हे राम तुम्हें फिर आना होगा

पंकज भूषण पाठक ‘प्रियम’ बसखारो(झारखंड) *************************************************************************** हे राम तुम्हें फिर आना होगा, खुद अधिकार जताना होगा। नहीं मिलेगा इंसाफ तुम्हें भी, खुद हथियार उठाना होगा। याद है वो सागर की ढिठाई, पूजा-प्रार्थना काम न आयीl जब कुपित हो उठाया बाण, खुद सागर ने थी राह दिखाई। वही रूप तुम्हें दिखाना होगा, हे राम तुम्हें… अब … Read more

हे चंदा मामा! फिर आएंगे

अनिता मंदिलवार  ‘सपना’ अंबिकापुर(छत्तीसगढ़) ************************************************** सफेद उज्जवल चाँदनी, लगे आसमान के मोती नन्हा बालक देखता तुझे, उसे पता है कल फिर आएंगेl प्यारे-प्यारे चंदा मामा, तेरी परछाई दिखे पानी में दुआ मेरी है चमकता रहे तू, काले बदरा भी घिर आएंगेl रात का घनघोर साया, आकाश में चाँद जगमगाया प्यारी छवि तेरी न्यारी छाया, गोल … Read more

मैं और तू

डॉ.विद्यासागर कापड़ी ‘सागर’ पिथौरागढ़(उत्तराखण्ड) ****************************************************************************** तू जीतेगा एक दिन, मैं की होगी हार। मेरा मैं तोड़न लगा, मेरा पालनहार॥ तू वासित-सा फूल है, मैं काँटा या फूस। तू बासन्ती मास है, मैं निपात या पूस॥ मैं निपात की लाकड़ी, तू तो है मधुमास। मैं सुदामा दीन बड़ा, तू किसना का रास॥ मैं सूखी-सी ताल है, … Read more

कठपुतली

षैजू के. पालक्काट (केरल) ************************************************************* कठपुतली हो उसके हाथों की, फिर नाज़-नखरा कैसा नाचो जैसे नाचना है, वह आका है तुम्हाराl धागे हैं उसके हाथों में, कभी दाएं-कभी बाएं कभी उत्तर-कभी दक्षिणl करवाते हैं नौ रस को अभिनीत, जीवन के नाट्य मंच पर हँसो या रोओ, प्रतिरोध करो या सह लो नाचना तो होगा ही, … Read more

एक नाव में सवार हमारी भाषाएँ

निर्मलकुमार पाटोदी इन्दौर(मध्यप्रदेश) ************************************************** इस विचार से सहमत नहीं हूँ-“हिंदी का दुर्भाग्य है,हिंदी के लोग भारत की अन्य प्रांतीय भाषाएँ सीखते नहीं,इसलिए हिंदी का विकास नहीं हुआ है।” हिंदी भाषा है,उसका दुर्भाग्य कहना ठीक नहीं है। भाषा का दुर्भाग्य कहना अनुचित है। दुनियाभर में लोग स्वेच्छा से अपनी-अपनी भाषाएँ सीखते हैं। हिंदी को स्वाधीनता के … Read more

बीज वो अमन के बो गए…

दीपा गुप्ता ‘दीप’ बरेली(उत्तर प्रदेश) *********************************************************** (तर्ज-उनसे मिलकर देखिए कितने मुक़म्मल हो गए। रचना शिल्प:२१२२ २१२२ २१२२ २१२) वीर धरती पर निछावर देश के लो हो गए। प्राण पण से वो लड़े अहले वतन हम रो गए। आँख नम हैं हम सभी की देख कर कुर्बानियां, देश की खातिर दीवाने नींद मीठी सो गए। नाम … Read more

नहीं आऊँगा…

शिव सागर तिवारी ‘सुल्तानपुरिया’ सुल्तानपुर(उत्तरप्रदेश) ********************************************************************** हाले दिल मैं सुनाने,नहीं आऊँगा, और कुछ भी जताने,नहीं आऊँगा, तुम हो वाकिफ़ बहुत मेरे हालात से- जा रहा हूँ रुलाने,नहीं आऊँगा।

शिक्षक कवियों ने किया सुंदर रचनाओं का पाठ

दिल्ली। ८ सितम्बर २०१९ को पत्रिका ट्रू मीडिया के तत्वावधान में ‘शिक्षक दिवस’ मनाया गया। इस मौके पर दिल्ली-एनसीआर के शिक्षकों का शिक्षक सम्मान एवं शिक्षकों द्वारा काव्य पाठ किया गया। पत्रिका ट्रू मीडिया के सम्पादक ओमप्रकाश प्रजापति ने बताया कि,कार्यक्रम में ४० से अधिक शिक्षकों ने काव्यपाठ किया । कार्यक्रम की अध्यक्षता डॉ. अवधेश … Read more

जहर बांटते हैं…

डॉ.रामकुमार चतुर्वेदी सिवनी(मध्यप्रदेश) ****************************************************** दबा पान मुख में बगल देखते हैं, सदा थूकने की जगह झांकते हैं। कभी भी कहीं भी पचक कर चलें वो, बड़ी शान से फिर सड़क नापते हैं। इधर भी नजर है,उधर की खबर भी, शहर ये हमारी डगर जानते हैं। बहे लार मुँह से अधर लाल करते, बना लार कैंसर … Read more

तालिबान के साथ अटपटा समझौता

डॉ.वेदप्रताप वैदिक गुड़गांव (दिल्ली)  ********************************************************************** अमेरिका की तरफ से जलमई खलीलजाद अफगानिस्तान के तालिबान नेताओं से पिछले डेढ़-दो साल से जो बात कर रहे थे,वह अब खटाई में पड़ती दिखाई पड़ रही है,क्योंकि अमेरिकी विदेश मंत्री माइक पोंपियो ने उस पर दस्तखत करने से मना कर दिया है। अभी-अभी ताजा सूचना मिली है कि,अगर राष्ट्रपति … Read more