वो कहीं रूठ न जायें..

संजय जैन मुम्बई(महाराष्ट्र) **************************************** इस बात का डर है,वो कहीं रूठ न जायेंIनाजुक से हैं अरमान मेरे,कहीं टूट न जायें। फूलों से भी नाजुक है,उनके होंठों की नरमी,सूरज झुलस जाये,ऐसी साँसों की गरमी।इस हुस्न की मस्ती को,कोई लूट न जाये,इस बात का डर है,वो कहीं रूठ न जायें…॥ चलते हैं तो नदियों की, अदा साथ ले … Read more

सैर गाँव की

डॉ. गायत्री शर्मा’प्रीत’कोरबा(छत्तीसगढ़)******************************************* आओ तुम्हें सैर हम गाँव की करायेंगे।मुलाकात तुम्हें धूप-छाँव से करायेंगे। पनघट पर जाती हुई गाँव की गौरी,श्रंगार सजी बैठी गाँव की ये छोरी।आज तुम्हें हरे-भरे खेत भी दिखायेंगे,आओ तुम्हें सैर…॥ गायों को हरी-भरी घास मिल जाती है,धरती से प्यार व दुलार भी वे पाती हैं।आज तुम्हें मोरों का नृत्य भी दिखायेंगे,आओ … Read more

आई भ्रष्टाचारन

जसवीर सिंह ‘हलधर’देहरादून( उत्तराखंड)********************************* चाँदी की पायल छनन-छनन,सोने के कंगन खनन- खनन।आयी पहने भ्रष्टाचारन,आयी पहने भ्रष्टाचारन। छन-छन पायल झंकारों से,नैनों के कुटिल प्रहारों से,संसद में देखो नाच रही,बतियाती खादी यारों से।मर्यादा तार-तार करके,गिनवाती सिक्के घनन-घनन,चाँदी की पायल छनन-छनन,सोने के कंगन खनन- खनन…॥ लहराती कुटिल दिशाओं में,तब सत्य मार्ग अकुलता है,जब रूप दिखाये यौवन का,तब स्वर्ग … Read more

जन्नत बनाएँ यह पर्यावरण

सरफ़राज़ हुसैन ‘फ़राज़’मुरादाबाद (उत्तरप्रदेश) ***************************************** रश्के ‘जन्नत बनाएँ यह पर्यावरण।आओ हम सब ‘सजाएँ यह पर्यावरण। इस ‘धरा को सजाएँ ‘चलो हर तरफ़।पेड़-पौधे लगाएँ ‘चलो हर तरफ़।पानी हरगिज़ बहाए न बेजा कोई,यह मिशन हम ‘चलाएँ चलो हर तरफ़। रश्के जन्नत बनाएँ यह ‘पर्यावरण।आओ हम सब’ सजाएँ यह पर्यावरण। ज़िन्दगी ‘है ज़रुरी परिन्दों की ‘भी।लाज़मी है ‘ह़िफ़ाज़त ‘दरिन्दों … Read more

मानव जीवन न व्यर्थ गंवाना साथी

शंकरलाल जांगिड़ ‘शंकर दादाजी’रावतसर(राजस्थान) ****************************************** मानव जीवन आज मिला है,इसे न व्यर्थ गंवाना साथी।जीवन दीप कर्म है बाती,उजियारा बिखराना साथी॥ जीवन पाकर भूल न जाना,करना प्यार सभी अपनों कोपूर्ण हमेशा करना तुमको,सबके मन चाहे सपनों को।महत्वपूर्ण है कर्म यही,अपना धर्म निभाना साथी॥जीवन दीप कर्म… आयेंगी बाधायें कितनी,लेकिन टूट नहीं तुम जानातोड़ मुश्किलों की जंजीरें,जीवन पथ पर … Read more

आज की दुनिया

प्रो.डॉ. शरद नारायण खरेमंडला(मध्यप्रदेश) ******************************************************* आज की दुनिया कैसी हो गई,मत पूछो।प्रेम भावना कहाँ खो गई,मत पूछो॥ मानव तो अब रहा न नेहिल,बिखर रहे अरमानप्यार-वफ़ा की रही न क़ीमत,सोया है इंसानसारी ही अब हँसी खो गई,मत पूछो।आज की दुनिया कैसी हो गई,मत पूछो…॥ स्वारथ का बाज़ार गर्म है,बिकता है ईमानलाशों के ठेके होते हैं,करुणा का … Read more

अपनी धरती सजा लें

हीरा सिंह चाहिल ‘बिल्ले’बिलासपुर (छत्तीसगढ़) ************************************** पर्यावरण दिवस विशेष…… चलो आज हम अपनी धरती सजा लें।इसे फिर से पहले जैसी बना लें॥ रहे जिन्दगी भर ये ‘पर्यावरण’ दिन,सभी इन विचारों को दिल में जगा लें।चलो आज हम… हमें कितना कुछ ये देती हमेशा,मगर हम करें इसका दोहन हमेशा।कभी सोचते न लिया तो दिया क्या,रहेगी धरा … Read more

पिताजी की साईकल एक

आशा आजाद`कृति`कोरबा (छत्तीसगढ़) ******************************************* मेरे पिता जी की साईकल स्पर्धा विशेष….. साईकल सुंदर एक,पिताजी नित्य चलाते।चढ़कर उस पर ही रोज,काम करने है जाते॥ छोटी-सी उनकी चाह,हमें खुश रखना हर पल,जिम्मेदारी है खूब,निभाते खटते प्रतिपल।कठिन लगन तप रख साथ,सदा वो है मुस्काते,साईकल सुंदर एक,पिताजी नित्य चलाते॥ पैरों में है निज जोर,पैडिल घूमें सरपट,श्रेष्ठ हृदय के सब … Read more

नवप्रभात आएगा

डॉ. गायत्री शर्मा’प्रीत’कोरबा(छत्तीसगढ़)******************************************* निशी के बंधन को तोड़ नवप्रभात आयेगा।सूर्य की लालिमा से अब यह निखर जायेगा॥ पेड़ों पर कुछ नई अब कोपलें खिल जायेंगीं,कलियां फूल बनकर एक नया गीत गायेगीं।भंवरा भी आकर अब प्रभाती गीत गायेगा,निशी के बंधन… रूप की सरिता वसुंधरा भी अब बहायेंगी,आँचल में खुशियां लिये यह कुछ गुनगुनायेगी।सूरज नव प्रकाश बन … Read more

विश्वास है गर ख़ुद पर,अड़े रहो

प्रो.डॉ. शरद नारायण खरेमंडला(मध्यप्रदेश) ************************************** विश्वास है गर ख़ुद पर,अड़े रहो।हर बुराई,मुश्किल से भिड़े रहो॥ ज़िन्दगी दर्द की कहानी है,हर ओर पीर की बयानी हैपर है भीतर आपके जज़्बा,तो हर रुत सुहानी हैरुकना नहीं है,घबराकर,आगे ही आगे बढ़े रहो।विश्वास है गर ख़ुद पर,अड़े रहो…॥ चारों ओर काँटे बिखरे हैं,अपने ही अपनों को अखरे हैंकहीं आतंक … Read more