ग्रीष्म ऋतु में खोये हुए हैं हम..
पंकज त्रिवेदी सुरेन्द्रनगर(गुजरात) *************************************************************************** निबंध…… ग्रीष्म की ऋतु अपनी चरमसीमा पर है। वृक्ष भी सूर्य की तपिश के सामने सीना तानकर खड़े होकर अपनी अहमियत सिद्ध करा रहे हैं। वो जानते हैं कि मेरी अटलता और अखंडितता मानवों के लिए प्रेरणा बन सकती है,और यह भी जानता है कि मेरी शीतलता का यह कसौटी काल … Read more