नशे से जन-धन की घोर हानि

डॉ.अरविन्द जैनभोपाल(मध्यप्रदेश)***************************************************** अंतरराष्ट्रीय नशा निवारण दिवस-२६ जून विशेष…. नशा एक ऐसी बुराई है,जो हमारे समूल जीवन को नष्ट कर देती है। नशे की लत से पीड़ित व्यक्ति परिवार के साथ समाज पर बोझ बन जाता है। युवा पीढ़ी सबसे ज्यादा नशे की लत से पीड़ित है। सरकार इन पीड़ितों को नशे के चुंगल से छुड़ाने … Read more

बंदर क्या जाने अदरक का स्वाद…!

रोहित मिश्रप्रयागराज(उत्तरप्रदेश)*********************************** बात लगभग २०१० की है,जब मैंने इलाहाबाद विश्वविद्यालय के दर्शनशास्त्र विभाग में परास्नातक करने के लिए प्रवेश लिया। उस समय मैं बकायदा ढीली शर्ट और सामान्य पेंट पहनता था। ढीली-ढाली शर्ट पैंट पहनकर बकायदा गले में सफेद अंगौछा डालकर महाविद्यालय जाया करता था। मैंने शहर के ही इलाहाबाद विश्वविद्यालय से संबंधित महावीर प्रसाद … Read more

‘भाषा’ का दिवस..अंधी दौड़

राधा गोयलनई दिल्ली****************************************** अपनी संस्कृति और संस्कारों को जब हम स्वयं अपने जीवन और लोक व्यवहार में नहीं ला पा रहे हों और उस पर भी पश्चिमी खुलेपन के लिए लाल कालीन बिछाने के बाद यह अपेक्षा करना कि हमारी नई पीढ़ी उस आकर्षण से बिल्कुल अछूती रहकर हमारी अपनी पारंपरिक नैतिक मान्यताओं से चिपकी … Read more

क्या गारंटी कि,अनाज-वितरण में धांधली नहीं होगी !

डॉ.वेदप्रताप वैदिकगुड़गांव (दिल्ली) ******************************* केंद्र सरकार और दिल्ली की सरकार के बीच आजकल अजीब-सा विवाद चला हुआ है। दिल्ली की केजरीवाल-सरकार दिल्ली के लगभग ७२ लाख लोगों को अनाज उनके घरों पर पहुंचाना चाहती है लेकिन मोदी सरकार ने उस पर रोक लगा दी है। इन गरीबी की रेखा के नीचे वाले लोगों को ‘प्रधानमंत्री गरीब … Read more

प्यारा-सा बन्धन

डॉ.मधु आंधीवालअलीगढ़(उत्तर प्रदेश)**************************************** विश्व सौहार्द दिवस स्पर्धा विशेष…. रमा आज बहुत खुश थी,कल उसकी मनु की शादी है। ऐसा लग रहा है शायद कभी और किसी की शादी ही ना हुई पहले। रमा बीते दिनों की यादों में खो गई… जब वह इस हवेली में शादी करके आई, तब बहुत रौनक थी। सास,जमींदार ससुर,दो प्यारी … Read more

सौहार्द बनाम मानवतावादी ऊँची सोच

शशि दीपक कपूरमुंबई (महाराष्ट्र)************************************* विश्व सौहार्द दिवस स्पर्धा विशेष…. ‘धर्मों रक्षति रक्षति:,तयो धर्मस्ततो जय:।’ अर्थात् राष्ट्र धर्म से बड़ा कोई धर्म नहीं होता है।‘जो भरा नहीं है भावों से,बहती जिसमें रसधार नहीं, वह हृदय नहीं पत्थर है,जिसमें ‘स्वदेश’ से प्यार नहीं।’ स्वतंत्रता प्राप्ति के २९ वर्ष के बाद १९७६ में भारतीय संविधान के ४२वें संशोधन … Read more

क्या खोया,क्या पाया!

श्रीमती चांदनी अग्रवालदिल्ली***************************** विश्व सौहार्द दिवस स्पर्धा विशेष…. ‘कोरोना’ काल में कई परिवारों ने अपनों को खोया है। किसी ने माता-पिता को,तो किसी ने अपनी संतान को खोया है। कुछ परिवार कोरोना की चपेट में आए,परंतु धीरे-धीरे स्वस्थ हो गए।बात उन परिवारों की करें,जो कोरोना से पूर्णत: बचे रहे। आप क्या सोचते हैं क्या यह … Read more

परस्पर हित की कामना ही सौहार्द

गोवर्धन दास बिन्नाणी ‘राजा बाबू’बीकानेर(राजस्थान)*********************************************** विश्व सौहार्द दिवस स्पर्धा विशेष…. सौहार्द का उद्गम या उद्भव संस्कृत से है,जिसका अर्थ है हृदय की सरलता या सद्भाव जो हमें माँ व उसके बच्चों के बीच में तो देखने मिलता ही है, लेकिन इसके अलावा आपसी मित्रता में भी देखने मिलता है। अब आपसी मित्रता २ व्यक्ति के बीच … Read more

योग का कोई विकल्प नहीं

प्रो.डॉ. शरद नारायण खरेमंडला(मध्यप्रदेश) ********************************************** विश्व योग दिवस विशेष ‘तन-मन को जो स्वस्थ कर,दे चोखे आयाम।योग प्रबल इक शक्ति है,देती नव परिणाम॥’सामान्य भाव में योग का अर्थ है जुड़ना,यानी दो तत्वों का मिलन योग कहलाता है। आत्मा का परमात्मा से जुड़ना यहां अभीष्ट है। योग की पूर्णता इसी में है कि जीव भाव में पड़ा … Read more

सम्बन्ध-बंधनों से परे

अल्पा मेहता ‘एक एहसास’राजकोट (गुजरात)*************************************** विश्व सौहार्द दिवस स्पर्धा विशेष…. सम्बन्ध शब्द का क्या अर्थ होता है ?… ‘सम्यक्’ का अर्थ पूरी तरह से,चारों ओर से अथवा परिपूर्ण। अर्थात सम्बन्ध शब्द का अर्थ होता है, ‘चारों ओर से बंधन’,’सब प्रकार से बंधन’ अथवा ‘परिपूर्ण बंधन।’संसार में माता-पिता,भाई-बहन,जीजा,दामाद,बाप-बेटी,माँ-बेटी आदि) को हम लोग सम्बन्धी (रिश्तेदार,नातेदार) कहते हैं।हर … Read more