आजादी के सपने

ओमप्रकाश अत्रि सीतापुर(उत्तरप्रदेश) ********************************************************************************* आज, आजादी के लिए कुर्बान होने वाले सेनानियों के सपने साकार हो रहे हैं। जो गुलामी की जंज़ीरों को तोड़कर, लाना चाहते थे देश की खुशहाली। मिल गई उनको उनके देश की आजादी, गूँज उठी उनके बच्चों की फिर से किलकारी। देश की तरक्की में जो काम अधूरा रह गया था, … Read more

मातृभूमि वन्दना

मनीषा मेवाड़ा ‘मनीषा मानस’ इन्दौर(मध्यप्रदेश)  **************************************************************** तेरा क्या गुणगान करु ‘माँ’, मैं शब्दों की माला से। तू फूलों का उपवन है, मै उपवन की नन्हीं कली। तू सागर की लहरों जैसी, मैं सिमटी एक धारा हूँ। तेरे चरणों में अमृत है, तू अमरता की मूरत है। तेरा क्या गुणगान करु ‘माँ’, मैं शब्दों की माला … Read more

धन

विरेन्द्र कुमार साहू गरियाबंद (छत्तीसगढ़) ****************************************************** हो यदि पाना चाहते,धन वैभव पद खास। सुखी रखो माँ-बाप को,बनकर उनके दास॥ धन जग में सब कुछ नहीं,है यह सच्ची बात। लेकिन धन बल के बिना,कटे नहीं दिन-रात॥ याचक को सुख दे सकूँ,धन हो इतना पास। मेरे घर भी सुख रहे,करे शांति नित वास॥ सबको करना चाहिए,यथा शक्ति … Read more

इश्क़ का नशा…

अलका जैन इंदौर(मध्यप्रदेश) ******************************************************** ख़त लिख-लिख के आने का वादा किया यार ने, हम इंतजार कर-करके थक गये दोस्त चिठ्ठी फिर बांची बहुत बार बांची, कहीं पैगाम गलत तो नहीं समझा हमने यार तो नसीब न हुआ चिठ्ठी रह गई हाथ में, मेरे प्यार में तो कमी नहीं थी कैसे यार दगा कर गया इश्क … Read more

विद्यावाचस्पति’ मानद उपाधि से सम्मानित होंगे कैलाश मंडलोई ‘कदंब’

नई दिल्ली(भारत)। साहित्य संगम संस्थान(नई दिल्ली) द्वारा आयोजित वार्षिकोत्सव में रायबिड़पुरा(खरगोन,मध्यप्रदेश) के साहित्यकार,पर्यावरण प्रेमी और शिक्षक कैलाश मंडलोई ‘कदंब’ को हिन्दी साहित्य की दीर्घकालीन सेवा के लिए ‘विद्यावाचस्पति’ मानद उपाधि से सम्मानित किया जाएगा। साथ ही इनकी किताब का विमोचन भी होगा। संस्थान के राष्ट्रीय मीडिया प्रभारी राजेश कुमार ‘पुरोहित’ ने यह जानकारी दी। उन्होंने … Read more

कुछ यूँ ही…

डॉ.नीलम कौर उदयपुर (राजस्थान) *************************************************** कुछ कहने-सुनने के लिए नहीं, कभी यूँ ही मिलने-मिलाने को आ। जानता है तू मुझे इतना ही काफी है, पहचान अपनी कुछ बढा़ने को आ। नहीं है ख्वाहिश कोई जिद अपनी मनवाने की, बस इतना ही कि तू मुझे रिझाने को आ। कहते हैं मिलने-मिलाने से मिटती हैं दूरियां, कुछ … Read more

माँ तुम मेरा जहान

शिवांकित तिवारी’शिवा’ जबलपुर (मध्यप्रदेश) ******************************************************************** रास्ता तुम्हीं हो और तुम्हीं हो मेरा सफ़र, वास्ता तुम्हारा है हर घड़ी और हर पहर। तुम ही मेरे जीवन की सबसे मजबूत कड़ी, तुम ही मुश्किलों में सिर्फ मेरे साथ खड़ी। मुझको धूप से बचाने बन के आती छाँव हो, तुम ही मेरा शहर और तुम ही मेरा गाँव … Read more

मैं ढूंढ रहा हूँ..

डॉ.विद्यासागर कापड़ी ‘सागर’ पिथौरागढ़(उत्तराखण्ड) ****************************************************************************** मैं वस्त्रों में लिपटे रजकन ढूंढ रहा हूँ। मैं वो अपना मनहर बचपन ढूंढ रहा हूँll चोर,वजीर,सिपाही लिखते थे कागज पर, या सिक्कों की गुच्ची खेली भू की रज पर। कभी हांक ले गये खेतों में हम बैलों को, तोड़-तोड़ मिट्टी करते थे हम ढेलों को। वही अमोलक जगती का … Read more

सीमाएँ जब टूटती हैं…

डाॅ.आशा सिंह सिकरवार अहमदाबाद (गुजरात )  **************************************************************** सीमाएँ जब टूटती हैं, बनी हुई मूरत को जब हथौड़े से तोड़ा जाता है, सदियों पुरानी मूरत पहले झेलेगी छोटे-छोटे वार, असंख्य प्रहारों के पश्चात एक आखिरी वार जो होगा सबसे ताकतवर, बिखर जाएगी मिट्टी। जब बिखर जाती है कोई बनी हुई मूरत, अब नयी मूरत बनने में … Read more

विजय सम्मान

डॉ.राम कुमार झा ‘निकुंज’ बेंगलुरु (कर्नाटक) **************************************************************************** महाविजय अभियान से,अश्वमेध का अश्व। क्षत-विक्षत रिपुदल हुआ,कामदार तेजश्वll अहंकार की आग में,हुआ विरोधी अन्त। चोरों का अदभुत मिलन,हार गई उस सन्तll गाली प्रधान को हर दिवस,कह गब्बर अपमान। नोटबंदी का भय दिखा,सूट-बूट बदनामll राष्ट्रवाद भारी पड़ा,मुद्दा बना विकास। बालकोट का शौर्यबल,मोदी पर विश्वासll रण भेदा कुरुक्षेत्र का,पार्थ … Read more