नज़र

इलाश्री जायसवाल नोएडा(उत्तरप्रदेश) ******************************************************* क्या अजीब चीज़ होती है नज़र, चाहें सभी,बस ये मेहरबान हो जाए।   नज़र मिल जाए,तो प्यार हो जाए, नज़र हटा ली,तो ध्यान हट जाए।   नज़र गड़ा ली तो गौर से देखे, नज़र से गिर गए तो यकीं खो जाए।   नज़र में बसा लो तो सपना बन जाए, नज़र … Read more

मोर

महेन्द्र देवांगन ‘माटी’ पंडरिया (कवर्धा )छत्तीसगढ़  ************************************************** घोर घटा जब नभ में छाये,अंधकार छा जाता है, बादल गरजे बिजली कड़के,मोर नाचने आता है। जंगल में यह दृश्य देखकर,मन मयूर खिल जाता है, खुश हो जाते जीव-जंतु सब,भौंरा गाने गाता है। पंखों को फैलाये ऐसे,जैसे चाँद-सितारे हों, आसमान पर फैले जैसे,टिम-टिम करते तारें हों॥ परिचय–महेन्द्र देवांगन … Read more

गर ज़हीन है तो है

अब्दुल हमीद इदरीसी ‘हमीद कानपुरी’ कानपुर(उत्तर प्रदेश) ***************************************************** आदमी गर ज़हीन है तो है। सबको उस पर यक़ीन है तो है। सोचता वक़्त से बहुत आगे, सोच उसकी नवीन है तो है। तर्क गढ़ता नये-नये हर दम, ज़ह्न उसका महीन है तो है। आदमी कर जमा समाज बना, आदमी पुर यक़ीन है तो है। दूर … Read more

अंदाज

डॉ. आशा गुप्ता ‘श्रेया’ जमशेदपुर (झारखण्ड) ******************************************* अंदाज दिल की दौलत है देखिए, उल्फ़त की जमीं पे रहती देखिए। निगाहों की बातें वो होंठों की हँसी, धड़कते दिल की हिमाक़त देखिए। वो मचलता-सा दिल कहने की बातें, वो संग खामोशी के लम्हें गज़ब देखिए। वो आपका आना साँसों की तड़प-सा, लहर मोहब्बत की बढ़ी रब … Read more

तेरा ख्याल…

शिवम द्विवेदी ‘शिवाय’  इंदौर (मध्यप्रदेश) ******************************************************************** दीदार तेरा कुछ ऐसा हुआ कि शायरी मैं लिखने लगा, बातें तेरी लाज़वाब इतनी कि डायरी में लिखने लगा। तेरी काली जुल्फें,काली तेरी करारी दो आँखें, कल तेरा तिल देख हर घड़ी मेरा चित तेरी और भागे। तेरा ख्याल कुछ यूँ मुझे हर पल रिझाने लगा, पागल कह के … Read more

क्या देखूं अदा हँसने की

संजय गुप्ता  ‘देवेश’  उदयपुर(राजस्थान) ******************************************************************** कोशिश की इश्क में,हर हद पार करने की आदत-सी फिर हो गयी,उफ नहीं करने की, लेते रहे हैं वो हमारे इम्तिहान-दर-इम्तिहान हिमाकत हमारी जब देखी जुल्म सहने की। ना कभी बदला था,ना ही कभी मैं बदलूंगा फिर क्यों कोशिशें हैं उनकी मुझे बदलने की, कैसे सीख लूं मैं सबक,उनसे चंद … Read more

उषा बेला

डॉ.साधना तोमर बागपत(उत्तर प्रदेश) *************************************************************** उषाकाल में प्रकृति रानी, दुल्हन बन कर आयी है। रंग-बिरंगे पुष्पों से सजी, धानी चुनर लायी है। प्राची से स्वर्णिम किरणें ये, लुका-छिपी खेल रही। झाँक झरोखे से तरुवर के, मानो कर अठखेली रही। स्वर्णिम सरसिज सजा सरोवर, आभा कितनी प्यारी है। चित्रकार है कौन अनूठा, कला शिल्प की न्यारी … Read more

इश्क़ अंज़ाम

पंकज भूषण पाठक ‘प्रियम’ बसखारो(झारखंड) *************************************************************************** (रचनाशिल्प:२१२ २१२ २१२ २१२) याद आएं अगर एक पैगाम दो, नाम लेकर मेरा इश्क़ अंजाम दो। प्यार में जब कभी तुम तड़पने लगो, हिचकियों को सदा तुम मेरा नाम दो। छोड़ दो क्या जमाना कहेगा यहाँ, दिल सुकूँ जो मिले वही जाम दो। हम तुम्हें चाहते इस कदर हैं … Read more

वह दिन कब आएगा ?

शशांक मिश्र ‘भारती’ शाहजहांपुर(उत्तरप्रदेश) ************************************************************************************ हम सब साथ-साथ पर सैनिकों के शव कब तक गिनते जाएंगे, वह दिन कब आएगा जब इनकी छाती पर चढ़ तिरंगा फहराएंगे। देश कह रहा बहुत हो चुका अब धैर्य नहीं रख सकते हम हैं- शहादत की परीक्षाएं अनेक दे लीं,परिणाम लेकर कौन आएंगे॥ परिचय–शशांक मिश्र का साहित्यिक उपनाम-भारती हैl … Read more

बेवफा

रश्मि लता मिश्रा बिलासपुर (छत्तीसगढ़) ****************************************************************** बेवफा मुझको बता रहे हो, अपनी कहो क्या छुपा रहे हो। मेरी वफाओं को भूल कर के, जहर यह कैसा पिला रहे हो। इंतहा की हद हो गई थी, कह कर गए थे कल आ रहे हो। बेवफा कहना आसा बहुत है, अपनी वफा क्या निभा रहे हो। बेवफा … Read more