फिर भरेंगे उड़ान,रुकेंगे नहीं…

अजय जैन ‘विकल्प इंदौर(मध्यप्रदेश) **************************************************************************** कदम ठिठके हैं,पर रुकेंगे नहीं, फिर आगे बढ़ेंगे,रुकेंगे नहीं। गर्व है देश पर,विज्ञान पर, फिर भरेंगे उड़ान,रुकेंगे नहीं। उतार-चढ़ाव तो है जिंदगी, है बहुत हौंसला,रुकेंगे नहीं। मिशन पाक हो या चन्द्रयान, तिरंगा लहराएंगें,रुकेंगे नहीं। विक्रम जहाँ पहुंचा,बड़ी बात, ठान लिया जो,रुकेंगे नहीं। हम ना हारें,ना डरें कभी, लक्ष्य सामने,रुकेंगे नहीं। … Read more

इकरार

केवरा यदु ‘मीरा’  राजिम(छत्तीसगढ़) ******************************************************************* हाथों में हाथ लेकर इकरार करती हूँ, हाँ सजन,मैं तुमसे प्यार,प्यार करती हूँ। मेरे जीवन बगिया के तुम ही तो माली, सिंदूर तुम हो माँग का,मेरे होंठों की लाली। तेरे लिये ही प्रियतम श्रृंगार करती हूँ, हाँ सजन,मैं तुमसे प्यार,प्यार करती हूँ॥ तुम जिन्दगी हो मेरी हो साँसो की सरगम, … Read more

साथी हिंदी-कर्मियों से मन की बात

डॉ.एम.एल.गुप्ता ‘आदित्य’  मुम्बई (महाराष्ट्र) ********************************************************** ‘हिंदी दिवस’ विशेष…….. राजभाषा विभाग सहित भारत संघ के कार्यालयों के हिंदी अनुभागों-विभागों- एककों आदि में और संघ की राजभाषा नीति के लिए कार्यरत सभी कार्मिकों,वे चाहे किसी भी कार्यालय में और किसी भी पद पर क्यों न हों,उनके कार्य का मुख्य उद्देश्य यह है कि संघ के कार्यों में … Read more

चंद्रमय हुआ ‘चंद्रयान-२’

रूपेश कुमार सिवान(बिहार)  ******************************************************** चंद्रमय हुआ ‘चंद्रयान-२’ भारत सिरमौर हुआ चाँद पर, दुनिया में सबसे पहले झण्डा फहराया चाँद पर… सब उनकी जयघोष करते दुनिया में। श्वेत चाँद आज तिरंगे में लहरा दुनिया जिसका जयगान करती आज, भारत माँ के लाल वैज्ञानिकों ने… भारतमाता का मान-सम्मान बढ़ाया। गर्व है भारत माँ को चाँद से चंद्रयान … Read more

किताबें ज्ञान की अनमोल धरोहर

डीजेंद्र कुर्रे ‘कोहिनूर’  बलौदा बाजार(छत्तीसगढ़) ******************************************************************** हर जिज्ञासु के मन में पाने की चाह है, मंजिल तक पहुंचाने की यही एक राह है। नया करने का इनमें बनता ख़्वाब है, जिंदगी में सबसे अच्छी दोस्त किताब है। इसी में कबीर के दोहे एवं संतों की वाणी है, इसी में अच्छी कविता एवं अच्छी कहानी है। … Read more

उनकी तरह

नरेंद्र श्रीवास्तव गाडरवारा( मध्यप्रदेश) ***************************************************************** बच्चे खेल रहे थे क्रिकेट, मैं पहुंच गया और, खेलने लगा क्रिकेट उनके साथ, उनकी तरह। पौधारोपण, कर रहे थे कुछ लोग मिलकर, मैं पहुंच गया और, करने लगा पौधारोपण उनके साथ, उनकी तरह। एक चबूतरे पर, हो रहा था कीर्तन, मैं पहुंच गया और, करने लगा कीर्तन उनके साथ, … Read more

धरा-चालीसा

बाबूलाल शर्मा सिकंदरा(राजस्थान) ************************************************* दोहा- धरा धर्म हित कर्म कर,जीवन मनुज सुधार। संरक्षण भू का किए,भव जीवन आधारll चौपाई- प्रथम नमन करता हे गजमुख। वीणापाणी शारद मम सुखll गुरु पद कमल नमन गौरीसा। आज लिखूँ धरती चालीसाll नमन धरा हित कोटि हमारा। जिस पर गुजरे जीवन साराll मात समान धरा आचरनी। धरा हेतु हो जीवन … Read more

रोज़गार

निशा निइ्क ‘ख्याति’ दिल्ली ******************************************************************** नेताजी को बताओ, शहर से रोज़गार हटाकर गाँव नहीं बनाना था, गाँव में रोज़गार लाकर उसको खुशहाल बनाना था। पूछो ज़रा नेता जी से- हर चीज में गाँव को शहर के बराबर किया, महंगाई से लेकर क़मरा किराया सब एक जैसा किया, बस जो बराबर ना किया वो रोज़गार ना … Read more

तनाव

वीना सक्सेना इंदौर(मध्यप्रदेश) *********************************************** “चल रोहित लंच करते हैं”,आशीष ने रोहित से आकर कहा।आशीष रोहित का सहयोगी था। ऑफिस में लंच टाइम हो चुका था,लेकिन रोहित का आज लंच करने का मन नहीं था। वास्तव में वह घर से लंच लाया ही नहीं था। कई दिनों से वह बहुत ही ज्यादा वर्क प्रेशर में अपने-आपको … Read more

बदली मंजिल

राजकुमार जैन राजन आकोला (राजस्थान) ****************************************************** लिखना चाहूँगा तुम्हारा इतिहास, अतीत से जुड़े पलों को कुछ इस तरह पत्थर पर उकेरूँगा कि तुम, आज भी हो मेरे अहसासों में। मन के रेगिस्तान में, कुरेदे गए मेरे जख्मों को तुमने ही सिया था प्रेम के धागे और विश्वास की सुई से, मैं पिघलता रहा पल दर पल … Read more