कुनबा
बाबूलाल शर्मा सिकंदरा(राजस्थान) ************************************************* कुुनबा- बातें बीती वक्त भी,प्रेम प्रीत प्राचीन। था कुनबा सब साथ थे,एकल अर्वाचीन। एकल अर्वाचीन,हुए परिवारी सारे। कुनबे अब इतिहास,पराये पितर हमारे। शर्मा बाबू लाल,घात प्रतिघात चलाते। रोते बूढ़े आज,सोच कुनबे की बातें। पीहर- पालन प्रीति परम्परा,पीहर प्रिय परिवार। प्रेम पत्रिका पा पगे,प्रियतम पथ पतवार। प्रियतम पथ पतवार,प्राण प्यारे परदेशी। परिपालन … Read more