माता के चरण तले

अवधेश कुमार ‘आशुतोष’ खगड़िया (बिहार) **************************************************************************** माता के चरण तले,सारे सुख फ़ूले-फले, श्रद्धावन्त ले के चले,असीम दुलार को। पग में ही चारों धाम,देख प्रभु प्रात-शाम, बिगड़ा बनेगा काम,हर दिन बार को। सेवा का मिलेगा फल,आयु,विद्या,यश,बल, माँ की कृपा से हो भल,भूल न ये सार को। जग में उतार दिया,दुनिया का प्यार दिया, सारा सुख वार … Read more

माँ अनमोल

डॉ.शैल चन्द्रा धमतरी(छत्तीसगढ़) ******************************************************************** माँ रोम-रोम में हर मानव के बसती है, उसके बिन नहीं मानव की कोई हस्ती है। जन्मदात्री जननी जग से न्यारी है, हर रूप में माँ सबको प्यारी है। माँ का प्यार-दुलार जीवन का अनुमप उपहार, माँ तेरी हो हर युग में जय-जयकार। माँ सरस्वती-लक्ष्मी-अन्नपूर्णा होती है, खुद विपत्ति सहकर बच्चे … Read more

घाव तलवार से नहीं होता

अब्दुल हमीद इदरीसी ‘हमीद कानपुरी’ कानपुर(उत्तर प्रदेश) ***************************************************** वो कभी मार से नहीं होता। काम जो प्यार से नहीं होता। आज तकनीक़ का ज़माना है, वार तलवार से नहीं होता। घाव होता जो लफ़्ज़ से यारों, घाव तलवार से नहीं होता। घाव करते हैं फूल गहरा जो, घाव वो खार से नहीं होता। काम पूरा … Read more

शुभ्र मातु भारती…

डॉ.विद्यासागर कापड़ी ‘सागर’ पिथौरागढ़(उत्तराखण्ड) ****************************************************************************** हाथ में ध्वजा लिये,शुभ्र मातु भारती। भोर की नव रश्मियाँ,आरती उतारती॥ ये मंद सी बयार है,विहग गान गा रहे। हरित विटप और लता,रूप हैं सजा रहे॥ सुरसुरी पग धो रही, नग राजे भाल में। कर त्रिशूल है धरा,अब्ज लाल माल में॥ मन्दिरों की घंटियां,ऊँ नित उचारती। भोर की नव रश्मियाँ,आरती … Read more

आओ तो दिल की बात कह दूं

दीपेश पालीवाल ‘गूगल’  उदयपुर (राजस्थान) ************************************************** अक्सर रातों में जो करता हूँ खुद से खुद का वो संवाद कह दूं, तेरे होंठों से मेरे होंठों तक का सफर सर-ए-आम कह दूं। तुम सिर्फ और सिर्फ मेरी हो,जमाने से यह हसीं बात कह दूं, अगर आओ कभी….॥ मेरे दिल की धड़कनों को तेरी साँसों की साँझ … Read more

जीवन नौका

सुश्री अंजुमन मंसूरी ‘आरज़ू’  छिंदवाड़ा (मध्य प्रदेश) ********************************************************************************************* प्रकृति चैत्र मास में जैसे,सकल नवल हो जाती है। जीवन को जीवन देकर माँ,नवजीवन खुद पाती है। तेज भले वैशाख धूप हो,पथ संघर्ष चलाती माँ। अमलतास पलाश शिरीष-सा,खिलना हमें सिखाती माँ। जीवन जेठ दुपहरी-सा तो,माँ है पीपल छाया-सी। जल-सी पावन शीतल निर्मल,मूल्यवान सरमाया-सी। आषाढ़ मास बरखा से … Read more

माँ है गीता

अजय जैन ‘विकल्प इंदौर(मध्यप्रदेश) ******************************************************************* माँ है गीता,माँ है कुरान, माँ को करिए रोज प्रणाम। ईश्वर भी नमता जहां पर, माँ ही संसार में असली भगवान। जिसने पाला हमको,वो कैसे अनपढ़ ? माँ तो है सच में ज्ञान की खान। कभी मत दुत्कारो उसको, देती दुआ माँ की मुस्कान। अमूल्य है माँ हर जगत में, … Read more

राणा प्रताप..

निर्मल कुमार जैन ‘नीर’  उदयपुर (राजस्थान) ************************************************************ मेवाड़ी आन, महाराणा प्रताप देश की शान। राणा प्रताप, कोई न सह पाया उसका ताप। राणा महान, भूल नही पायेगा ये हिंदुस्तान। महल छोड़ा, मुगलों का गुरूर राणा ने तोड़ा। कोटि नमन, राजस्थानी माटी को कोटि वंदन। परिचय-निर्मल कुमार जैन का साहित्यिक उपनाम ‘नीर’ है। आपकी जन्म तिथि … Read more

माँ

अनिता मंदिलवार  ‘सपना’ अंबिकापुर(छत्तीसगढ़) ************************************************** मातृ दिवस स्पर्धा विशेष………… शब्द नहीं है मेरे पास सीखा है एहसास जगाना, तूफानी लहरों पर भी सीखा है दीप जलाना। अक्षर भले न पढ़ पाये सीखा है चेहरों को पढ़ना, आँखों से अधरों का सीखा है संवाद बनाना। सुबह-सुबह उठकर वो सूरज से करती ढेरों बातें, आग भरे दरिया … Read more

एक बात बोलूं

मोनिका गौड़’मोनिका’ बीकानेर (राजस्थान ) ************************************************** मेरी छोटी-छोटी ख्वाहिशें, नन्हें से तुमसे ही जुड़े प्रश्न नाजुक-सी अन्तस की बातें, जब कहती हूँ वो देखो चाँद के पास झिलमिलाता एक सितारा, गौरैया की पंख के रंग का शेड देखा तुमने! तुम्हारी ऐनक की थोड़ी-सी टेढ़ी हुई डंडी, चाय के कप में बुझे सिगरेट के टोटे तुम्हारे … Read more