अपनी बात दबंगता और सलीके से रखती थी सुषमाजी

  संदीप सृजन उज्जैन (मध्यप्रदेश)  ****************************************************** “एक समय था जब अटलबिहारी वाजपेयी की भाषण शैली के कारण मैं उनके सामने बोलने में संकोच करता था,और आज सुषमा स्वराज भी मेरे अंदर वाजपेयी की तरह ही ‘कॉम्प्लेक्स’ पैदा करती हैं।” यह बात भारतीय जनता पार्टी के वरिष्ठ नेता लालकृष्ण आडवाणी ने २०१२ में पार्टी के राष्ट्रीय … Read more

छँटेगी रात काली…

वकील कुशवाहा आकाश महेशपुरी कुशीनगर(उत्तर प्रदेश) *************************************************************** छटेगी रात काली और फिर होगा सवेरा भी, हँसो लेकिन ज़माना एक दिन आयेगा मेरा भी। भले ग़म ने तुझे चारों तरफ से घेर रक्खा है, जरा सूरज निकलने दो छँटेगा ये अँधेरा भी। नहीं रावण सिकंदर कंस का घर-बार बच पाया, कहीं तुमको न ले डूबे सुनो अभिमान … Read more

कश्मीर से दुनिया में नाम किया

हरीश बिष्ट अल्मोड़ा (उत्तराखण्ड) ******************************************************************************** कश्मीर आजाद हुआ, खतम फसाद हुआ, कश्मीर को सभी मिल, राह नई दीजिएl मोदी जी ने काम किया, दुनिया में नाम किया, शाह का भी सभी लोग, धन्यवाद कीजिएl दोहरी खुशी है मिली, बाँछें हैं सभी की खिली, भर-भर खुशियों के, जाम सभी पीजिएl चहुँओर शांति कर, विकास की क्रांति … Read more

कुछ पाने के लिए..

कृष्ण कुमार कश्यप गरियाबंद (छत्तीसगढ़) ************************************************************************** हारना भी जरूरी है,बाज़ी जीतने के लिए, खोना पड़ता है बहुत,कुछ पाने के लिए। मर-मर के कमाता है,लेकर जाएगा क्या, पहचान तो कुछ छोड़,जमाने के लिए। सीखना है चलना तो हवा में मत उड़, ठोकर भी जरूरी है,संभलने के लिए। उजाड़ना जिनकी फितरत,वो क्या जाने, वक्त बहुत लगता है,घर … Read more

‘कारगिल विजय दिवस’ स्पर्धा:सारिका त्रिपाठी और डॉ.गर्ग ‘विज्ञ’ ने पाया पहला स्थान

इंदौर। दूसरे वर्ष में भी हिंदीभाषा डॉट कॉम परिवार द्वारा सतत स्पर्धा का आयोजन जारी है। इसके अंतर्गत ‘कारगिल विजय दिवस’ विशेष स्पर्धा के परिणाम ८ अगस्त को घोषित कर दिए गए हैं। इसमें आलेख में सारिका त्रिपाठी (उप्र) प्रथम विजेता और डॉ.छगन लाल गर्ग ‘विज्ञ'(राजस्थान) काव्य में पहले विजेता बन गए हैं। मंच की … Read more

‘सुषमा’ की आभा

डॉ. आशा गुप्ता ‘श्रेया’ जमशेदपुर (झारखण्ड) ******************************************* हँसते-मुस्कुराते हुए ही स्वत: बंधन मुक्त किया स्वयं को, लगता मानो कहीं थी प्रतीक्षा अलौकिक में विलीन होने को। नहीं अनभिज्ञ अपने क्षणों से करती रही कर्म बिना विश्राम, दृढ़ मीठी भाषा निरन्तर प्रवाह आदर्श जीवन में कुछ देने को। सुषमा बिखेरती रही आभा छल-छल गंगा यमुना सरस्वती, … Read more

हटी तलाकी कालिमा

डॉ.राम कुमार झा ‘निकुंज’ बेंगलुरु (कर्नाटक) **************************************************************************** पास हुआ तलाक बिल,खिले अधर मुस्कान। इस्लाम बहू बेटियाँ,कानूनी सम्मानll नामर्दी तलाक तीन,नारी दोहन अस्त्र। ध्वस्त आज अपराध बन,कानूनी बह्मास्त्र॥ नारी गृह सम्मान है,बेटी बहू व अम्ब। नहीं खिलौना मर्द की,जीवन का अवलम्ब॥ आज मुक्त नरवेदना,नारी हैं इस्लाम। इल्म यान उड़ व्योम में,प्रगति पंख अभिराम॥ तीन तलाक के … Read more

हे त्रिपुरारी

केवरा यदु ‘मीरा’  राजिम(छत्तीसगढ़) ******************************************************************* हे गौरी पतये महादेव त्रिनेत्रधारी देवन के देव जग पालनकर्ता। हे शंभू कैलाश विराजत गौरा माँ संग हे अमर नाथ हे त्रिलोकी नरेश। हे देव गिरिजा प्राणनाथ बाबा चंदेश्वर हे नागा धिराज प्रभु किरातेश्वर। हे भोले महेश त्रिपुरारी संकट हारी रुंड माला धारी हे अवढ़र दानी। हे हठ योगेश सर्पधारी … Read more

ख़ता मेरी बताते

डॉ.अमर ‘पंकज’ दिल्ली ******************************************************************************* कभी सोचा न था हर पल मेरी अब जान जाएगी, तुम्हारी याद जीवन भर मुझे हरदम सतायेगी। ख़ता मेरी बताते इस कदर तुम दूर मत जाते, मेरी धड़कन की हर सरगम किसे अब क्या सुनाएगी। तुम्हारे प्यार पर कितना भरोसा था मुझे हमदम, भरोसा तोड़ के कैसे भरोसा फिर दिलाएगी। सहर … Read more

तू ही भगवान है

एन.एल.एम. त्रिपाठी ‘पीताम्बर’  गोरखपुर(उत्तर प्रदेश) *********************************************************** कहीं खो न जाए, तेरी हसरतों में तेरे संग चलते-चलते, मचलते। जमाने की यादों में हमीं न पाऊँ तेरे कारवाँ को, सजाते बनाते। हमें गुमाँ है, तू ही मेरी जान है तुझसे ही मेरे, जिंदगी के अरमाँ अंदाज है, कहीं दम ना निकले तेरी धड़कनों से। तू ही आदमी … Read more