स्वयं पर पुन: अनुशासन की आवश्यकता

गोवर्धन दास बिन्नाणी ‘राजा बाबू’बीकानेर(राजस्थान)*********************************************** अचानक देश के अनेक भागों से ‘कोरोना’ संक्रमितों की संख्या में इजाफा देख केन्द्र के साथ राज्य सरकारें भी हरकत में आ गई हैं और कहीं रात का कर्फ्यू लगाया तो कहीं १४४ धारा यानि चेन तोड़ने की चेष्टा प्रारम्भ हो चुकी है,जबकि सभी जगह कोरोना टीकाकरण यथावत चालू है।अब जब … Read more

अंतर्राष्ट्रीय मातृभाषा दिवस और हमारी मातृभाषा हिन्दी

गोवर्धन दास बिन्नाणी ‘राजा बाबू’बीकानेर(राजस्थान)*********************************************** अंतरराष्ट्रीय मातृभाषा दिवस स्पर्धा विशेष…. सभी जानते हैं कि यूनेस्को ने विभिन्न मातृभाषाओं के प्रति जागरुकता लाने या यूँ कहिए कि अपनी अपनी भाषा-संस्कृति के प्रति लोगों में रुझान पैदा करने के उद्देश्य से पूरे विश्व में २१ फरवरी को ‘अंतर्राष्ट्रीय मातृभाषा दिवस’ मनाए जाने की शुरुआत वर्ष २००० से की … Read more

मातृभाषा आदमी के संस्कारों की संवाहक

डॉ.धारा बल्लभ पाण्डेय’आलोक’अल्मोड़ा(उत्तराखंड) ************************************************ अंतरराष्ट्रीय मातृभाषा दिवस स्पर्धा विशेष…. मातृभाषा शब्द की पृष्ठभूमि-मातृ शब्द का अर्थ माँ और मातृभाषा का शाब्दिक अर्थ माता की भाषा होता है, परंतु मातृभाषा शब्द की पृष्ठभूमि पर जाएं तो ज्ञात होता है कि मातृभाषा शब्द बहुत पुराना नहीं है,मगर इसकी व्याख्या करते हुए लोग अक्सर इसे बहुत प्राचीन मान … Read more

‘धूमिल’ का काव्य संसार-भाषा और शिल्प की नई जमीन

डॉ. दयानंद तिवारीमुम्बई (महाराष्ट्र)************************************ धूमिल ने समाज में स्थित बेकारी,दारिद्र्यता, सामाजिक अनिष्ट रूढ़ियाँ,नारी विषयक दृष्टिकोण, दलितों की स्थिति अनेक समस्याओं से ग्रस्त ग्रामीण जीवन आदि अनेक समस्याओं को अपने काव्य का विषय बनाया और इसमें परिवर्तन लाने के लिए समाज जागृति करने का प्रयास अपनी कविताओं के माध्यम से किया है। धूमिल की कविताओं में … Read more

स्वभाषा के बिना महाशक्ति कैसे बनेगा देश ?

डॉ.वेदप्रताप वैदिकगुड़गांव (दिल्ली) ******************************* मातृभाषा दिवस विशेष-भाग 3 आम तौर पर लोगों को पता नहीं होता कि संयुक्त राष्ट्र २१ फरवरी को ‘विश्व-मातृभाषा दिवस’ क्यों मनाता है। दुनिया के लगभग सभी राष्ट्रों में इस दिन मातृभाषाओं के सम्मान से जुड़े आयोजन होते हैं,लेकिन इसका श्रेय हमारे पड़ोसी राष्ट्र बांग्लादेश को जाता है। बांग्लादेश १९७१ के पहले … Read more

आखिर हिंदी को ‘गौरव’ कब ?

अमल श्रीवास्तव बिलासपुर(छत्तीसगढ़) *********************************** अंतरराष्ट्रीय मातृभाषा दिवस स्पर्धा विशेष…. भारत में स्वतंत्रता प्राप्ति के पश्चात जी.एस. अंयगर व के.एम. मुंशी की अनुशंसा पर १४सितंबर १९४९ को हिंदी को संघ सरकार की भाषा के रूप मे प्रतिष्ठित कर ‘राजभाषा’ के रूप मे मान्यता दी गई,तभी से प्रति वर्ष १४ सितंबर को ‘हिंदी दिवस’ तथा सितंबर महीने को … Read more

फ्रांसीसी इस्लाम ने मचाया हड़कम्प

डॉ.वेदप्रताप वैदिकगुड़गांव (दिल्ली) ******************************* फ्रांस की संसद ने ऐसा कानून पारित कर दिया है, जिसे लेकर इस्लामी जगत में खलबली मच गई है। कई मुस्लिम राष्ट्रों के राष्ट्रपति,प्रधानमंत्री तथा मुल्ला-मौलवी उसके खिलाफ अभियान चलाने लगे हैं। उन्होंने फ्रांस के विरुद्ध तरह-तरह के प्रतिबंधों की घोषणा कर दी है। सबसे पहले यह जानें कि यह कानून क्या … Read more

जीवन की सफलता का आधार सकारात्मकता ही

अश्विनी प्रशांत रायकरनवी मुंबई(महाराष्ट्र)********************************* मनुष्य ने अपने ज्ञान के बलबूते पर आत्मविश्वास,दृढ़ संकल्प, दृढ़ता और कड़ी मेहनत से आसमान की बुलंदियों पर अपना नाम लिख दिया है और चाँद की जमीन पर अपना मुकाम हासिल कर लिया है।आत्मविश्वास एवं कड़ी मेहनत सहित इन सारे गुणों को सकारात्मक विचारों से निखारा और सँवारा जाए तो सफलता … Read more

शिक्षक बिन विद्यालय यानि बैल से दूध निकालना

डॉ.अरविन्द जैनभोपाल(मध्यप्रदेश)***************************************************** मध्यप्रदेश सरकार का यह मत है कि,आजकल छात्र-छात्राएं अभिमन्यु जैसे गर्भ से ही शिक्षित पैदा होती हैं और मोबाइल-लेपटॉप युग के कारण अब शिक्षा की कोई जरुरत नहीं है,इसलिए शिक्षकों के बिना अध्ययन-अध्यापन किया जा सकता है। इसीलिए रिक्त स्थानों को भरने की जरुरत भी नहीं है। इससे कई फायदे हैं,जैसे बिना पढ़े-लिखे … Read more

सरकारी सेवाओं से मातृभाषाओं की बिदाई

डॉ. अमरनाथ,कलकत्ता (पश्चिम बंगाल)****************************** मातृभाषा दिवस विशेष-भाग २…. यूपी बोर्ड की परीक्षा में ८ लाख विद्यार्थियों का हिन्दी में अनुत्तीर्ण होने का समाचार २०२० में सुर्खियों में था। कुछ दिन बाद जब यूपीपीएससी का परिणाम आया तो उसमें भी दो तिहाई से अधिक अंग्रेजी माध्यम के अभ्यर्थी सफल हुए। यह संख्या पहले २०-२५ प्रतिशत के … Read more