तलाक पीड़िताओं के जीवन में आर्थिक उजाला

ललित गर्ग दिल्ली ******************************************************************* उत्तर प्रदेश के मुख्यमन्त्री योगी आदित्यनाथ ने तीन तलाक से पीड़ित मुस्लिम महिलाओं के लिए ६ हजार रुपए सालाना की आर्थिक मदद की घोषणा करके उस नारी समाज को अधिकार सम्पन्न करने का मार्ग प्रशस्त किया है,जो पुरुषों के अन्याय का शिकार रहता आया है। चिन्मयानन्द के खिलाफ बलात्कार का आरोप … Read more

कश्मीर:आतंकी सक्रिय होते हैं तो सरकार को मजबूरन सख्ती करनी होगी

डॉ.वेदप्रताप वैदिक गुड़गांव (दिल्ली)  ********************************************************************** संयुक्त राष्ट्र में मोदी और इमरान के बाद कश्मीर का हाल क्या है ? इमरान खान के भाषण का असर चाहे चीन और तुर्की के अलावा किसी भी राष्ट्र पर न पड़ा हो,लेकिन ५५ दिन से सोये कश्मीर में अब कुछ न कुछ हलचल मची है। जगह-जगह लोगों ने प्रदर्शन … Read more

आत्मबोध का क्षण

इलाश्री जायसवाल नोएडा(उत्तरप्रदेश) ******************************************************* ‘एकाकी’ का अर्थ है अकेला। कहने को तो यह अकेलेपन का बोध कराता है किन्तु है बहुत ही विस्तृत..। समूह में या सबके सामने हम स्वयं को प्रस्तुत करते हैं,अपने विचारों का आदान-प्रदान करते हैं,पर ‘क्या और कैसे’ इसकी उत्पत्ति एकाकी क्षणों में ही होती है, क्योंकि हम उन एकाकी क्षणों … Read more

सबसे बड़े अभिनेता को सबसे बड़ा पुरस्कार

डॉ. स्वयंभू शलभ रक्सौल (बिहार) ****************************************************** अपने देश में दादा साहब फाल्के अवार्ड अभिनय के क्षेत्र में दिया जाने वाला सबसे बड़ा पुरस्कार है,जिसे देश के सबसे बड़े अभिनेता को दिये जाने की खबर सुनकर हर किसी को एक सुखद अनुभूति हो रही है। चार दशक से भारतीय सिनेमा का अहम हिस्सा रहे अमिताभ बच्चन … Read more

दोनों को खुश करने में लगे हैं ट्रम्प

डॉ.वेदप्रताप वैदिक गुड़गांव (दिल्ली)  ********************************************************************** ह्यूस्टन में नरेंद्र मोदी और डोनाल्ड ट्रम्प की संयुक्त सभा ने जो जलवा पैदा किया है, उससे इन दोनों नेताओं के अंदरुनी और बाहरी विरोधी-सभी हतप्रभ हैं। दोनों नेता प्रचार-कला के महापंडित हैं। दोनों एक-दूसरे के गुरु-शिष्य और शिष्य-गुरु हैं। दो देशों के नेता परस्पर कैसा भी व्यवहार करें,लेकिन उन … Read more

वक्त के बदलाव पर हस्ताक्षर करते जाना ही अमिताभ होना है…

अजय बोकिल भोपाल(मध्यप्रदेश)  ****************************************************************** जब(बीसवीं)‘ सदी के महानायक’ ७७ वर्षीय अमिताभ बच्चन को देश के सर्वोच्च फिल्म पुरस्कार का ऐलान हुआ तो देश की गान सरस्वती लता मंगेशकर की सहज प्रतिक्रिया थी-‘उन्हें (अमितजी) को यह पुरस्कार बहुत पहले मिल जाना चाहिए था। अर्थात इस अवाॅर्ड के लिए पाच दशकों की साधना और इंतजार जरा लंबा … Read more

`आयुष्मान भारत` की गड़बड़ियों पर पहरा आवश्यक

ललित गर्ग दिल्ली ******************************************************************* आज सरकारी अस्पतालों में जहां चिकित्सा सुविधाओं एवं दक्ष चिकित्सकों का अभाव होता है,वहीं निजी अस्पतालों में आज के भगवान रूपी चिकित्सक एवं अस्पताल मालिक मात्र अपने पेशा के दौरान वसूली व लूटपाट ही जानते हैं। उनके लिये मरीजों की ठीक तरीके से देखभाल कर इलाज करना प्राथमिकता नहीं होती,उन पर … Read more

…क्योंकि,अपनी लड़ाई मांस-लहू से नहीं

बुद्धिप्रकाश महावर मन मलारना (राजस्थान) **************************************************** इंसान के चरित्र में यह खूबी हमेशा ही रही है कि,वह दूसरों के कार्य की अक्सर आलोचना करता रहता है,उनकी ओर उंगली करता रहता है,परंतु यह नहीं देख पाता है कि बाकी की उंगलियां स्वयं की ओर इशारा करती है। यह तो इंसान की प्रकृति है। वह दूसरों से … Read more

मोदी और ट्रम्प बम-बम

डॉ.वेदप्रताप वैदिक गुड़गांव (दिल्ली)  ********************************************************************** प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की यह अमेरिका-यात्रा उनकी पिछली सभी अमेरिका-यात्राओं से अधिक महत्वपूर्ण और एतिहासिक मानी जाएगी। इसलिए कि,संयुक्त राष्ट्र संघ की महासभा के अधिवेशन में भाग लेने के लिए सौ-सवा-सौ राष्ट्राध्यक्ष हर साल न्यूयार्क पहुंचते हैं लेकिन उनमें से ज्यादातर अमेरिकी राष्ट्रपति से हाथ तक नहीं मिला पाते हैं,जबकि … Read more

गांधी एक आदर्श पुरुष

दीपक शर्मा जौनपुर(उत्तर प्रदेश) ************************************************* आधुनिक दौर में मनुष्य के बीच से मनुष्यता धीरे-धीरे गायब होती दिख रही है। देश में हिंसा,पाप,अन्याय,अत्याचार,क्रूरता, असहिष्णुता,झूठ,पाखण्ड,भ्रष्टाचार,जाति-धर्म भेद आदि पहले से ज्यादा बढ़ा है। मनुष्य में अपने हित-अहित के बारे में सोचने का भी विवेक नष्ट हो रहा है। आजादी के पहले देश में हम राम राज्य की परिकल्पना … Read more