समस्याओं का समाधान महावीर के सिद्धान्तों-उपदेशों में निहित

ललित गर्गदिल्ली ************************************** महावीर जन्म जयन्ती- २५ अप्रैल विशेष…. भगवान महावीर की जन्म जयन्ती मनाते हुए हमें महावीर बनने की तैयारी करनी होगी,हम महावीर को केवल पूजें ही नहीं,बल्कि उनको जीएं-तभी जयन्ती मनाने की सार्थकता है। उन्होंने जो शिक्षाएं दी,वे जन-जन के लिए अंधकार से प्रकाश,असत्य से सत्य एवं निराशा से आशा की ओर जाने … Read more

हे ईश्वर! आप तो दयावान हो

मोहित जागेटियाभीलवाड़ा(राजस्थान)************************************** हे ईश्वर…इस मानव जाति पर आए संकट को हरने के लिए अब आप सबकी सुनो। हर तरफ हाहाकार मचा हुआ है। इस विपत्ति से हर इंसान घबरा गया है। दुनिया में ये आपदा धीरे-धीरे भयानक होती जा रही है। हर इंसान चीख रहा है और सुनने वाला कोई नहीं है। इस महाबीमारी ने … Read more

संकट:भारत का सिकुड़ता मध्यम वर्ग

डॉ.वेदप्रताप वैदिकगुड़गांव (दिल्ली) ******************************* ‘कोरोना’ की महामारी के दूसरे हमले का असर इतना तेज है कि लाखों मजदूर अपने गाँवों की तरफ दुबारा भागने को मजबूर हो रहे हैं। खाने-पीने के सामान और दवा-विक्रेताओं के अलावा सभी व्यापारी भी परेशान हैं। उनके काम-धंधे चौपट हो रहे हैं। इस दौर में नेता और चिकित्सक लोग ही ज़रा … Read more

ऑक्सीजन की लूट है,लूट सके तो लूट

नवेन्दु उन्मेषराँची (झारखंड) *************************************** पहले कहावत हुआ करती थी ‘धन-धरती की लूट है लूट सके तो लूट,अंतकाल पछताएगा,जब प्राण जाएंगे छूट’, लेकिन अब तो धन-धरती की लूट की बातें:पुरानी हो गई। अब तो जिसे देखो,ऑक्सीजन लूटने में लगा हुआ है। मप्र के एक अस्पताल में जैसे ही ऑक्सीजन पहुंची,मरीजों के परिजनों ने ऑक्सीजन से भरे … Read more

जिनका जीवन एक मिशन था

श्रद्धांजलि-स्व. डॉ. नरेन्द्र कोहली 🔳अनिल जोशी(उपाध्यक्ष-केन्द्रीय हिंदी संस्थान,शिक्षा मंत्रालय,भारत सरकार)anilhindi@gmail.comनरेंद्र कोहली से मेरा परिचय लगभग ३० वर्ष पुराना और घनिष्ठ है। जब मैंने ‘दीक्षा’ पढ़ा ही था अदुभुत! अविस्मरणीय! जिस देश में रामचरित मानस को गाली देना फैशन बन गया हो,वहां पर रामायण पात्रों में सहृदयता और प्रगतिशीलता भर कोहली जी ने रामकथा को नए … Read more

रामकथा के मौलिक दृष्टा नरेन्द्र कोहली

प्रो.डॉ. शरद नारायण खरेमंडला(मध्यप्रदेश) ******************************************** श्रद्धांजलि आधुनिक युग में नरेन्द्र कोहली ने साहित्य में आस्थावादी मूल्यों को स्वर दिया है। सन् १९७५में उनके रामकथा पर आधारित उपन्यास ‘दीक्षा’ के प्रकाशन से हिंदी साहित्य में ‘सांस्कृतिक पुनर्जागरण का युग’ प्रारंभ हुआ,जिसे हिन्दी साहित्य में ‘नरेन्द्र कोहली युग’ का नाम देने का प्रस्ताव भी जोर पकड़ता जा … Read more

हिंदी भाषा और भारतीय संस्कृति को बचाने में सहायता कीजिए…

डॉ. अशोक कुमार तिवारी********************************* ओमान से हिंदी शिक्षक की गुहार जैसे मैं पहले लिख चुका हूँ सीबीएसई से सम्बद्ध इंडियन स्कूल निजवा ओमान से हिन्दी भाषी हिन्दी शिक्षक-शिक्षिकाओं को षड्यंत्र करके हटाकर हिन्दी भाषा को कमजोर किया जा रहा है। ये बातें लिखने पर विद्यालय वाले जेल में बंद करवा देने की धमकियाँ दे रहे … Read more

विदेश नीतिःमौलिक पहल जरुरी

डॉ.वेदप्रताप वैदिकगुड़गांव (दिल्ली) ******************************* अन्तरराष्ट्रीय राजनीति का खेल कितना मजेदार है, इसका पता हमें चीन और अमेरिका के ताजा रवैयों से पता चल रहा है। चीन हमसे कह रहा है कि हम अमेरिका से सावधान रहें और अमेरिका हमसे कह रहा है कि हम चीन पर जरा भी भरोसा न करे, लेकिन मेरी सोच है कि … Read more

‘आयातित साँसें’…आत्मचिंतन…विवशता

अजय बोकिलभोपाल(मध्यप्रदेश)  ****************************************** देश में ‘कोरोना’ के कहर के चलते चिकित्सा ऑक्सीजन की किल्लत को दूर करने के लिए विदेशों से ऑक्सीजन आयात करने का मोदी सरकार का फैसला सही है। एक तरह से यह जीवनरूपी साँसें आयात करने का अहम फैसला है,लेकिन इस फैसले का व्यावहारिक असर दिखने में वक्त काफी लगेगा। इसी तरह … Read more

भ्रामक विज्ञापनों से बचें उपभोक्ता

रोहित मिश्र,प्रयागराज(उत्तरप्रदेश)*********************************** सुबह-सुबह अखबार के पृष्ठ को पलटा तो मेरी नजर अखबार के विज्ञापन पृष्ठ पर चली गर्ई,पूरा एक पृष्ठ तो छोटे-छोटे विज्ञापन के स्तम्भों से पटा पड़ा था।एक स्तम्भ देखा तो ऐसे लग रहा था कि,लोग बेवजह ही सरकार को बेरोजगारी के मुद्दे पर कोसते रहते है। तुम पढ़े-लिखे हो या अनपढ़… ३०-४० हजार … Read more