शासन व्यवस्था:समय और सभ्यता
शशि दीपक कपूरमुंबई (महाराष्ट्र)************************************* निर्लिप्त दृष्टि से देखा जाए तो समय और सभ्यता में जो मनोवृत्ति उद्धृत हुई है, वह विच्छिन और द्विखंडित है। भारत में एक समय ऐसा था, जब यवनों की सभ्यता को अपनाने के बारे में सोचना दुष्कर्म समझा जाता था। उनके समय में भारतीय पारंपरिक सभ्यता में निर्मूल परिवर्तन हुआ। कालान्तर … Read more