हाय रे संस्कार
राजू महतो ‘राजूराज झारखण्डी’ धनबाद (झारखण्ड) ************************************************************************** हाय रे संस्कार, प्रगति में दुर्गति हो गयी…कहाँ से लाऊं प्यार, हाय रे संस्कारl अब बेटा ना मिलता राम-सा, रहा ना भाई का भाई से प्यार बात-बात पर होती सास-बहु में तकरार, हाय रे संस्कार। पैदा होते बेटा,बाप को कहता यार, शिष्य कहे गुरु से-तुम्हें नहीं पता जीवन … Read more