आजादी का अमृत

राजू महतो ‘राजूराज झारखण्डी’धनबाद (झारखण्ड) ****************************************** ७५ बरस की आजादी का अमृत और हम सपर्धा विशेष…. आओ देखे रंग आजादी का,सुंदर सपना जैसे शहजादी कापाने के लिए हुआ था संघर्ष,हँस-हँस लोग बलिदान हुए थे सहर्ष। सपने में था बड़ा ही सुंदर दृश्य,आनंदपूर्ण शांति प्रेम का भविष्यआओ आज सब मिल चिंतन करें,मिली आजादी का गहन मंथन करें। … Read more

आजादी एक अनुपम उपहार

डॉ.अशोकपटना(बिहार)*********************************** ७५ बरस की आजादी का अमृत और हम सपर्धा विशेष…. यह एक जनमानस का त्योहार है,आजादी का एक अनुपम उपहार है।सात हजार से भी ज्यादा यहाँ,सर्वोत्तम योजनाओं की बहार है।जनमानस की तरक्की के लिए,एक अद्भुत ये चमत्कार है।यह वृहद भागीदारी का एक,नया दिखता,नव अवतार है।नवीनता से भरपूर यहां,जन जागरुकता का एक उन्नत व,एक अनमोल … Read more

आजादी का अमृत संदेश

आशा आजाद`कृति`कोरबा (छत्तीसगढ़) ******************************************* ७५ बरस की आजादी का अमृत और हम सपर्धा विशेष…. पथिक बनें शुभ सत्य राह का,बोलें नित शुभ बोल।भारत माता के चरणों में,कर्म करें अनमोल॥ दीन-दुखी की सेवा करना, ‘नेक’ बने यह ध्येय,कर्म निभाकर आप बनें नित,सुंदर शुभ उपमेय।कटुता मन में नहीं समाये,बात करें नित तोल,भारत माता के चरणों में,कर्म करें … Read more

समकालीन परिदृश्य महोत्सव

शशि दीपक कपूरमुंबई (महाराष्ट्र)************************************* ७५ बरस की आजादी का अमृत और हम सपर्धा विशेष…. ‘७५ बरस की आजादी का अमृत और हम’ में हमारे देश के नागरिक सब बदल गए हैं। हिंदुस्तानी से हिंदी तक,हिंदी से आगे चलकर अंग्रेजी के भरोसे आज तक। विज्ञान-वैज्ञानिक और रंग बदलते धार्मिक दौर से गुजर कर राजनीति के दलदल … Read more

छुआछूत और ऊंच-नीच

अमल श्रीवास्तव बिलासपुर(छत्तीसगढ़) *********************************** विश्व एक परिवार हमारा,घर,वसुंधरा सारी है।चाहे-अनचाहे,सुख-दुःख में,सबकी साझेदारी है॥ जितनी बड़ी सृष्टि यह सारी,उतनी बड़ी समस्याएं।रीति-रिवाजों में घुस बैठीं,रुढ़िवादी परंपराएं॥ इस दहेज ने जला दी है,कितनी क्यारी,फुलवारी ?करवट बदल-बदल कर जागीं,कितनी आशा,सुकुमारी॥ कहीं-कहीं तो महिलाओं को,केवल भोग्या बना दिया।बच्चे जनने की मशीन है,ऐसा लेवल लगा दिया॥ बुर्के के पीछे नारी को,घुट-घुट कर … Read more

मार्निंग वॉक

डॉ. सोमनाथ मुखर्जीबिलासपुर (छत्तीसगढ़)******************************************* चिकित्सक ने मेरा हेल्थ चेक-अप करने के बाद कहा,अब तक तो ठीक है। आपको कोई भी शारीरिक समस्या नहीं है,पर मेरी बात मानें तो रोज सुबह मार्निंग वॉक शुरू कर दें। मैंने चिकित्सक को बताया कि डॉक्टर साहब सुबह की मार्निंग वॉक करने के लिए कौन-सा वक्त सही रहेगा ?चिकित्सक ने … Read more

कर्म कलम-कागज का…

दुर्गेश कुमार मेघवाल ‘डी.कुमार ‘अजस्र’बूंदी (राजस्थान)************************************************** कलम कनक की भले नहीं है,अक्षर असर तोफिर भी करेंगे।कागज करार भले ही करे न,मसि कसी तोसब सार सरेंगे। पटल रजत जो कभी मिला तो,पीड़ा तृण कण्टकोंकी हरेंगें।उम्मीद-पंख भले कोमल हो,लेखन से नभपरवाज उड़ेंगे। एक से मिल एक ग्यारह बने तो,कदम चले,मंजिल पे जमेंगे।स्याह स्याही जो कागज ढली तो,ज्ञान … Read more

नारी से शोभा

प्रो.डॉ. शरद नारायण खरेमंडला(मध्यप्रदेश) ******************************************* नारी से शोभा बढ़ती है,नारी फर्ज़ निभाती है।नारी कर्म सदा करती है,नारी द्वार सजाती है॥सबको कब यह भान मिलेगा,नारी प्रेम बहाती है।सबको कब यह ज्ञान मिलेगा,नारी पूज्य कहाती है॥ नारी के सब गुण गाते हैं,पर ना धर्म निभाते हैं।कुछ कहते हैं पर करते कुछ,लोग सदा भरमाते हैं॥अब अँधियारा तजना होगा,उजियारे … Read more

म.प्र.लेखक संघ ने कराई आनलाईन ग़ज़ल गोष्ठी

टीकमगढ़(मप्र)। साहित्यिक संस्था म.प्र. लेखक संघ जिला इकाई टीकमगढ़ एवं ‘जय बुंदेली साहित्य समूह टीकमगढ़’ के संयुक्त तत्वावधान में जय बुंदेली साहित्य समूह टीकमगढ़ समूह पर २७८वीं ग़ज़ल गोष्ठी अनलाइन आयोजित की गई। इसकी अध्यक्षता वरिष्ठ शायर हाजी ज़फ़रउल्ला खां ‘ज़फ़र’ (टीकमगढ़) ने की।मुख्य अतिथि के रूप में वरिष्ठ साहित्यकार एस.आर. सरल (टीकमगढ़),जबकि विशिष्ट अतिथि … Read more

जन-जन हिंदू हैं…

डॉ.विद्यासागर कापड़ी ‘सागर’पिथौरागढ़(उत्तराखण्ड)********************************** माँ की पदरज सदा माथ का,पावन टीका बनती है।जिसकी धरती राम-श्याम ही,युगों-युगों से जनती है॥जहाँ देव भिलनी के फल से,तोषित जीवन पाते हैं।मनुज शान्ति को पाने जिसकी,भू पर माथ टिकाते हैं॥ जिसके पग को धोकर हर्षित,गर्वित होता सिंधू है।पावन भू पर रहने वाला,मानव-मानव हिंदू है॥ उठी तरंगों से जिसका उर,नीरनिधि बाँध लेता … Read more