सरेआम लुटी कमल नाथ की दुल्हन सरकार

नवेन्दु उन्मेष राँची (झारखंड) ********************************************************************* कवि गोपाल सिंह नेपाली ने लिखा है- ‘बदनाम रहे बटमार मगर घर तो रखवालों ने लूटा,मेरी चाँद-सी दुल्हन रातों को नौ लाख सितारों ने लूटा।’ लगता है कि इसी का अनुसरण करते हुए मध्य प्रदेश में कमल नाथ की दुल्हन सरकार को घर के लोगों ने ही लूट लिया और … Read more

नेता गिरा रे,सड़क जाम के बाजार में

नवेन्दु उन्मेष राँची (झारखंड) ********************************************************************* शहर में एक बड़े नेता का आगमन होने वाला था। पुलिस वाले लोगों को सूंघ-सूंघ कर रास्ते में जाने दे रहे थे। चौक-चौराहे पर भीड़ ऐसे लगी थी जैसे शहर की पूरी आबादी चौक-चौराहे पर ऐसे आ डटी हो,जैसे सीमा पर दो दुश्मन देश के जवान आमने-सामने खड़े हों। इसी … Read more

कुछ बात है कि हस्ती मिटती नहीं हमारी

नवेन्दु उन्मेष राँची (झारखंड) ********************************************************************* अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प को ताजमहल का दीदार करने के बाद अहसास हुआ होगा कि हम भारतीय किस प्रकार दुनिया को मुहब्बत का पैगाम देते हैं। यहां तक कि मुहब्बत की मीनार भी खड़ी करते हैं जो दुनिया को बताता है कि,मुहब्बत केवल हम भारतीय ही दे सकते हैं। ट्रम्प … Read more

आओ `बाबा`,गरीबों के घर के आगे देखो दीवार

नवेन्दु उन्मेष राँची (झारखंड) ********************************************************************* कांग्रेस का `गरीबी हटाओ` का नारा अब फ्लॉप-शो होकर रह गया है। अब तो भाजपा सरकार का नया नारा है। गरीबों के घर के आगे दीवार खड़ी करो,ताकि जब अमेरिका के `बाबा` का भारत में पदार्पण हो तो उन्हें लगे कि भारत में गरीब अब हैं ही नहीं। इसीलिए तो … Read more

ट्रेन और शौचालय…!!

तारकेश कुमार ओझा खड़गपुर(प. बंगाल ) ********************************************************** ट्रेन के शौचालय(टॉयलेट्स) और यात्रियों में बिल्कुल सास-बहू-सा संबंध है। पता नहीं, लोग कौन-सा असंतोष इन शौचालय पर निकालते हैं। आजादी के इतने सालों बाद भी देश में चुनाव शौचालय के मुद्दे पर लड़े जाते हैं। किसने कितने शौचालय बनवाए,और किसने नहीं बनवाए,इस पर सियासी रार छिड़ी रहती … Read more

‘साब’ का मूड

अरुण अर्णव खरे  भोपाल (मध्यप्रदेश) *********************************************************************** मूड-एक ऐसा शब्द है,जिससे हम सभी का वास्ता एक बार,दो बार नहीं,अपितु अनेक बार पड़ा है और इसके अनुभव भी कभी सुखद,कभी दुखद तो कभी कष्टप्रद हुए होंगेl यदि आप अफसर हैं,या रहे हैं तो यह बात कभी न कभी,किसी न किसी माध्यम से आपके कानों तक जरूर पहुँची … Read more

प्रेम दिवस पर प्रेमियों से आव्हान

संदीप सृजन उज्जैन (मध्यप्रदेश)  ****************************************************** मैं प्रेमी हूँ,इससे समाज वालों के पेट में दर्द क्यों होता है। दर्द होता है तो हो मुझे इससे कोई फर्क नहीं पड़ता। आखिर प्रेम भी तो ईश्वर का दिया गया उपहार है। रामायण,महाभारत के काल से आज तक प्रेम भी मृत्यु की तरह शाश्वत है,पर ये कटु सत्य है … Read more

ये कोई बड़ा-अड़ा दिन नहीं होता…

कमल किशोर दुबे कमल  भोपाल (मध्यप्रदेश) **************************************************************************** ‘बड़े दिन की छुट्टी’ स्पर्धा  विशेष……… आज हमारे पड़ौसी खबरीलाल जी सुबह-सुबह हमारे घर आये। आते ही बोले-“कलमकार,बड़ा दिन मुबारक हो!” मैंने चौंकते हुये पूछा- कैसा बड़ा दिन ? कौनसा बड़ा दिन ?? खबरीलाल तुम होश में तो हो ? इस पर खबरीलाल कुछ अकड़ते हुए बोले-कलमकार,लगता है आप … Read more

बहाने की बात ही और है जनाब

प्रो.डॉ. शरद नारायण खरे मंडला(मध्यप्रदेश) *********************************************************************** मेरे दौर में एक गाना गूंजता था,जो प्राण साहब पर फिल्माया गया था-“कस्मे- वादे प्यार-वफ़ा सब वादे हैं,वादों का क्या ?”। इसी तरह से एक और गाना इसके बाद फ़िजां में गूंजा था-“पीने वालों को पीने का बहाना चाहिए।” तो ये गाने सुनकर मैंने पक्की धारणा बना ली थी … Read more

आह विवाह! वाह विवाह…

राजकुमार अरोड़ा ‘गाइड’ बहादुरगढ़(हरियाणा) *********************************************************************** ‘शादी वह लड्डू,जो खाये वो पछताये, जो न खाये, वो भी पछताये’, ‘शादी न बाबा न,शादी तो बर्बादी है,खो जाती आज़ादी है’, ‘आत्महत्या करने की हिम्मत न जुटा सका,तो शादी कर ली’, पिता जी,क्या गधे भी शादी करते हैं, “हाँ बेटा,गधे ही तो शादी करते हैं”, “मन शान्ति कब महसूस … Read more