नई उड़ान
बाबूलाल शर्मा सिकंदरा(राजस्थान) ************************************************* बहुत दिनों के बाद आज फिर, लिखने का मन करता है। जीत-हार की बातें करतें, अब भी मन डर छलता है। जीत नहीं यह मोदी की है, न हीं कमल निसान की। देश-विदेशी गत घावों को, मत का मल्हम भरता है। जीत किसी की नहीं जीत यह, भारत के मतदाता की। … Read more