साथ-साथ…
निर्मल कुमार जैन ‘नीर’ उदयपुर (राजस्थान) ************************************************************ कहने को लगता है हम सब साथ-साथ हैं, मगर बुरे वक्त में ही पता चलता है कौन किसके साथ हैl उगते सूर्य को, प्रणाम करना संसार की नियति है, ढलते हुए को नहीं मतलबपरस्त इंसान तब तक ही साथ होता है, जब तक उसका स्वार्थ अधूरा होता हैl … Read more