मतभेद भुलाने का पर्व संक्रांति

सानिया आदिल पाशामुम्बई (महाराष्ट्र)********************************** मकर सक्रांति स्पर्द्धा विशेष…. सूर्य ने अपनी आँखें खोली,आकाश में उजाला छा गया। पक्षी अपने-अपने घरों से दाने की खोज में निकल पड़े। मुर्गे ने सबको संदेश दिया, जागो आज मकर संक्राति है। रमेश पिता के साथ आँगन में बैठा था। उसने अपने बाबा से पूछा कि,बाबा मकर संक्रांति का मतलब … Read more

‘मकर संक्रांति’-वैज्ञानिक दृष्टिकोण का विशेष पर्व

दिपाली अरुण गुंडमुंबई(महाराष्ट्र) ***************************** मकर सक्रांति स्पर्द्धा विशेष…. भारत कृषि प्रधान देश है,इसलिए भारत में मनाए जाने वाले ज्यादातर त्योहार इसी पर आधारित हैं। इनमें से एक है ‘मकर संक्रांति।’ ‘मकर’ का अर्थ है ‘सूर्य’ एवं ‘संक्रांति’ का अर्थ है ‘संक्रमण।’ सूर्य के ‘उत्तरायण’ की यह शुरुआत होती है। महाराष्ट्र में इसे ‘संक्रांत’,पंजाब में ‘लोहड़ी’ … Read more

अनेक नाम और एकता का पर्व ‘मकर संक्रांति’

गोवर्धन दास बिन्नाणी ‘राजा बाबू’बीकानेर(राजस्थान)*********************************************** मकर सक्रांति स्पर्द्धा विशेष…. अधिकतर लोग जानते ही होंगे कि १४ जनवरी को मनाया जाने वाला मकर संक्रांति पर्व कभी-कभी एक दिन पहले या बाद में भी मनाया जाता है। यह एक ऐसा त्योहार है जो भारत के विभिन्न प्रान्तों में,विभिन्न रूपों में मनाया जाता है। यानि किसी भी अन्य पर्व … Read more

आनंद का दूजा नाम ‘सक्रांति’

मनोरमा जोशी ‘मनु’ इंदौर(मध्यप्रदेश)  ***************************************** मकर सक्रांति स्पर्द्धा विशेष…. मकर संक्रांति पर्व हमारे संस्कृति-संस्कार का महत्वपूर्ण त्योहार है। इस दिन तीर्थ स्थल पर स्नान करना और तिल-गुड़ दान करने का बहुत पुण्य है। सूर्य के राशि परिवर्तन को संक्रांति पर्व माना जाता है। इस दिन तिल गुड़ के लड्डू बनाए जाते है। बच्चे-बड़े सभी छत पर … Read more

आज मिठाई में वह स्वाद नहीं…

डॉ.अर्चना मिश्रा शुक्लाकानपुर (उत्तरप्रदेश)************************* मकर सक्रांति स्पर्द्धा विशेष…. यह बात आज से पच्चीस-तीस साल पहले की है। हम सब त्यौहारों पर अपने अम्मा-बाबूजी के साथ गाँव जाया करते थे। वहाँ दादी-बाबा के पास त्यौहार मनाने का मजा ही कुछ और होता था। वहाँ हम बच्चों का दुलार,प्यार और हुडदंग दादी-बाबा को भी बहुत अच्छा लगता … Read more

सूर्य नारायण की महत्ता और पुण्य का पर्व ‘सक्रांति’

योगेन्द्र प्रसाद मिश्र (जे.पी. मिश्र)पटना (बिहार)******************************************* मकर सक्रांति स्पर्द्धा विशेष…. सूर्य एक प्रत्यक्ष देवता है,जिसका भ्रमण विभिन्न राशियों मेंं होता है। सूर्य जब धनु राशि से मकर राशि में प्रवेश करता है तो उसे ‘मकर सक्रांति’ कहते हैं। वैसे,यह संक्रमण प्रतिवर्ष १४ जनवरी को होता है।भारत धर्म निरपेक्ष और सांस्कृतिक विविधताओं वाला देश है,जिसमें अनेक … Read more

पाँचों अंगुलियाँ बराबर नहीं होती…!

मधु मिश्रानुआपाड़ा(ओडिशा)********************************************* पिछले पन्द्रह दिन से मिसेज़ शर्मा को मलेरिया हो जाने की वज़ह से वो स्कूल नहीं आ रही थीं,इसलिए स्कूल से छुट्टी होते ही हम सब सहयोगी मित्र-शिक्षिकाएं उनसे मिलने उनके घर गईं l घर पहुँच कर जब हमने बेल बजाई,तो उनकी बड़ी बेटी ने दरवाज़ा खोला और हमें देखकर उसने ना नमस्तेकिया … Read more

ट्रम्प:जनाज़ा ज़रा धूम से निकले

डॉ.वेदप्रताप वैदिकगुड़गांव (दिल्ली) *************************************** डोनाल्ड ट्रम्प ने अमेरिकी संसद पर जो नौटंकी रचाई थी,उसका अंत तो हो चुका है और उन्होंने यह भी मान लिया है कि २० जनवरी को डेमोक्रेटिक पार्टी के नेता जो. बाइडन और कमलादेवी हैरिस राष्ट्रपति और उप-राष्ट्रपति की शपथ ले सकेंगे। दूसरे शब्दों में डोनाल्ड ट्रम्प राष्ट्रपति की कुर्सी खाली कर … Read more

बुद्धिमान की परीक्षा संकटकाल में ही

इंदु भूषण बाली ‘परवाज़ मनावरी’ज्यौड़ियां(जम्मू कश्मीर) ********************************************** यह परम सत्य है कि,संकटकाल में ही बुद्धिमानों की वास्तविक परीक्षा होती है,और उसमें जो सफल होते हैं वही सफलता का झंडा बुलंद करते हुए विजयश्री का शंखनाद करते हैं। उपरोक्त सफल व्यक्तित्व ही मुकद्दर के सिकंदर भी कहलाते हैं।सर्वथा संकटकाल में व्यक्ति अकेला रह जाता है। मात्र … Read more

आत्महत्या:निर्बलता को बनाएं शक्ति

अल्पा मेहता ‘एक एहसास’राजकोट (गुजरात)*************************************** ‘सुख में न विवेक खो,दु:ख में न सहनशीलता।सुख में हम अगर विवेक खो देते हैं, और दु:ख में सहनशीलता,तो हम कभी मानसिकता से स्थिर नहीं हो पाएंगे…और तब हम असंतोष,राग,द्वेष.. जैसे भावों में उलझते रहेंगे..।बहुत पुण्य हासिल करने के बाद हमें मनुष्य भव हासिल होता है,और ये हमें अनुशासन के … Read more