चाँदनी
प्रेक्षा डॉन गोधा ‘परी’ दुर्ग (छत्तीसगढ़) ************************************************************* चमचमाती चाँदनी भी, आज क्यों उदास है। किस वहशी ने तोड़ी कली, बुझाई अपनी प्यास है। चाँदनी आज अपनी, मजबूरियों पर रोई हैl कैसे समझाऊं उसे जिसने, अपनी संतान खोई है। क्या लिखे परी, उस चाँदनी के हालातl जो कई गुनाहों की गवाह है, न दे सकती बयानातll … Read more