तप एवं संयम की अक्षय मुस्कान का पर्व

ललित गर्गदिल्ली ************************************** अक्षय तृतीया(१४ मई)विशेष….. अक्षय तृतीया महापर्व का न केवल सनातन परम्परा में,बल्कि जैन परम्परा में विशेष महत्व है। इसका लौकिक और लोकोत्तर-दोनों ही दृष्टियों में महत्व है। इस त्यौहार के साथ-साथ एक अबूझा मांगलिक एवं शुभ दिन भी है,जब बिना किसी मुहूर्त के विवाह एवं मांगलिक कार्य किए जा सकते हैं। रास्ते … Read more

मानवीय संवेदनाओं पर भारी स्वार्थ

डॉ.राम कुमार झा ‘निकुंज’बेंगलुरु (कर्नाटक) *************************************** आज समाज,शहर,नगर,प्रदेश,देश या यूँ कहें सम्पूर्ण मानव जगत ‘कोरोना’ महामारी की विकराल मौत के तांडव में फँसा त्राहि माम्-त्राहि माम् शिव कर रहा है। श्वांसों की डोर प्राणवायु (ऑक्सीजन) के मकड़जाल में फँसी कराह रही है। एक ओर प्राणवायु की किल्लत तो दूसरी ओर संवेदनाविहीन शैतानी प्राणवायु चोरी,सौदेबाजी, जमाखो़री,गबन … Read more

‘कोरोना’ पर काबू संभव,लेकिन…

डॉ.वेदप्रताप वैदिकगुड़गांव (दिल्ली) ******************************* यदि विश्व स्वास्थ्य संगठन टीकों पर से पेटेंट (अधिकार,स्वामित्व) का बंधन उठा लेता है तो १००-२०० करोड़ टीकों का इंतजाम करना कठिन नहीं है। अमेरिकी, यूरोपीय,रुसी और चीनी कंपनियां चाहें तो भारत को करोड़ों टीके कुछ ही दिनों में भिजवा सकती है। खुद भारतीय कंपनियां भी इस लायक हैं कि वे हमारी … Read more

‘कोरोना’ क्या-क्या छीनोगे!

डॉ.अरविन्द जैनभोपाल(मध्यप्रदेश)**************************************** इतिहास में पढ़ा था कि युद्धों में-महामारियों में बहुतों की मौत हुई थी और रात में कभी भी दाह संस्कार नहीं होते थे,पर इस ‘कोरोना’ ने सब बदल दिया है। जो संक्रमित हैं,या थे या होंगे की अलग-अलग कहानियां हैं। यह समय दुर्दिन के हैं। इस समय उदासी,निराशा,हताशा,दुःख,शोक की लहर हर घर,समाज,मुहल्ले,नगर,महानगर, देश … Read more

माँ जैसा प्यार किसी भी रिश्ते में नहीं

नमिता घोषबिलासपुर (छत्तीसगढ़)**************************************** ‘विश्व मातृ दिवस’ सारे विश्व में मनाया जाता है। यूँ तो जिंदगी का कोई एक दिन या तारीख माँ को विशेष सम्मानार्थ के लिए ‘मातृ दिवस’ के रूप में मनाने का कोई भी औचित्य नहीं है। कारण,सृष्टि के आरंभ से माँ है-धरती,स्वयं माँ है प्रकृति,स्वयं माँ ही है जीवन का आधार। प्रतिदिन … Read more

ग़ज़ल के चलते-फिरते विश्वविद्यालय थे डॉ. दरवेश भारती

संदीप सृजनउज्जैन (मध्यप्रदेश) *************************************** श्रद्धांजलि:स्मृति शेष…… ‘जितना भुलाना चाहें भुलाया न जायेगा,दिल से किसी की याद का साया न जायेगा।’इस संजीदा अशआर को कहने वाले डॉ. दरवेश भारती जी ३ मई २०२१ को दुनिया को अलविदा कह गए,लेकिन जो काम हिंदी, उर्दू साहित्य के लिए वे कर गए,वह आने वाले कई सालों तक उनको ज़मीन पर … Read more

घर सुरक्षित तो ही देश स्वस्थ

मंजू भारद्वाजहैदराबाद(तेलंगाना)******************************************* सुबह की पहली डोर बेल बजते ही हम दौड़ पड़ते हैं अखवार के लिए। बचपन से यही तो देखा है कि सुबह की शुरुआत गर्मा-गर्म चाय और गर्मा-गर्म ख़बरों के साथ होती रही है,पर आज के इस दौर में अख़बार का हर पन्ना, टी.वी. का हर चैनल, मीडिया का हर श्रोता लहूलुहान है। … Read more

अब जातिय आरक्षण खत्म करें,जरुरत के आधार पर हो

डॉ.वेदप्रताप वैदिकगुड़गांव (दिल्ली) ******************************* सर्वोच्च न्यायालय ने महाराष्ट्र में मराठा लोगों के आरक्षण को बढ़ाने वाले कानून को असंवैधानिक घोषित कर दिया है। महाराष्ट्र विधानसभा ने एक कानून सर्वसम्मति से पारित करके सरकारी नौकरियों और शिक्षा-संस्थाओं में प्रवेश के लिए मराठा जाति का कोटा १६ प्रतिशत बढ़ा दिया,याने कुल मिलाकर जातिय आरक्षण ६८ प्रतिशत हो गया, … Read more

कोरोना:अनुत्तरित प्रश्न…

डॉ.सरला सिंह`स्निग्धा`दिल्ली************************************** आज भारत ही नहीं,पूरा विश्व ही इस कोरोना की चपेट में आया हुआ है। कितने घरों से तो पूरा परिवार ही साफ हो गया। कितने लोग ऐसे भी हैं, जो मंहगी दवाइयाँ खरीदते-खरीदते बर्बाद हो गए। किसी के जेवर बिके तो किसी के मकान औरदुकान तक बिक गए। कोई अपने किसी को बचाकर … Read more

मुझे आज कुछ कहना है माँ

डॉ. वंदना मिश्र ‘मोहिनी’इन्दौर(मध्यप्रदेश)************************************ अन्तर्राष्ट्रीय मातृ दिवस’ विशेष…. माँ, इस ‘मातृ दिवस’ के अवसर पर आपसे कुछ कहना है। माँ,आपका दिन किसी एक दिन का मोहताज़ नहीं है,पर यदि महिला सशक्तिकरण के रूप में आपको देखें तो आपसे अच्छा उदाहरण मेरे लिए कोई नहीं हो सकता है।आप उस जमाने या माहौल में रही,जब महिलाओं का … Read more