कश्मीर कली अब मुक्त हुई

अवधेश कुमार ‘अवध’ मेघालय ******************************************************************** कश्मीर कली अब मुक्त हुई,मनवांछित निज-वर चुनने को, निज तोड़ गुलामी की कारा,उन्मुक्त गगन में उड़ने को। केसर की क्यारी गुलबर्गा,डल झील शिवालय शोभित हैं- दाहिर कश्यप कैकय कुलवंश भविष्य स्वप्न फिर बुनने को॥ परिचय-अवधेश कुमार विक्रम शाह का साहित्यिक नाम ‘अवध’ है। आपका स्थाई पता मैढ़ी,चन्दौली(उत्तर प्रदेश) है, परंतु कार्यक्षेत्र की … Read more

बेतुका सवाल कर गए

रोहित दाधीच कोटा(राजस्थान) ***************************************************** माँ भारती की रक्षा में अमर होकर वो,भगत सिंह-जैसा कमाल कर गये, सैनिकों के शौर्य पर लगा के प्रश्न चिन्ह,एक बेतुका-सा वो सवाल कर गये। कभी आँख मारी हो या भाषण दिये हो,रोज-रोज नया-सा बवाल कर गये, अब ४८ की उम्र में भी देखो नेताजी,अपनी मर्दानगी पर सवाल कर गये॥ परिचय-रोहित … Read more

ये दिल तुम्हें याद करता है

मोहित जागेटिया भीलवाड़ा(राजस्थान) ************************************************************************** ये दिल तुम्हें याद करता है हर बार, तुम सावन की रिमझिम-रिमझिम हो फुहार। इस जीवन के सफर में हमसफर बन कर, इस दिल में तुम हो,मिला तुम्हारा प्यार॥ इस जीवन की तुम रोज नई प्रभात हो, महके जो जिंदगी वो तुम बरसात हो। इस जीवन का अब अंधकार मिट जाए, … Read more

फौलादी इरादे

रेनू सिंघल लखनऊ (उत्तर प्रदेश) ******************************************************************** वो सरहद की माटी को माथे से लगाते हैं, न दिन को चैन,नींदें न रातों को वो पाते हैं। वतन से इश्क़ वो करते इरादे उनके फौलादी, लहू से सींच कर तिरंगे की शान बढ़ाते हैं॥ परिचय-रेनू सिंघल का निवास लखनऊ (उत्तर प्रदेश) में है। १९६९ में ९ फरवरी … Read more

चलो करें वादा

अवधेश कुमार ‘अवध’ मेघालय ******************************************************************** तड़पकर उम्र गुज़री है,ज़ुदाई अब न दो ज्यादा। रहा जीवन बहुत नीरस,बहुत बोझिल बहुत सादा। ज़ुदा होकर के जीना और मरना दोनों है मुश्किल- नहीं होंगे ज़ुदा अब हम,चलो दिल से करें वादा। परिचय-अवधेश कुमार विक्रम शाह का साहित्यिक नाम ‘अवध’ है। आपका स्थाई पता मैढ़ी,चन्दौली(उत्तर प्रदेश) है, परंतु कार्यक्षेत्र की वजह … Read more

तिरंगा लहराया था

मोहित जागेटिया भीलवाड़ा(राजस्थान) ************************************************************************** कारगिल विजय दिवस स्पर्धा विशेष………. कारगिल की घाटी पर जब तिरंगा लहराया था। पाक को धूल चटाने का गीत हमने गाया था। मेरा भी नमन देश के हर उस जवान को आज, जिन्होंने इस मिट्टी पर अपना खून बहाया था। भारत के जवानों ने पाक को धूल चटाई थी। जब भारत … Read more

नहीं ये प्यार है साक्षी

पंकज भूषण पाठक ‘प्रियम’ बसखारो(झारखंड) *************************************************************************** करे नीलाम जो इज्ज़त,नहीं व्यवहार वो अच्छा, तमाशा जो बने चाहत,नहीं है प्यार वो अच्छा। बहे माँ-बाप के आँसू,अगर औलाद के कारण- नहीं औलाद वो अच्छी,नहीं संस्कार वो अच्छा। नुमाईश हो अगर दिल की,नहीं वो प्यार कहलाता, करे माँ- बाप को रुसवा,नहीं अधिकार कहलाता। मुहब्बत नाम है संयम,मुहब्बत त्याग … Read more

माँ और पुत्री

अनिता मंदिलवार  ‘सपना’ अंबिकापुर(छत्तीसगढ़) ************************************************** माँ पुत्री को देती पुस्तक पढ़-लिखकर बनो महान। अच्छी-अच्छी बातें सीख कर सच में बनना है इंसान। दुनिया की इस भीड़ में खो जाना न तुम कहीं- कदम-दर-कदम अभी तो चढ़ने हैं तुम्हें कई सोपान। परिचय : अनिता मंदिलवार  ‘सपना’ की जन्मतिथि-४ फरवरी एवं जन्मस्थान-नालन्दा में बिहार शरीफ है। आपकी  शिक्षा एम.एस-सी.(वनस्पति … Read more

मजबूर

हेमा श्रीवास्तव ‘हेमाश्री’ प्रयाग(उत्तरप्रदेश) ********************************************************************* कुदरत को सभी फैसले मंजूर होते हैं। माँ-बाप भला बच्चों से कब दूर होते हैं। फुर्सत नहीं रही हमें उनकी फिकर करें- वो तो हमारी फिक्र में मजबूर होते हैं।

हमें चाहिए भाईचारा

अवधेश कुमार ‘अवध’ मेघालय ******************************************************************** दान दहेज कुप्रथा तजकर,ही बच्चों की शादी हो। हम दो और हमारे दो हों,छोटी-सी आबादी हो। राह कठिन हो और हौंसला पत्थर-सा फौलादी हो- हमें चाहिए भाईचारा,खाकी हो या खादी हो॥ परिचय-अवधेश कुमार विक्रम शाह का साहित्यिक नाम ‘अवध’ है। आपका स्थाई पता मैढ़ी,चन्दौली(उत्तर प्रदेश) है, परंतु कार्यक्षेत्र की वजह से गुवाहाटी … Read more