बौराया अम्बुवा…

डॉ. गायत्री शर्मा’प्रीत’कोरबा(छत्तीसगढ़)******************************************* सरसों खिली बाग में पीत हो गये।बसंती रूत में गुल मीत हो गये॥ बौराया अम्बुवा पलाश खिल रहे,टेसू के रंगों से रंग मिल रहे।फागुनी राग में नवगीत हो गये,सरसों खिली…॥ रूत बसंत आज उल्लास भर रही,लताएं फूल से श्रृंगार कर रही।भंवरों की गुंजन के गीत हो गये,सरसों खिली…॥ निर्झर निनाद से अब … Read more

अमर शहीदों को श्रद्धांजलि

शंकरलाल जांगिड़ ‘शंकर दादाजी’रावतसर(राजस्थान) ****************************************** पुलवामां के अमर शहीदों की कुर्बानी याद करो,आँखों में अंगारे रक्खो दिल से यूँ ना आह भरो।किया पाक ने जो कुकर्म था बदला अभी चुकाना है,चौदह फरवरी सन् उन्नीस को हमको नहीं भुलाना है॥ वही आज का दिन है जिस दिन धोखा हुआ करारा था,घात लगा चालीस जवानों को दुश्मन ने … Read more

प्रतीक्षा

शंकरलाल जांगिड़ ‘शंकर दादाजी’रावतसर(राजस्थान) ****************************************** करते-करते इंतजार अब सूख चुका आँखों का पानी,इस बहार के मौसम में भी मुझको लगती है वीरानी।दीवाना दिल बात न माने हरदम तेरा नाम पुकारे,राह निहारूँ तेरी साजन इंतजार में बाँह पसारे॥ युग बीते परदेस गये तुम भूल गये हो मुझको साजन,करूँ प्रतीक्षा कबसे बैठी बीत गये हैं कितने सावन।इक पल … Read more

गीत-देख सुखद मधुमास सखी री

आशा आजाद`कृति`कोरबा (छत्तीसगढ़) ******************************************* वसंत पंचमी स्पर्धा विशेष ….. इस विरहन की अमिट प्रीत वो,हृदय मिलन की आस सखी री।प्रेमिल मन आह्लाद हुआ अति,देख सुखद मधुमास सखी री॥ व्याकुल रहता है मन अक्सर,प्रेम मिलन की आस मुझे है।अंतर मन की पीड़ा हरने,आओगे विश्वास मुझे है।यहीं कहीं हो पास हमारे,बार-बार अवभास सखी री।इस विरहन की अमिट … Read more

माँ शारदे को सदा नमन

संजय गुप्ता  ‘देवेश’ उदयपुर(राजस्थान) *************************************** वसंत पंचमी स्पर्धा विशेष ….. विद्यादायिनी,वीणावादिनी आपका अभिनन्दन।कर बद्ध मैं करता हूँ,माँ शारदे को सदा नमन॥ मुझ अज्ञानी को,ज्ञान का दान करो मेरी माँ,मुझ नासमझ को,बुद्धि प्रदान करो मेरी माँ।मैं अविवेकी,विद्या का जगहित उपयोग कर पाऊँ,बस यही सर्वदा,मुझ पर एहसान करो हे माँ। तेरे चरणों से ही मिले मुझे,मेरा सफल जीवन,कर … Read more

कुछ बोल न पाए

जसवीर सिंह ‘हलधर’देहरादून( उत्तराखंड)********************************* सोना खेतों ने उगला जब,ठीक तरह हम तोल न पाये।माना बेईमान हुए वो,हम भी तो कुछ बोल न पाये॥ खेती का वरदान मिला था,हम धरती के वीर रथी थे।साहूकारों की मंडी में,छुपकर बैठे पतित पथी थे।उनको मालिक मान लिया क्यों,अपना खाता खोल न पाये।हम भी तो कुछ बोल न पाये…॥ बहुत … Read more

प्यारा मधुमास आया

शंकरलाल जांगिड़ ‘शंकर दादाजी’रावतसर(राजस्थान) ****************************************** आज चली है पवन बसंती जिसने सबका मन हर्षाया।झूम उठे हैं पादप सारे ये प्यारा मधुमास है आया। कलियाँ खिली फूल मुस्काये भंवरे गुन-गुन करते आये,फूलों का मकरंद चुराकर मधुर सुरों में गीत सुनाये।रक्तिम रंग पलाश है लाया,प्यारा ये मधुमास है आया॥ पत्ता-पत्ता डाली-डाली झूम रही बेलें मतवाली,क्यारी सींच रहा बनमाली … Read more

नई मंजिलें

जसवीर सिंह ‘हलधर’देहरादून( उत्तराखंड)********************************* नयी मंजिलें हैं नये काफिले हैं।सभी दूर राहों में उलझे मिले हैं॥ यही है वो बस्ती जहां से चले थे,वहीं एक घर में सभी हम पले थे।पुराना जमाना कहाँ खो गया है,बनाते दिखें सब हवा में किले हैं॥नयी मंजिलें हैं,नये काफिले हैं… वो सस्ती दुकानें कहाँ गुम हुई हैं,वो मस्ती मचानें … Read more

माता,भर दो नव विश्वास

आशा आजाद`कृति`कोरबा (छत्तीसगढ़) ******************************************* करूँ वंदना शारद माँ की,करती हूँ यह आस।नेक सृजन का पथ हो माता,भर दो नव विश्वास॥ जनहित का उद्धार करे हम,सृजन गढ़े अनमोल।शब्द शब्द में सार समाये,मन जाए नित डोल।हृदय भाव की अभिव्यक्ति से,फैले नित्य उजास।करूँ वंदना शारद माँ की,करती हूँ यह आस॥ लेखन में भाईचारा हो,प्रेम भाव का सार।लेखन से … Read more

ये भारत प्राण हमारा है

शंकरलाल जांगिड़ ‘शंकर दादाजी’रावतसर(राजस्थान) ****************************************** रचना शिल्प:मात्रा १६+१४=३० जन्म भूमि ये कर्मभूमि ये भारत प्राण हमारा है,जिस मिट्टी में बचपन खेला उस पर तन-मन वारा है।जिस आँचल की छाँव के तले हमने है जीना सीखा,हम भारत के वासी,हमको कण-कण इसका प्यारा है॥ इस माटी की सोंधी सुगंध,रची हुई है इस तन में,इसकी खातिर जाँ दे सकते … Read more