हिन्दी:जनता और प्रशासक राष्ट्रभाषा के रूप में स्वीकारें
डॉ.राम कुमार झा ‘निकुंज’बेंगलुरु (कर्नाटक) ************************************************* मागधी अर्द्ध मागधी प्राकृत संस्कृत से निर्मित ग्यारह सौ वर्षों के वृहद काल में नवांकुरित नवपल्लवित, पुष्पित और सुरभित फलित हिन्दी भाषा और साहित्य आदिकाल, भक्तिकाल, रीतिकाल, आधुनिक काल और अर्वाचीन काल में प्रसूत पालित पोषित सम्वर्द्धित होती हुई राजभाषा हिंदी आज विश्व की सर्वाधिक बोली जाने वाली तृतीय … Read more