जंगल में चुनाव

डॉ. प्रताप मोहन ‘भारतीय’सोलन(हिमाचल प्रदेश)******************************************************************* जंगल में है इस समय ख़ुशी भारी,क्योंकि चल रही है चुनाव की तैयारी। चुनाव को देखकर शेर ने किया है यह वादा,अब उसने किया है शाकाहारी होने का इरादा। शेर और बकरी एक ही घाट का पानी पीएंगे,साथ जिएंगे और साथ ही मरेंगे। बिल्ली का है यह वादा,उसने छोड़ दिया … Read more

अर्थव्यवस्था के नाज उठाने को मजदूर बुलाए जाते हैं…

नवेन्दु उन्मेषराँची (झारखंड) ********************************************************************* ‘तालाबंदी’ के दौर में अर्थव्यवस्था बीच में बाजार में गिर गयी थी। उसे उठाने का प्रयास तब पुलिस वालों ने किया,लेकिन वे उसे उठा नहीं पाए। पुलिस वाले तो उस पर सिर्फ लाठियां चला रहे थे और कह रहे थे कि मुआ अर्थव्यवस्था को भी इसी तालाबंदी के वक्त में गिरना … Read more

आत्म निर्भर

डॉ. प्रताप मोहन ‘भारतीय’ सोलन(हिमाचल प्रदेश) ******************************************************************* एक कुख्यात डॉन ने, ‘आत्मनिर्भर भारत’ योजना का यूँ पालन किया, अपने लिए नोट छापने का काम चालू किया। और अपनी, अवैध हथियार फैक्ट्री को सुचारू रूप से, चलाने के लिए बैंक में ऋण के लिए आवेदन दिया। रिज़र्व बैंक ने, जारी किया है फरमान, कि आत्मनिर्भर बनने … Read more

कब्रिस्तान में `कोरोना`

नवेन्दु उन्मेष राँची (झारखंड) ********************************************************************* `कोरोना` को लेकर कब्रिस्तान में हलचल तेज हो गई थी। प्रत्येक मुर्दा यह जानने को बेताब था कि आखिर कोरोना क्या है ? कुछ मुर्दे तो कोरोना देखने के लिए शहरों में जाना भी चाह रहे थे,लेकिन मुर्दा संघ के नेता ने उनसे कहा-“अपनी कब्र में सुरक्षित पड़े रहें,किसी भी … Read more

दमघोंटू नहीं,जेबकतरा भी है `कोरोना`

नवेन्दु उन्मेष राँची (झारखंड) ********************************************************************* `बोतलदास` मेरे पास आया और बोला कि,यार मैं तो अब तक `कोरोना` को महज एक बीमारी समझ रहा था लेकिन यह तो जेबकतरा भी है। मैंने उससे पूछा कि तुम्हें इसका आभास कैसे हुआ कि कोरोना एक बीमारी नहीं होकर जेबकतरा भी है। उसने कहा,मैं एक केन्द्रीय कर्मचारी हूँ और … Read more

हम-तुम एक कमरे में बंद हों…

नवेन्दु उन्मेष राँची (झारखंड) ********************************************************************* ‘बॉबी’ फिल्म का एक गीत है ‘हम तुम एक कमरे में बंद हों और चाबी खो जाए…,अंदर से न कोई बाहर जा सके और बाहर से न कोई अंदर आ सके‘ इसका मतलब साफ है कि,कोई भी प्रेमी-प्रेमिका अगर एक कमरे में बंद हो तो समाज की मुसीबत बढ़ जाती … Read more

भय बिनु होइ न प्रीति

नवेन्दु उन्मेष राँची (झारखंड) ********************************************************************* हमारे देश में पिटाई और पिटाई शास्त्र का बड़ा महत्व है। घर में अगर बच्चे उधम मचाते हों तो माता-पिता दो तमाचा बच्चों पर जड़ देते हैं और उनकी मांगों पर ताला लगा देते हैं। पिटाई खाने के बाद बच्चा चुप हो जाता है और अपनी मांगों को लेकर चुप … Read more

कोरोना:आम आदमी और करूणा…

तारकेश कुमार ओझा खड़गपुर(प. बंगाल ) ********************************************************** भयावह रोग `कोरोना` से मैं भी बुरी तरह डरा हुआ हूँ,लेकिन भला कर भी क्या सकता हूँ! क्या घर से निकले बगैर मेरा काम चल सकता है! क्या मैं बवंडर थमने तक घर पर आराम कर सकता हूँ…,जैसा समाज के स्रभांत लोग कर रहे हैं। जीविकोपार्जन की कश्मकश … Read more

कोरोना’ बनाम मेड इन चाइना मौत

नवेन्दु उन्मेष राँची (झारखंड) ********************************************************************* धरती पर मरने वालों की संख्या देख कर यमराज बहुत चिंतित थे। उन्होंने अपने दूतों को बुलाया और आदेश दिया कि पता करो कि धरती पर अचानक इतनी मौतों का सिलसिला क्यों बढ़ गया है। आखिर इसके पीछे क्या कारण है ? इसके बाद उनके दूत धरती पर आए। यहां- … Read more

‘रिसॉर्ट’ का खेल

संदीप सृजन उज्जैन (मध्यप्रदेश)  ****************************************************** मध्यप्रदेश में जो ‘रिसॉर्ट’ का खेल अभी चल रहा है,वह पूरे देश में चर्चा में है। कुछ लोग तो ऐसे हैं,जिन्होंने रिसॉर्ट का नाम ही इससे पहले कभी सुना नहीं था। हाँ,इससे पहले ‘फार्म हाऊस’ प्रयोग राजनीति में होते रहे हैं, लेकिन अबकि बार मध्यप्रदेश में जो रिसॉर्ट प्रयोग हुआ,उसके … Read more