विरह वेदना

संजीव शुक्ल ‘सचिन’  पश्चिमी चम्पारण(बिहार) ****************************************************************** है गीत ये मिलन का,गाओ मुझे सुनाओl चितचोर दिल लगाकर,यूँ दूर अब न जाओll तेरे लिए सजी हूँ,मनमीत मैं बता दूँl जो भूल तुम गये हो,चल याद मैं करा दूँll दृग से मुझे गिराकर,यूँ दूर तुम न जाओl है गीत ये मिलन का,गाओ मुझे सुनाओll चक्षु में तुम बसे … Read more

अप्पू

सविता सिंह दास सवि तेजपुर(असम) ************************************************************************* सुबह-सुबह किसी के दरवाज़ा खटखटाने से मेरी नींद खुल गई। चारों तरफ जंगल,यहाँ कौन मुझसे मिलने आया होगा। आज तो हरि काका भी छुट्टी पर है,चलो देखते हैं,सोचकर आँखें मलता हुआ मैं दरवाजे की ओर बढ़ा। खिड़की से बाहर देखा तो चौंक गया,अरे ये तो छोटा-सा हाथी का बच्चा है। … Read more

पैगाम आएगा…!

डॉ.पूजा हेमकुमार अलापुरिया ‘हेमाक्ष’ मुंबई(महाराष्ट्र) ********************************************************* पैगाम आएगा जिस रोज़ मेरे चले जाने का, होगी कुछ-कुछ अलसाई-सी सुबह चारों ओर। कहीं ईमेल,व्हाट्सएप और ट्वीटर तो कहीं ट्रिंग-ट्रिंग बजा-बजा, पहुँच रहा होगा मेरे न रहने का संदेश। तनी चादर के किसी छोर से, आहिस्ता से अँगड़ाई भरे हाथों से, रिसीव होंगे फोन कॉल। उड़ जाएगी नींद … Read more

लोकसभा की शुरुआत सही दिशा में

ललित गर्ग दिल्ली ******************************************************************* हर राष्ट्र का सर्वाेच्च मंच उस राष्ट्र की संसद होती है,जो पूरे राष्ट्र के लोगों द्वारा चुने गए प्रतिनिधियों द्वारा संचालित होती है,राष्ट्र-संचालन की रीति-नीति और नियम तय करती है,उनकी आवाज बनती है व उनके ही हित में कार्य करती है। राष्ट्र के व्यापक हितों की सुरक्षा करती है। भारत का … Read more

पंच प्यारे

डॉ.चंद्रदत्त शर्मा ‘चंद्रकवि’ रोहतक (हरियाणा) ******************************************************* आज विदाई पार्टी है,सभी के चेहरे उदास भाव की तख्ती बनकर लटक रहे हैं। बारहवीं कक्षा स्कूली शिक्षा का अंतिम पड़ाव होता है,जिसे पार करके जीवन के प्रत्यक्ष अनुभवों का सामना और पिछली यादों को संजोए रखना होता है। छात्रों के साथ-साथ आज अध्यापकों का मन कमल भी मुरझाया-सा … Read more

दुःखी किसान

प्रेमशंकर ‘नूरपुरिया’ मोहाली(पंजाब) **************************************************************************** इस भयंकर वर्षा ने पकी फसल को सुला दिया, उस गरीब किसान को इसने मार के रुला दिया। जो अपना कर्म समझ के पी रहा चोटों का दर्द, आज उस अन्नदाता को ईश्वर ने भी भुला दिया॥ वर्षा के कितने रुप,कभी अमृत तो कभी जहर, लेकर आई यह विनाशी अंधकार,मचाया है … Read more

लेखक ‘कल्पेश’ को रोहतक में मिला सम्मान

रोहतक(हरियाणा)। साहित्य संगम संस्थान के बोली विकास मंच के अधीक्षक डॉ.रिखब चन्द राँका ‘कल्पेश’ को विलक्षणा रत्न अवार्ड-२०१८ से सम्मानित किया गया है। विलक्षणा सार्थक एक पहल समिति द्वारा रोहतक में राष्ट्रीय स्तर पर आयोजित सम्मान समारोह में कार्यक्रम के अध्यक्ष व नरेन्द्र मोदी विचार मंच के अध्यक्ष रवि चाणक्य,अति विशिष्ट अतिथि डॉ.सोमेश्वर दत्त शर्मा … Read more

हिन्दी में सर्वाधिक अंक के लिए २२ विद्यार्थी सम्मानित

सरकार को हिन्दी के उत्थान के लिए ठोस कदम उठाने चाहिए-श्री सक्सेना शाहजहांपुर(उत्तरप्रदेश) | देश में शहीदों की नगरी के नाम से विख्यात शाहजहांपुर(पुवायां)के प्रेमचन्द्र स्मारक इण्टर कालेज में एक कार्यक्रम करके हिन्दी में सर्वाधिक अंक लाने के लिए छात्र-छात्राओं का सम्मान किया गया। मुख्य अतिथि ने २२ बच्चों को अपने विद्यालय में हाईस्कूल व … Read more

भारत माँ

नताशा गिरी  ‘शिखा’  मुंबई(महाराष्ट्र) ********************************************************************* मैं भारत हूँ ,हाँ मैं भारत हूँ, तुम सबकी भाग्य विधाता हूँl देखो… पूरे जगत में अपनी विशालता की कहानी बतलाई है, त्याग है देखी,ममता देखी शौर्य का अदभुत दृश्य, दुनिया को दिखलाया है। दुनिया के दिल को जीता है बस फिर अपने ही घर में हार गईं, बैठ अंधेरी … Read more

अब कर्म करो

इंदु भूषण बाली ‘परवाज़ मनावरी’ ज्यौड़ियां(जम्मू कश्मीर) ******************************************************* भोग ली है जिन्दगी अब कर्म करो, राजनीतिक प्रहरियों अब शर्म करो। दशकों वर्ष बीत चुके कुछ बाकी है, मन्दर-मस्जिद भूल मानवधर्म करो। सहत्र वर्ष की हो चुकी भाषणबाजी, रक्त न बहाओ क्रोध कुछ नर्म करो। युद्ध की गर्जना व ललकार समझो, व्यवस्था सुधारने हेतु रक्त गर्म … Read more