नारी तेरे अदभुत रूप
सोनू कुमार मिश्रा दरभंगा (बिहार) ************************************************************************* ‘अन्तर्राष्ट्रीय महिला दिवस’ स्पर्धा विशेष………………… नारी तेरे कितने रूप, जग में तू सबसे अनुरूप सती,सीता,सावित्री,स्वरूप, गंगा,गौरी,गायत्री,रूप… नारी तेरे अदभुत रूप। प्रेयसी-प्राणनाथ की तुम प्रिय, विश्व-वैभव,अनुपम-अनुनय दुष्ट-दानव का दमन किये, काली,गार्गी,दुर्गा स्वरूप… नारी तेरे अदभुत रुप। चन्द्रमुखी,चन्द्रबदन,चंचल तन, मृदुल,मधुर,मनमोहक,मन रूप से तेरे गुंजित हुआ गगन, शारदे,शक्ति,लक्ष्मी अनुपम रूप… नारी तेरे … Read more