शुभ संवत्सर नया साल

प्रो.स्वप्निल व्यास इंदौर(मध्यप्रदेश) **************************************************** नई चेतना नव प्रकाश…नई उम्मीदों का आकाश, शुभ संवत्सर नया साल। नए संकल्पों से शुरुआत…प्रायश्चित का प्रयास, शुभ संवत्सर नया साल। अर्घ्य प्रार्थना मंगलाचरण…राम जन्म का अहसास, शुभ संवत्सर नया साल। ब्रह्मा की सृष्टि रचना…झूलेलाल का जन्म महान, शुभ संवत्सर नया साल। प्रचंड सूर्य खुला आसमान…नवरात्र की शुरुआत, शुभ संवत्सर नया … Read more

सताने आ गए

विद्या पटेल ‘सौम्य’ इलाहाबाद (उत्तर प्रदेश) *********************************************************************** मुफ़लिसी में फिर हमें सताने आ गए। तसव्वुर-ए-चिरागा को बुझाने आ गए। जश्न में हिमाक़त क्या दिखाई हमने, इज़्तिराब होकर नींद में डराने आ गए। देते रहे जख़्म हर मोड़ पर हमें, चुप रही फिर भी आजमाने आ गए। हर दर्द को घोल कर फ़िज़ाओं में जिए, लोग … Read more

माता के नवराते

डॉ.एन.के. सेठी बांदीकुई (राजस्थान) ************************************************************************* माँ शक्ति की उपासना,होते हैं नवरात। मात भवानी-भक्ति में,करते हैं जगरात॥ मंदिर देवी के सजे,लगे नए पांडाल। मन में श्रद्धा भाव है,हाथों पूजा थाल॥ माता के नवरात्र में,जो करता है भक्ति। माता के आशीष से,पाता है वह शक्ति॥ नवराते में होत है,माँ की कृपा अशेष। माता दयालु है बड़ी,सभी मिटाती … Read more

हँसाती रही जिंदगी

अवधेश कुमार ‘आशुतोष’ खगड़िया (बिहार) **************************************************************************** किसी को हँसाती रही जिंदगीl किसी को रुलाती रही जिंदगीl भरा जख्म इक फिर मिला दूसरा, सतत यूँ सताती रही जिंदगीl नई किस्म की रोज देकर दवा, मुझे तो पिलाती रही जिंदगीl उसे तो कहो भाग्यशाली बड़ा, जिन्हें बस हँसाती रही जिंदगीl कटे दूब सा फिर उगे शीघ्र ही, … Read more

नेता

राजबाला शर्मा ‘दीप’ अजमेर(राजस्थान) ******************************************************************************************** रोना अभिनय, हँसना अभिनय सुख में अभिनय, दु:ख में अभिनय इतने अभिनय जाने कैसे कर लेते हैं, चेहरे पर ये चेहरा खूब लगा लेते हैं। खाना अभिनय, पीना अभिनय इनके तौर- तरीके अभिनय, देश की जनता को ये मूर्ख बना लेते हैं, चेहरे पर ये चेहरा खूब लगा लेते हैं। … Read more

एक पेड़ लगाएं,पर्यावरण बचाएं

मनोरमा जोशी ‘मनु’  इंदौर(मध्यप्रदेश)  **************************************************** हरे-भरे उपवन का बन जाये, हर घटक राष्ट्र का माली। क्लेश काल का बने ग्रास नित, काल निशा हो कभी न काली। लेकर के संकल्प आज हम, एक-एक पेड़ लगाएं पर्यावरण बचाएं। वन जब घटा है बड़ा है प्रदूषण, जन-जन में फैली है बीमारी भीषणl यह संताप मिटाएं, आओ एक … Read more

मानव की पहचान

डॉ.अ‍र्चना दुबे  मुम्बई (महाराष्ट्र) ************************************************************************** सेवा शिष्टाचार ही,मानव की पहचान। जन प्रत्येक इसीलिए,दिख रहे परेशानl दिख रहे परेशान,आचरण अच्छा रखना। किये नहीं सत्कार,कहेंगे कैसे अपना। रीत कहे यह बात,मिलेगा कैसे मेवा। अच्छे रखो विचार,करो तुम सबकी सेवाll पक्षी सब आजाद हैं,नभ के छूते छोर। दाना-पानी कर लिये,पंखों में है जोर। पंखों में है जोर,देखते सपने … Read more

स्वर्ग की तलाश खत्म हो गई

डाॅ.आशा सिंह सिकरवार अहमदाबाद (गुजरात )  **************************************************************** ‘प्रेम’ को बचाने की जद्दोजहद में, मिटता जा रहा है प्रेम मिट रहा है अपनत्व,स्नेह माता-पिता और बच्चों के बीच, दादा-दादी और नाती-पोतों के बीच पति-पत्नी और बच्चों के बीच, भाई-बहन और परिवार के बीच शहर में मकान बढ़ते जा रहे हैं, घर हो रहे हैं लापताl चलो! … Read more

जीवनसाथी

अविनाश तिवारी ‘अवि’ अमोरा(छत्तीसगढ़) ************************************************************************ तू प्रेम है श्रद्धा है मेरा विश्वास है, प्रिये साथ तेरा हरपल मधुमास है। कर समर्पण जीवन का पल, प्रतिपल मुझे सँवारा है मान तू अभिमान मेरा हृदय तेरा सुवास है, प्रिये साथ तेरा हरपल मधुमास है। तू शीतल चाँदनी तपती धूप में छांव है, रिश्तों की कोमलता का तुझसे … Read more

नव संवत्सर

सुरेश चन्द्र सर्वहारा कोटा(राजस्थान) *********************************************************************************** हे पुण्य श्लोक नव संवत्सर समय-शिखर से झरते निर्झर, कर ऊर्जा से वसुधा पूरित क्षण-क्षण अविरल गति को संचर। सौंदर्य प्रकृति का उर में भर जाए जग-जीवन और निखर, युग-अंध तमस को दूर करे उगते दिनकर की किरण प्रखर। हैं खिले फूल कितने सुन्दर चूमें लतिका उन्नत तरुवर, बह शीतल … Read more