मैं जो सबकी माँ हूँ…

गोपाल चन्द्र मुखर्जीबिलासपुर (छत्तीसगढ़)********************************************* माँ सारदा देवी जी को प्रणाम एवं श्रद्धाञ्जली अर्पण।मैं माँ जो हूँ! माँ अगर सन्तान की देखभाल नहीं करेगी तो कौन करेगी! कोई अगर माँ कहकर आ खड़ा हो तो मैं उसे लौटा नहीं सकती। पृथ्वी के समान सहनशीलता होनी चाहिए। पृथ्वी पर कितने प्रकार के अत्याचार हो रहे हैं,लेकिन वह … Read more

‘कोरोना’ का टीका:खुश खबर

डॉ.वेदप्रताप वैदिकगुड़गांव (दिल्ली) ************************************************** ‘कोरोना’ महामारी को ध्वस्त करने का ब्रह्मास्त्र अब भारत के हाथ में भी आ गया है। कोरोना के २ टीके,जो भारत में ही बने हैं,अब शीघ्र ही जरुरतमंदों को लगने शुरु हो जाएंगे। ३० करोड़ लोगों के लिए जो इंतजाम अभी हुआ है,उसमें उन ३ करोड़ लोगों को यह टीका सबसे पहले … Read more

राजधर्म निभाएं कै. अमरिंदर

राकेश सैनजालंधर(पंजाब)*********************************************** शास्त्रों ने अयोग्य राजाओं के ३ लक्षण बताए हैं,किंकर्तव्यविमूढ़ता यानि जो हालत कुरुक्षेत्र के मैदान में अर्जुन की थी,का श्रेष्ठ उदाहरण पूर्व प्रधानमंत्री डॉ. मनमोहन सिंह कहे जा सकते हैं,जो अपने सहयोगियों के भ्रष्टाचार पर मौन धारण किए रहे और धर्मविमूढ़ता की ताजा मिसाल हैं पंजाब के मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह। पंजाब धीरे-धीरे … Read more

साल बहुत कुछ सिखा गया

गोवर्धन दास बिन्नाणी ‘राजा बाबू’बीकानेर(राजस्थान)*********************************************** बीते वर्ष २०२० में हमने मानसिक तनाव बहुत झेला है। यह कष्ट कई कारणों से रहा, जिसमें प्रमुख रहा चीन पाकिस्तान के साथ युद्ध का भय व ‘कोरोना’ महामारी,परन्तु सभी यह भी जानते हैं कि हमारी सरकार ने चीन व पाकिस्तान दोनों पर अपना दबदबा बनाए रखा और महामारी पर बहुत … Read more

कोरोना:टीका राजनीति का औचित्य क्या!

अजय बोकिलभोपाल(मध्यप्रदेश)  ****************************************** भारत सरकार द्वारा २ कोरोना टीकों को दी गई आपाती इस्तेमाल की मंजूरी पर विपक्षी दलों द्वारा की जा रही राजनीति का कोई औचित्य नहीं जान पड़ता,सिवाय इस आशंका के कि कहीं मोदी सरकार इसका भी राजनीतिक फायदा न उठा ले। दोनों टीकों को स्वीकृति के १ दिन पहले ही पूर्व मुख्‍यमंत्री … Read more

जन विमुख जनतन्त्र

अवधेश कुमार ‘अवध’ मेघालय *************************************************************** २६ जनवरी को फिर से मनाया जाएगा गणतन्त्र दिवस,ठीक वैसे ही जैसे ५ महीने पहले मनाया गया था स्वाधीनता दिवस। ये दोनों हमारे जन्म से बहुत पहले से मनाए जा रहे हैं। हमने सुना है लोगों से कि सच तो सनातन है,अजर-अमर है। अजन्मा है,ईश्वरीय है…और दस्तक ? दस्तक भी … Read more

नए वर्ष में हो जीवन,शैली का सार्थक संकल्प

ललित गर्गदिल्ली ************************************** नए वर्ष का स्वागत हम इस सोच और संकल्प के साथ करें कि हमें कोरोना महामारी को अलविदा कहते हुए कुछ नया करना है,नया बनना है,नए पदचिह्न स्थापित करने हैं। बीते वर्ष की पीड़ाओं,दर्द एवं प्रकोप पर नजर रखते हुए उन पर नियंत्रण पाने का संकल्प लेना है। हमें यह संकल्प करना … Read more

स्वागत २०२१

डॉ. स्वयंभू शलभ रक्सौल (बिहार) ************************************************** कितने ही कड़वे अनुभव देकर साल २०२० बीत गया…इसके शुरुआती कुछ महीनों को छोड़ दें तो लगभग पूरा साल ही भय,असमंजस और आशंकाओं से भरा रहा…।जिंदगी जैसे ठहर-सी गई…कामकाज ठप, आवाजाही बंद और सब अपने घरों में कैद…। हर कोई बेरोजगारी,पलायन,बीमारी,अकेलेपन,भय, अवसाद,इलाज और संक्रमण से दो-चार होता रहा…। अपने … Read more

इस ख़बर पर उनका दर्द

कमलेश व्यास ‘कमल’ उज्जैन (मध्यप्रदेश)************************************************* जैसे किसी गन्ने को चरखी में से ४ बार गुजारने के बाद उसकी हालत होती है,या किसी भी पतरे की अलमारी को गोदरेज की अलमारी कहने की तर्ज पर पानी की हर बोतल को बिसलरी कहने वाले किसी व्यक्ति द्वारा पूरी बोतल गटकने के बाद उसे मरोड़-मरोड़ कर जो हालत … Read more

स्मृतियों का दस्तावेज भला कहाँ बदलता…

देवश्री गोयलजगदलपुर-बस्तर(छग)********************************************** २०२० चला गया कुछ बहुत नए कड़वे,कुछ बहुत मीठे अनुभव,सीख,दुःख और अलग पहचान देकर…।यूँ तो हर पल बदलता है एक दिन बनने के लिए… एक दिन पुनःधीरे-धीरे एक साल बन जाता है। कैलेण्डर की तारीखें बदल कर वर्ष को सिर्फ बदल भर देती है…हमारे मन के खूंटे में टँगी स्मृतियों का दस्तावेज भला … Read more