बेरंग होली

सुरेन्द्र सिंह राजपूत हमसफ़र देवास (मध्यप्रदेश) ******************************************************************************* इस महीने रमेश के वेतन से ८० प्रतिशत पैसा पत्नी के इलाज़ में खर्च हो चुका था। एक बार डॉक्टर के पास जाने की देर है,फ़िर तो ये जाँच ,वो जाँच दवाई से चार गुना रुपया डॉक्टर द्वारा लिखी गई जाँच में खर्च हो जाता है। एक बार तो … Read more

नन्हें बच्चे

विजय कुमार मणिकपुर(बिहार) ****************************************************************** नन्हें बच्चे आए घर, मिल-जुलकर मनायें उत्सव उम्र हमारी लग जाये, हो जाए अजर-अमर। पढ़ें-लिखें वे मन लगाकर, खेले क्रिकेट,कबड्डी और शतरंज माता-पिता की सेवा करें, रहें परिवार के संग। सच्चाई पे चलते रहें, कभी न रुके ये कदम बुराई से लड़ते रहें, जीत जाएंगे सारी जंग। मंजिल तो खुद आएगी, … Read more

लाल गुलाब

डॉ.विद्यासागर कापड़ी ‘सागर’ पिथौरागढ़(उत्तराखण्ड) ****************************************************************************** तुम जाती हो बगिया में जब-जब भी प्रियतम, और हास में खुल जाते हैं अधर तुम्हारे। हीन भावना से ग्रसित हो लाल गुलाब तब, गिनने लगता उस बगिया में असर तुम्हारे॥ सब कलियां शरमाती स्तब्ध सुमन हो जाते, परियां भ्रमित होकर अपनी मीत बुलातीं। देखो भ्रमर कानाफूसी करने लगते, लतिकायें … Read more

भारतीय सभ्यता और संस्कृति

शंकरलाल जांगिड़ ‘शंकर दादाजी’ रावतसर(राजस्थान)  *********************************************************************************- चैत्र प्रतिप्रदा आने की ही इंतजारी है, सांस्कृतिक त्योहार अब मनाने की बारी है। उपेक्षा मत किया कीजिये इसकी, विरासतों को भूलना भयंकर भूल है। उलझे हैं लोग अब भी अंग्रेजी साल में, भारतीय हृदय में चुभता है हर हाल में। डूबे हैं पाश्चात्य सभ्यता के रंग में सब, … Read more

नयी उम्मींदे-नया आसमां

डॉ. आशा गुप्ता ‘श्रेया’ जमशेदपुर (झारखण्ड) ******************************************* महफ़िलों का दौर चलता रहे, नयी उम्मीद संग नया आसमांl ऋतुएँ सिखाती बनना नया, नये पुष्प सुगंध देते जो मिले पशु-पक्षी नव कलरव हैं करें, दिन-रात सिखाये चलना सदा फिर क्यों हार कर रुकना बताl जिंदगी से इश्क मचलते रहे…ll महफ़िलों का दौर चलता रहे नयी उम्मीदें संग … Read more

भोले भंडारी आ जाओ

लालचन्द्र यादव आम्बेडकर नगर(उत्तर प्रदेश) *********************************************************************** भोले भंडारी आ जाओ, प्रभु नौका पार लगा जाओ। प्रभु लोभ,मोह,मद,माया को, दो,ज्ञान सुधा इस काया को प्रभु हम से दूर भगा जाओl प्रभु नौका पार लगा जाओll जो विषम भाव मेरे मन हो, हों विलग,तो पावन,तन-मन हो। उसमें समरसता भर जाओ। प्रभु नौका पार लगा जाओll हर पल … Read more

हिम्मत

मनोरमा चन्द्रा रायपुर(छत्तीसगढ़) ******************************************************** ध्येय मार्ग पर चलते जाएँ, हिम्मत कभी न हारें। दूरी कितनी भी लंबी हो, आगे बढ़ते जाएँll लक्ष्य प्राप्ति के लिए निरंतर, पथ-पथ कदम बढ़ायें। अपने साथ औरों को भी, सतमार्ग पे चलना सिखायेंll कर्म पर करके भरोसा, आत्मनिर्भरता दिखायें। मंजिल पाने का प्रयास, नित-नित करते जायेंll साहस से मिलती है … Read more

तीन जोड़ी पायल…

मनोज कुमार सामरिया ‘मनु’ जयपुर(राजस्थान) *************************************** जबसे मैंने सुनना सीखा सुनकर गुनना सीखा, तब से मैं पहचानता हूँ पायल को और उसकी छनछन को। पहले जब मैं भूख से बिलखकर तड़प-तड़प कर रो-रो कर, आँगन को उठा लेता था सिर पर… तब कहीं से चला आता था, पायल का स्वर…। हाँ ये माँ के आने … Read more

भाषा और संस्कृति:एक सत्यान्वेषण

छगन लाल गर्ग “विज्ञ” आबू रोड (राजस्थान) **************************************************************************** एक सत्य साहित्यसेवी के संदर्भ में हर बार दोहराना चाहता हूँ कि वह जीवन की सौंदर्य अनुभूति से आह्लादित होकर या कला सौन्दर्य की अनुभूति से समाज को लाभान्वित करने साहित्य में नहीं आया,अपितु भीतर की सघन संवेदनाएं पीड़ित मानव के प्रति भावुक होकर अभिव्यक्ति देने के … Read more

जै जै राम जै श्री राम

बोधन राम निषाद ‘राज’  कबीरधाम (छत्तीसगढ़) ******************************************************************** जै जै राम जै श्री राम, जै जै राम जै श्री राम। मन मंदिर में राम बसा ले, तेरे बनेंगे बिगड़े काम॥ राम नाम की शक्ति भारी, तैर रहे पत्थर सागर में। दो अक्षर का राम नाम है, भर जाए दुनिया गागर में॥ सुन के रघुराई आयेंगे, हरने … Read more