बाकी सब सपना है। तुम भूल गए प्रियतम, अब विरह में तपना है। रूठ गया तू अगर, बस माला जपना हैll एक तू ही तो अपना है, बाकी सब सपना है… कहो मेरी किस्मत अब, यहाँ और कितना सहना … Read more

हसीन पर जाँ निसार करना

अवधेश कुमार ‘आशुतोष’ खगड़िया (बिहार) **************************************************************************** हसीन पर जाँ निसार करना, सुघड़ बदन में विहार करना। बनो बहादुर जिगर बड़ा रख, गरीब का मत शिकार करना। उधार लेकर दुकान कर लो, पचास से फिर हजार करना। नहीं रहेगा सदा ये जीवन, क्षणिक है यौवन विचार करना। भले सहो तुम सितम जमाना, न दोस्त दिल में … Read more

न करने से कुछ करना महत्वपूर्ण है

शशांक मिश्र ‘भारती’ शाहजहांपुर(उत्तरप्रदेश) ************************************************************************************ प्रिय शिखर, आशीर्वाद। एक साल पहले तक मेरे पास थे,बहुत सारी बातें होती थीं। कई मुद्दों पर चर्चा होती थी। कई बार साथ में बाहर घूमने जाते। वहां भी किसी न किसी विषय पर हम लोगों की बात ही चलती। मेरा प्रयास रहता कि आपकी जिज्ञासा के अनसुलझे प्रश्नों में … Read more