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मंगल मूरत शुभ देव गणेश

एन.एल.एम. त्रिपाठी ‘पीताम्बर’ 
गोरखपुर(उत्तर प्रदेश)

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जै जै जै गणपति गणनायक,

शुभ कर्मों के देव विनायक!

जै जै जै गणपति गणनायक!!

मातृभक्ति की शक्ति प्रथम पूज्यते देव गज़ानन,

जै जै जै गणपति गणनायक!

शुभ कर्मों के देव विनायक,

जै जै जै गणपति गण नायक!!

महादेव शिव शंकर के सत्य प्रकाश,

महाकाल रूद्राअँश भय भव,भंजक

बाधा विघ्न विनाशक,

देवों के आदी देव लम्बोदर!!

जै जै जै गणपति गणनायक,

शुभ कर्मों के देव विनायक!

जै जै जै गणपति गणनायक!!

दु:ख,संकट हरता,मंगल करता,

नियति-काल निर्धारक!

भक्तों के रक्षक,दुष्टों के संघारक,

दीन-दुखी के पालक,

करुणा क्षमा द‍या के सागर!!

जै जै जै गणपति गणनायक,

शुभ कर्मों के देव विनायक!

जै जै जै गणपति गणनायक!!

द॔त एक,चार भुजाएं,

सोहे सिंदूर माथे,मूषक सवारी!

नारायण,चतुरानन भी मंगल मुरति की स्तुति गाए,

जै जै जै गणपति गणनायक!

शुभ कर्मों के देव विनायक,

जै जै जै गणपति गणनायक!!

मोदक का भोग रिद्धि-सिद्धि ही भाए,

सकल कामना के दाता!

शुभ,समृद्धि की अर्घ्य आराधना,

ओम् गण गण गण गणपति श्री गणेश

जै जै जै गणपति गणनायक,

शुभ कर्मों के देव विनायक!

जै जै जै गणपति गणनायक!!

परिचय-एन.एल.एम. त्रिपाठी का पूरा नाम नंदलाल मणी त्रिपाठी एवं साहित्यिक उपनाम पीताम्बर है। इनकी जन्मतिथि १० जनवरी १९६२ एवं जन्म स्थान-गोरखपुर है। आपका वर्तमान और स्थाई निवास गोरखपुर(उत्तर प्रदेश) में ही है। हिंदी,संस्कृत,अंग्रेजी और बंगाली भाषा का ज्ञान रखने वाले श्री त्रिपाठी की पूर्ण शिक्षा-परास्नातक हैl कार्यक्षेत्र-प्राचार्य(सरकारी बीमा प्रशिक्षण संस्थान) है। सामाजिक गतिविधि के निमित्त युवा संवर्धन,बेटी बचाओ आंदोलन,महिला सशक्तिकरण विकलांग और अक्षम लोगों के लिए प्रभावी परिणाम परक सहयोग करते हैं। इनकी लेखन विधा-कविता,गीत,ग़ज़ल,नाटक,उपन्यास और कहानी है। प्रकाशन में आपके खाते में-अधूरा इंसान (उपन्यास),उड़ान का पक्षी,रिश्ते जीवन के(काव्य संग्रह)है तो विभिन्न पत्र-पत्रिकाओं में भी रचनाएं प्रकाशित हुई हैं। ब्लॉग पर भी लिखते हैं। आपकी विशेष उपलब्धि-भारतीय धर्म दर्शन अध्ययन है। लेखनी का उद्देश्य-समाज में व्याप्त कुरीतियों को समाप्त करना है। लेखन में प्रेरणा पुंज-पूज्य माता-पिता,दादा और पूज्य डॉ. हरिवंशराय बच्चन हैं। विशेषज्ञता-सभी विषयों में स्नातकोत्तर तक शिक्षा दे सकने की क्षमता है।

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