दिवाली आई खुशियाँ लाई

उमेशचन्द यादव बलिया (उत्तरप्रदेश)  *************************************************** सबके घर की हुई सफाई, सज गए आँगन और अँगनाई दीपों से बाज़ार है छाया, दिवाली आई,खुशियाँ लाई। हर ओर होती साफ़-सफाई, दीवारों पर होती रंग-पुताई घर में सबने दीया है जलाई, दिवाली आई,खुशियाँ लाई। लक्ष्मी माँ की हुई पुजाई, सबने खूब मिठाई खिलाई बच्चों ने फुलझड़ियाँ जलाई, दिवाली आई,खुशियाँ … Read more

पंचदिवस दीपावली

दुर्गेश कुमार मेघवाल ‘डी.कुमार ‘अजस्र’ बूंदी (राजस्थान) ****************************************************************** धन से धन्य दिन-रात हुए हैं, धन-तेरस ने,त्योहार की शुरु,खुशियां करवाई। कुबेर ने बाजार में खोला खजाना, धन-धान्य बरसे अब,खुशियां घर-आँगन लहराई। धन की वर्षा अभी थमी नहीँ थी, रूप निखारने को नायिका का,अब चतुर्दशी आई। नायिका संग,सब नायक सजे हैं, सजने-सजाने की स्पर्धा में भी,तुम देखो … Read more

ज्योति पर्व

पंकज भूषण पाठक ‘प्रियम’ बसखारो(झारखंड) *************************************************************************** मन से ईर्ष्या द्वेष मिटा के, नफरत की ज्वाला बुझा के हर दिल में प्यार जगाएं, सत्य प्रेम का दीप जलाएं… आओ ज्योति पर्व मनाएं। अंधकार पर प्रकाश की, अज्ञान पर ज्ञान की असत्य पर सत्य की, जीत को फिर दुहराएं… आओ ज्योति पर्व मनाएं। भूखा-प्यासा हो अगर, बेबस … Read more

दीप पर्व

बाबूलाल शर्मा सिकंदरा(राजस्थान) ************************************************* माटी का दीपक लिया,नई रुई की बाति। तेल डाल दीपक जला,आज अमावस राति। आज अमावस राति,हार तम से क्यों माने। अपनी दीपक शक्ति,आज प्राकृत भी जाने। कहे लाल कविराय,राति तम की बहु काटी। दीवाली पर आज,जला इक दीपक माटी। दीवाली शुभ पर्व पर,करना मनुज प्रयास। अँधियारे को भेद कर,फैलाना उजियास। फैलाना … Read more

दीप-वंदना

प्रो.डॉ. शरद नारायण खरे मंडला(मध्यप्रदेश) *********************************************************************** लिये रोशनी नेह की,दीपक पहरेदार। उजियारे की वंदना,करने को तैयारll कितनी उजली हो गई,आज अमावस रात। आँगन में संस्कार के, नाच रही सौगातll सबके दिल उजले हुये,दूर सकल अँधियार। अपनेपन से हो रहा,देखो सबको प्यारll दीपों की तो श्रंखला,पहुंची हर घर-द्वार नया-नया लगने लगा,अब सारा संसारll आये सचमुच पल … Read more

आशाओं के दीप

डॉ. आशा गुप्ता ‘श्रेया’ जमशेदपुर (झारखण्ड) ******************************************* दीप जले जब घर देहरी में मन का दीप भी साथ जले, यह प्रकाश ज्योतिर्मय दीपों की अंधकार मिट जाएगाl दीप जले जब घर देहरी में, मन का दीप भी संग जलेl अन्याय घृणा लोभ कटुता मानव हृदय ना भरमाए, दीपों की झिलमिल क्यारी में आशाओं का दीप … Read more

शुभ दिवाली हर आँगन हो

डीजेंद्र कुर्रे ‘कोहिनूर’  बलौदा बाजार(छत्तीसगढ़) ******************************************************************** हर घर दीया जला होगा, जीवन में अंधेरा मिटा होगा। शुभ दीवाली हर आँगन हो, खुशियों से घर भरा होगा। न कोई अब दुखी होगा, न गम का अंधेरा होगा। सभी आत्मजोत जगा लो, नई रोशनी से सवेरा होगा। न किसी से बैर होगा, न किसी से झगड़ा होगा। … Read more

ऐसी सबकी दीवाली हो

मोहित जागेटिया भीलवाड़ा(राजस्थान) ************************************************************************** मिट्टी का दीया ले कर, हर घर में रोशनी ले जाएं हर आँगन का अंधकार, मिटा कर प्रकाश फैलाएं हर घर में खुशहाली हो, ऐसी सबकी ये दीवाली हो। दीप ज्योति का प्रकाश बन, दीन-दुखियों के मन को हर्षाएं सबका भर दें खुशियों से दामन, सबके मन को आलोकित कर दें … Read more

दिवाली की खुशियाँ

गरिमा पंत  लखनऊ(उत्तरप्रदेश) ********************************************************************** हमने कहा प्रिय- आओ दिवाली मनाएं, खुशियों का रंग सबके चहरे पर ले आएं। दीए की लौ से हर तरफ, अँधेरा दूर भगाएं जैसे ही दिया हमने जलाया देखा, दूर कहीं अँधेरा फैला है और बच्चों की सिसकती आवाज़, मेरे दिल को भेद रही है। हम वहाँ गए तो देखा, करुण … Read more

दीप का पर्व

विजय कुमार मणिकपुर(बिहार) ****************************************************************** दीप जलाने वाली माई आज परीक्षा तेरी आई, जागरूकता में है सबकी भलाई कर लो माँ पुण्य की कमाई। खुद अंधेरों में रहकर भी की दूसरों की है भलाई, त्याग व सच्चाई तेरी किसी से छुपी नहीं है माई। ये दीपावली है अमन-चैन की खुशियां बटोर घर लाने की, इस दीपावली … Read more