जलाओ दीप हजार
गीतांजली वार्ष्णेय ‘ गीतू’ बरेली(उत्तर प्रदेश) ************************************************************************* आया रोशनी का त्यौहार,मना लो बारम्बार, आया दीवाली का त्यौहार,जलाओ दीप हजार। जगमग जहां हो जाए,रहे न कहीं अंधकार, ज्ञान की ज्योति,प्रेम की ज्योति और ज्योति सम्मान की, आधार शिला हो हर परिवार कीl राम ने दस शीश काट रावण के,किया रावण का उद्धार, आज फिर वक़्त है … Read more