समरसता मुस्कान जग

डॉ.राम कुमार झा ‘निकुंज’बेंगलुरु (कर्नाटक) ************************************ आज फँसा मँझधार में,सत्य मीत अरु प्रीत।लोभ अनल में जल रहा,समरसता संगीत॥ मिशन था अंबेडकर,समरसता संदेश।समता ही स्वाधीनता,दलित हरित उपवेश॥ तार-तार अनुबन्ध अब,क्षत-विक्षत ईमान।नश्वर इस संसार में,बिकता है इन्सान॥ मातु पिता भाई समा,शिक्षक मीत जहान।सदाचार परहित विनत,समरसता वरदान॥ भौतिक सुख चाहत बला,है विनाश तूफान।नीति प्रीति यश त्याग सब,भूले बन … Read more

गुरु-एक पथ प्रदर्शक

डॉ. आशा गुप्ता ‘श्रेया’जमशेदपुर (झारखण्ड)******************************************* गुरु पूर्णिमा विशेष….. वैदिक काल से शुरू हुआ,गुरूकुल का प्रचलन हुआआवश्यक है गुरु सानिध्य,गुरु का हो सुंदर आशीष। संसार के हर उत्तम कर्म,ज्ञान औ विद्या होए संगमजन्म लेता है मानव शिशु,माता-पिता पाए औ सीखे। सांसारिकता का ज्ञान मिले,पर बिन गुरु ना दिशा मिलेअक्षर ज्ञान से शुरू शिक्षा,बरसों संयम से निर्माण … Read more

मेरा विद्यार्थी जीवन और रचना धर्मिता

डॉ.धारा बल्लभ पाण्डेय’आलोक’अल्मोड़ा(उत्तराखंड) *************************************** मेरा विद्यार्थी जीवन स्पर्धा विशेष …….. पिताजी यद्यपि अपने समय के कक्षा ४ उत्तीर्ण थे,फिर भी उनकी गणित बहुत अच्छा था।विद्यालय घर से दूर होने के कारण मेरी प्रारंभिक शिक्षा घर पर ही हुई। कक्षा ३ से प्राथमिक विद्यालय हऊली (चौनलिया) में प्रवेश लिया। गुरुजी श्री भैरवदत्त एवं श्री दयाकृष्ण जोशी … Read more

मेरी भगवान

डॉ. वंदना मिश्र ‘मोहिनी’इन्दौर(मध्यप्रदेश)************************************ मेरा विद्यार्थी जीवन स्पर्धा विशेष …….. आज नीरा अपनी बालकनी में बैठी-बैठी अपने विद्यालय के दिन याद कर रही थी,क्योंकि आज उसकी बहुत पुरानी सहेली प्रीति का फोन आया जो उसे अपने बचपन में ले गया। यह उन दिनों की बात है,जब मासूमियत से भरे बचपन के दिन,गाँव की कच्ची सड़कें … Read more

दिखलाते हैं ज्ञान की राह

श्रीमती देवंती देवीधनबाद (झारखंड)******************************************* गुरु पूर्णिमा विशेष………. आओ मित्रों सभी मिल के,करें श्री गुरु की बन्दना,देते रहिए आशीष गुरुदेव करती हूँ पूजा-अर्चना। आज बहुत पावन पुण्य दिन है गुरुदेव हमारे पधारे हैं,धरा के सब मानवजन को ज्ञान-विज्ञान दे के संवारे हैं। कोटि नमन,शत-शत नमन,परम पूज्य गुरुदेव हमारे,मुक्ति का मार्ग बताकर के अन्तिम क्षण में बने … Read more

बरसात में…

आचार्य गोपाल जी ‘आजाद अकेला बरबीघा वाले’शेखपुरा(बिहार)********************************************* कारे कारे मतवारे,जालंधर आए आज आकाश में,झूम-झूम मन मयूरा नाचे,रिमझिम-सी बरसात में। खेत खार बाग सब जागे,वारिधर की हुंकार में,बिजुरी चमके चम-चम नभ में,दिन-सा होता रात में। कारी-कारी बदरी आई,ठंडी पुरवाई लाई साथ में,दादुर,मोर,पपीहा,झींगुर को खुशियां मिली सौगात में। नदी-नाले नव जीवन पाए,जीव-जंतु भी थे आस में,बुझी प्यास … Read more

रात जगती रही

डाॅ. पूनम अरोराऊधम सिंह नगर(उत्तराखण्ड)************************************* श्वांसें लरज़ती रहीं,दिल सिसकता रहा। रात ढलती रही,दर्द पिघलता रहा। बदली हँसती रही,चाँद सिमटता रहा। चाँदनी साक्षी रही,आसमां ख़ामोश रहा। दामिनी चमकती रही,बादल गरजता रहा। रात जगती रही,अंधेरा गहराता रहा। घटाएं छायीं रहीं,तूफ़ान शांत हो गया॥ परिचय–उत्तराखण्ड के जिले ऊधम सिंह नगर में डॉ. पूनम अरोरा स्थाई रुप से बसी … Read more

गुरु-वंदना

प्रो.डॉ. शरद नारायण खरेमंडला(मध्यप्रदेश) **************************************** गुरु पूर्णिमा विशेष………. गुरुवर तुम तो ज्ञान हो,हो सूरज का रूप।शिष्यों को तुम दे रहे,सदा सुनहरी धूप॥ गुरुवर तुमने सीख दे,बाँटा बहुत विवेक।तुम तो गुरुवर तेज हो,तुम हो हरदम नेक॥ गुरुवर मैं अज्ञानमय,खोया था अँधियार।तुमने ही निज ज्ञान से,जीवन दिया सँवार॥ सत्य,न्याय जाना नहीं,ना नैतिकता-भाव।पर अब गुरुवर है नहीं,मुझको कोय … Read more

भूख सदा दुश्मन निर्भय की

जसवीर सिंह ‘हलधर’देहरादून( उत्तराखंड)******************************************** भूख सदा दुश्मन निर्भय की,आग जगाये यही हृदय की। इसकी पड़ी जहां पर छाया,उसका रोम-रोम झुलसाया।कल तक अपनी जो प्यारी थी,फूलों की दिखती क्यारी थी।चिता बनी है आज समय की॥भूख सदा दुश्मन निर्भय की… भूख नदी तट से टकराई,लहरों ने भी माटी खाई।इसके कारण हुई लड़ाई,नाप सके क्या हम गहराई।कारक बनती … Read more

कुमकुम

बोधन राम निषाद ‘राज’ कबीरधाम (छत्तीसगढ़)************************************ कुमकुम रोली साथ में,सुन्दर चमके भाल।नारी की श्रृंगार से,बदले सबकी चाल॥बदले सबकी चाल,देखते मन को भाती।कुमकुम लाली माथ,नाज नखरा छलकाती॥कहे विनायक राज,सजाना नारी को तुम।स्वर्ग परी सी मान,लगे जब माथे कुमकुम॥