चातुर्मास है आत्मावलोकन पर्व
डॉ.अरविन्द जैन भोपाल(मध्यप्रदेश) ***************************************************** बिना कारण के कोई कार्य उत्पन्न नहीं होता,कोई भी कार्य निरर्थक नहीं होताl बहुत पहले समाज विखरित थाl उस समय आवागमन के साधन शून्य,कच्चे मार्ग,बैलगाड़ी,घोड़ों की सवारी ही मुख्य साधन होते थेl अधिकतर निवास गांव में होते थेl व्यापार शून्य,खेती- किसानी से निवृत्ति और आवागमन का साधन न होने से जीवन … Read more