इश्क थोड़ा-सा उसको भी सिखा देना

श्रीकांत मनोहरलाल जोशी ‘घुंघरू’ मुम्बई (महाराष्ट्र) *************************************************************************** इश्क थोड़ा-सा उसको भी सिखा देना, कि जब भी पन्ना पलटे,याद मेरी दिला देनाl धुआं हो जाएगी ये जिंदगी आखिर, सभी को राख होना है,ये उसे भी बता देनाl दिल टूट चुका है अब और क्या तोड़ोगे, ये आवाज थी उसकी,कोई पूछे तो बता देनाl रहम करना तू मेरी … Read more

शब्द

सुलोचना परमार ‘उत्तरांचली देहरादून( उत्तराखंड) ******************************************************* शब्दों के जब बाण चलें तो, दिल घायल हो जाता है। कैसा भी हो नेह का बंधन, आखिर वो भी टूट जाता है। शब्द हमारे होंठों से यूँ, जब हवा में लहराते हैं। कहीं पर दिल में डाका डालें, कहीं पे आग लगाते हैं। जो सोच के शब्दों को … Read more

भ्रष्टाचार की काली राजनीति है `कट मनी`

ललित गर्ग दिल्ली ******************************************************************* पश्चिम बंगाल में एक अजीबोगरीब भ्रष्टाचार-विवाद इन दिनों सत्तारूढ़ तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) के गले की हड्डी बना हुआ है, और वह है ‘कट मनी’ विवाद। कट मनी अवैध कमीशन है,सरकारी भ्रष्टाचार का घिनौना रूप है। टीएमसी कार्यकर्ता राज्य के ऐसे लोगों से यह कमीशन वसूलते हैं,जिन्हें सरकार विभिन्न कल्याणकारी योजनाओं के … Read more

चलो करें वादा

अवधेश कुमार ‘अवध’ मेघालय ******************************************************************** तड़पकर उम्र गुज़री है,ज़ुदाई अब न दो ज्यादा। रहा जीवन बहुत नीरस,बहुत बोझिल बहुत सादा। ज़ुदा होकर के जीना और मरना दोनों है मुश्किल- नहीं होंगे ज़ुदा अब हम,चलो दिल से करें वादा। परिचय-अवधेश कुमार विक्रम शाह का साहित्यिक नाम ‘अवध’ है। आपका स्थाई पता मैढ़ी,चन्दौली(उत्तर प्रदेश) है, परंतु कार्यक्षेत्र की वजह … Read more

अस्तित्व

मनोरमा जोशी ‘मनु’  इंदौर(मध्यप्रदेश)  **************************************************** अपने को पहचानने की, कोशिश बरकरार है। आश्चर्य है मुझे स्वयं पर, कहाँ हूँ,क्या हूँ,कैसी हूँ… बस यही नहीं समझ पाती हूँ, कभी हवा में उड़कर अपनों को बुलंदियों पर पाना, कभी ठहर कर राह ताकते रह जाना… विवशता से और अचानक ही अकर्मण्य हो जाना, या कभी लहरों की … Read more

चंद्रयान

गीतांजली वार्ष्णेय ‘ गीतू’ बरेली(उत्तर प्रदेश) ************************************************************************* कहता था कवि कभी प्रेयसी से- “चाँद पर घर बनाऊँगा”, इसरो ने किया वादा,सपना मैं सजाऊँगा। आज अभिनंदन हर जन कर रहा, छोड़ दिया चंद्रयान-२,घर वहीं बनाऊँगा। दुनिया पग में काँटे लाख बिछाए, लाख करे बदनाम,संघर्ष कर लड़ जाऊँगा। नहीं चाहिए साथ किसी का,न किसी का नाम, अपने … Read more

ओ मेघ अब तो बरस जा

संजय वर्मा ‘दृष्टि’  मनावर(मध्यप्रदेश) ********************************************************************************** सूखी धरा तरसे हरियाली, जाती आबिया लाएगी संदेशा माटी की गंध का होगा कब अहसास हमें गर्म पत्थरों के दिल कब होंगे ठंडे, घनघोर घटाओं को देख नाचते मोर के पग भी अब थक चुके, मेंढक को हो रहा टर्राने का भ्रम ओ मेघ अब तो बरस जा…। छतरियां,बरसाती भूली … Read more

चन्द्रयान-दो

बिनोद कुमार महतो ‘हंसौड़ा’ दरभंगा(बिहार) ********************************************************************* भेजा है फिर चाँद पर,’इसरो’ ने चन्द्रयान। दुनिया में भारत बना,चौथा देश महान॥ चौथा देश महान,इसकी लागत न ज्यादा। औरों की क्या बात,यहाँ आधे से आधा॥ कह ‘बिनोद’ कविराय,हर्षित हुआ कलेजा। इसरो पर है गर्व,चाँद पर इसको भेजा॥ परिचय : बिनोद कुमार महतो का उपनाम ‘हंसौड़ा’ है। आपका जन्म १८ जनवरी … Read more

गम सहती है,फिर भी हँसती है…

अनिता मंदिलवार  ‘सपना’ अंबिकापुर(छत्तीसगढ़) ************************************************** हर गम सहती है। फिर भी हँसती हैll चलना ही है जीवन, बस यही कहती है। हर हाल में वह, मुस्काती रहती हैll हर गम सहती है… फिर भी हँसती है… तेरी एक आवाज पर, दौड़ी चली आती है। स्नेह की धारा लुटा, नदिया बन बहती जाती हैll हर गम … Read more

बधाई

डॉ.राम कुमार झा ‘निकुंज’ बेंगलुरु (कर्नाटक) **************************************************************************** चन्द्रयान आकाश में,सफल उड़ा अभियान। अभिनंदन-बधाईयाँ,वैज्ञानिक सम्मानll भारत जन-मन है मुदित,कृतज्ञ बना विज्ञान। जीत निशाकर दूर नहीं,पूर्ण हुआ अरमानll साधुवाद वैज्ञानिकों,हमें आप पर नाज। भारत है अब विश्व में,अंतरिक्ष सरताज़ll पुलकित हम साफल्य से,चन्द्रयान-दो आज। जनमानस बधाईयाँँ,हो भारत समाजll दे निकुंज का कवि हृदय,साश्रु मुदित अभिमान। वर्धापन वैज्ञानिकों,आप … Read more