दूर के ढोल सुहावने
राधा गोयलनई दिल्ली****************************************** एक बार हम यूरोप घूमने गए थे। पेरिस से हमने सबको उपहार में देने के लिए छाते खरीदे। उन छातों पर यूरोप के पर्यटन स्थलों के चित्र बने हुए थे। अपनी सभी देवरानियों व सबकी बहू-बेटियों के लिए छाते लाए थे। सबको वो भेंट किए। मेरी बहू का छाता २ बार के … Read more