साथ-साथ…

निर्मल कुमार जैन ‘नीर’  उदयपुर (राजस्थान) ************************************************************ कहने को लगता है हम सब साथ-साथ हैं, मगर बुरे वक्त में ही पता चलता है कौन किसके साथ हैl उगते सूर्य को, प्रणाम करना संसार की नियति है, ढलते हुए को नहीं मतलबपरस्त इंसान तब तक ही साथ होता है, जब तक उसका स्वार्थ अधूरा होता हैl … Read more

अपना नया भारत

डॉ.धारा बल्लभ पाण्डेय’आलोक’ अल्मोड़ा(उत्तराखंड) ****************************************************************************** आज नए भारत का निर्माण हुआ है, आज नये सूरज का नव भान हुआ है आज नई केसरिया पगड़ी सिर बांधे, नवभारत का आज सम्मान हुआ है। अब तक ये कश्मीर हमारा बंधा हुआ था, पैंतीस-ए के भ्रम में जो फंसा हुआ था तीन सौ सत्तर हटा के जो अब … Read more

`महात्मा गाँधी:भाषा,साहित्य और लोक संस्कृति के परिप्रेक्ष्य में` पर हुई राष्ट्रीय संगोष्ठी 

उज्जैन(मध्यप्रदेश)l  राष्ट्रपिता महात्मा गांधी के १५० वें जयंती वर्ष के अवसर पर विक्रम विश्वविद्यालय(उज्जैन)के गाँधी अध्ययन केन्द्र और हिन्दी अध्ययनशाला के संयुक्त तत्त्वावधान में त्रि-दिवसीय राष्ट्रीय शोध संगोष्ठी का शुभारंभ वाग्देवी भवन स्थित राष्ट्रभाषा सभागार में हुआ। संगोष्ठी `महात्मा गाँधी:भाषा,साहित्य और लोक संस्कृति के परिप्रेक्ष्य में` विषय की गई।       इस संगोष्ठी का शुभारंभ वरिष्ठ समालोचक एवं इलाहाबाद … Read more

शहादत की फसल

डॉ.चंद्रदत्त शर्मा ‘चंद्रकवि’ रोहतक (हरियाणा) ******************************************************* जाने कितनी शहादत ने बोए घाटी में बीज, सत्तर साल से खून से सींच पत्थर गए पसीज फिर से लाली आई है भारत माँ के चेहरे पर, फिर से लगी मणि ज्यों भारत दूल्हे के सेहरे पर। कितनी विधवाओं को मानो सिंदूर मिला है, पुत्रहीन माताओं की गोद शिशु … Read more

उत्सव

रेणु झा ‘रेणुका’ राँची(झारखंड) ******************************************************************* कहां मना पाती हूँ उत्सव उन सबके बिना, वो निकल पड़े अपनी राह मैं निहारती रहती डगर, जब भी वो आएंगे इधर सब मिलकर मनाएंगे उत्सव। अब तो घर सूना दिल भी सूना रहता है, हर आहट पर खटका सबके आने का, उत्सव तो अपनों की खुशियों से सजता है, … Read more

छोटे पर्दे का आम आदमी बड़े पर्दे का कलाकार

डॉ.सोना सिंह  इंदौर(मध्यप्रदेश) ********************************************************************* लोकप्रिय सिनेमा के मजबूत स्तंभ……….. भारतीय फिल्म उद्योग का एक ऐसा चेहरा,जो छोटे पर्दे पर तो आम आदमी है,पर वही आम आदमी बड़े पर्दे का बड़ा कलाकार है। थिएटर, टी.वी. और सिनेमा का एक नायक जिसे भारतीय दर्शक आफिस- आफिस के त्रस्त भारतीय आम आदमी की तरह जानते-पहचानते हैं। राष्ट्रीय फिल्म … Read more

हरियाला सावन

बाबूलाल शर्मा सिकंदरा(राजस्थान) ************************************************* हरित धरा हो सारी, तरुण गिरि श्रंगारी, मीत गीत शीत संग, झूमें पुरवाइया। तरु खग वन्य जीव, रट रहे पीव-पीव, तीज पर्व वृक्षों पर झूलती कुमारियाँ। आएँ मन भावन जो, भाए मन सावन वो, दूर होवे तब सब, मन से दुस्वारियाँ। खेत व फसल प्यारी, वृक्ष रोपि मेड़ क्यारी, नीर का … Read more

है कैसी बरसात

पूनम दुबे सरगुजा(छत्तीसगढ़)  ******************************************************************************—- मौसम है बहारों का, रिमझिम-सी फुहारों का तेरी-मेरी बातों का, प्यार भरी मुलाकातों का उभरते जज्बातों का…l मौसम है… छोड़ो सारे गिले-शिकवे, बरखा की बूंदों से मिलेl पत्ते-पत्ते डाली-डाली, कैसे झूम-झूम के मिलेl हाँ मौसम इनसे मिलने का हसरत भरी निगाहों का…। मौसम है… तेरी-मेरी कहानी हो, कुछ यादें पुरानी होl … Read more

आज स्वर्ग में भी क्या नजारा होगा..

संजय बाद्विक ********************************************************** जब सुषमा जी ने अटल जी को बताया होगा कि देश की बेटी उनके स्वप्नों को साकार करके उनके पास पहुँची है, भैया मैं वही सुषमा जिसको संसद में मंत्री का सम्मान दिया,राजनीति के गुरुवर बन कर देशधर्म का ज्ञान दिया। हाँ हाँ भैया वही,वही,जो हर दिन मिथक तोड़ती थी। हाँ जो … Read more

अनुपम व्यक्तित्व

सुलोचना परमार ‘उत्तरांचली देहरादून( उत्तराखंड) ******************************************************* इस धरा में पैदा हुए, हैं अनुपम व्यक्तित्व जो उन्हें सलाम करते हैं हम, अपनी छाप छोड़ गए जो। है जूनून जिनमें यहां, लक्ष्य भेद देते हैं वो इस धरा की माटी में, रोज पैदा होते हैं वो। करते हैं विश्वास खुद पे, ऐसा काम करते हैं वो अब्दुल … Read more