‘जियो और जीने दो’ के प्रणेता
डॉ.अरविन्द जैनभोपाल(मध्यप्रदेश)***************************************************** महावीर जयन्ती (४ अप्रैल विशेष)… वर्तमान में वर्धमान की आवश्यकता है। संभवतः भगवान् महावीर के युग में भी हिंसा का बोलबाला रहा होगा, जिस कारण उन्होंने अहिंसा, अपरिग्रह और अनेकांतवाद के सिद्धांतों को प्रतिपादित किया। विश्व ने हमेशा भगवंतों द्वारा स्थापित नियमों का पालन नहीं किया। विश्व में पशु हिंसा और प्रकृति का … Read more