उफ्! और कितनी श्रद्धांजलियां…?

अजय बोकिलभोपाल(मध्यप्रदेश)  ****************************************** पश्चिम बंगाल चुनाव में ममता बैनर्जी की धमाकेदार जीत,असम में भाजपा और केरल में वाम गठबंधन की वापसी,उप्र पंचायत चुनाव में भाजपा की सिकुड़ती ताकत,बंगाल में चुनाव पश्चात हिंसा और श्मशान में शहनाई की तरह बजते आईपीएल की दुकान बंद होने जैसी कई घटनाएं हाल में घटी हैं, ‍िलेकिन लगा कि,कोरोना का … Read more

‘कें चु आ’ वास्तव में बिना रीढ़-दांत का शेर !

डॉ.अरविन्द जैनभोपाल(मध्यप्रदेश)****************************************** मद्रास उच्च न्यायालय द्वारा केन्द्रीय चुनाव आयोग यानी ‘के.चु.आ.’ को फटकार के साथ कहा गया कि,चुनाव के कारण होने वाली मौतों के लिए चुनाव आयोग जिम्मेदार है। इस कारण उनके ऊपर हत्या का मुकदमा चलना चाहिए।अब सवाल क़ि,जो आयोग दूसरों पर आश्रित है,यानी परजीवी है,उसके ऊपर कार्यवाही करने से क्या होगा। बिना कारण … Read more

जीवन है अनमोल

रोहित मिश्रप्रयागराज(उत्तरप्रदेश)*********************************** हमारा जन्म इस जगत में एक विशेष प्रयोजन के तहत हुआ है। इस जगत में हम अपने निर्धारित कार्य को संपादित करने के लिए आते हैं। ये दुनिया एक रंगमंच है,और हम इस रंगमंच के सिर्फ एक पात्र है। अर्थात हमारा जन्म किसी न किसी कार्य को संपादित करने के लिए हुआ है,और … Read more

दया

सुरेन्द्र सिंह राजपूत हमसफ़रदेवास (मध्यप्रदेश)****************************************** अपनी बाईक स्टैण्ड पर खड़ी कर मैं बस की तरफ़ बढ़ रहा था,तभी एक भिखारी हाथ में भगवान की फ़ोटो लिए मुझसे पैसे मांगने लगा। मुझे उसके भीख मांगने पर बड़ा आश्चर्य हुआ,क्योंकि वह एक नौजवान व्यक्ति था। मुझे अपनी डायरी में लिखा एक सुविचार याद आया कि-‘दान के दो ही … Read more

कसक

डॉ.मधु आंधीवालअलीगढ़(उत्तर प्रदेश)**************************************** शोभित मुस्कुराता हुआ अपने मोबाइल पर फटाफट उँगलियां दौड़ा रहा था! उसकी पत्नी नीरजा बहुत देर से उसके पास बैठी खामोशी से देख रही थी,जो उसकी रोज़ की आदत हो गई थी और जब भी कोई बात शोभित से करती तो जवाब ‘हाँ’-‘हूँ’ में ही होता या नपे-तुले शब्दों में!“किससे चैटिंग कर … Read more

विधिवत दीक्षित न होते हुए भी भाषा विज्ञान के क्षेत्र में अमिट छाप छोड़ी

प्रो. कृष्ण कुमार गोस्वामी:स्मृतियाँ प्रो. ठाकुर दास- सुप्रसिद्ध हिंदी भाषाविद् और अनुवाद सिद्धांत विशेषज्ञ प्रो. कृष्ण कुमार गोस्वामी का असामयिक निधन अत्यंत दुखद एवं स्तब्ध करनेवाला है। गोस्वामी जी के साथ मेरा लगभग ५६-५७ वर्ष का मैत्रीपूर्ण परिचय एवं संबंध रहा है। वर्ष १९६४ में वे संघ लोक सेवा आयोग में कार्यरत थे,तभी मेरी आयोग … Read more

‘कोरोना’ की कूटनीति

डॉ.वेदप्रताप वैदिकगुड़गांव (दिल्ली) ******************************* भारत में फैले ‘कोरोना’ की प्रतिध्वनि सारी दुनिया में सुनाई पड़ रही है। अमेरिका से लेकर सिंगापुर तक के देश चिंतित दिखाई पड़ रहे हैं। जो अमेरिका कल-परसों तक भारत को टीका या उसका कच्चा माल देने को बिल्कुल भी तैयार नहीं था,आज उसका रवैया थोड़ा नरम पड़ा है। अमेरिका के कई … Read more

आस्था और अंधविश्वास में जमीन-आसमान का अन्तर

रोहित मिश्रप्रयागराज(उत्तरप्रदेश)*********************************** हमारा भारतवर्ष एक धार्मिक देश के रुप में विख्यात है। हमारे देश के हर धर्म में आस्थावानों की कमी नहीं है। जिन लोगों का भारतीय संस्कृति से लगाव नहीं है,या फिर ये कहा जाए कि जिन पर पश्चिमी सभ्यता का अधिक प्रभाव है,उनका मानना है कि भारतीय अंधविश्वासी हैं।आस्था को अंधविश्वास और अंधविश्वास … Read more

हाय मेरा इश्क़!

क्रिश बिस्वालनवी मुंबई(महाराष्ट्र)******************************** “वो तेरी तरह मुझे छोड़ कर कभी नहीं जाती!”“इसलिए हमेशा के लिए तुम्हें छोड़कर चली गई!”“उसकी कोई मज़बूरी रही होगी…।”“अक्लमंद निकली,किसी अमीर आदमी की बीवी बन कर ऐश कर रही होगी!”एक तीर-सी चुभती बात निकली और…तड़ाक!जब भी उसे छोड़कर जाती,सिद्धार्थ ताने देता और फिर यही होता। जैसे ही सिद्धार्थ का पीना शुरू … Read more

प्राणवायु से ईमान तक…क्या नहीं बिक रहा!

अजय बोकिलभोपाल(मध्यप्रदेश)  ****************************************** कुछ लोग भले इसे नकारात्मक सोच मानें, लेकिन कोरोना-२ ने एक बार फिर इंसान के दो चेहरों को बेनकाब कर दिया है। एक तरफ वो लोग हैं,जो दिन-रात एक कर कोविड के जानलेवा हमले से मरीजों को अपनी जान जोखिम में डालकर बचाने में जुटे हैं,तो दूसरी तरफ वो हैवान हैं,जो इस … Read more