बादल

छगन लाल गर्ग “विज्ञ” आबू रोड (राजस्थान) **************************************************************************** अच्छे बादल सच्चे लगते। इधर उधर मतवारे उड़ते॥ सूरज को ढकने फिर आते। झुंड बना कर दौड़ लगाते॥ आपस में देखो टकराते। दाँत भींचते फिर लड़ जाते॥ रिमझिम-रिमझिम पानी बरसे। बादल मन धरती पर तरसे॥ आओ मिलकर साथी खेलें। बादल की बूंदों को झेले॥ झट-पट कपड़े अपने … Read more

अपनी चुप्पी तोड़ें…

डॉ. स्वयंभू शलभ रक्सौल (बिहार) ****************************************************** १७ साल की एक लड़की एक विधायक के घर नौकरी के लिए बात करने जाती है और फिर कुछ समय बाद वह बताती है कि विधायक के घर पर उसका शील भंग किया गया…। इसके बाद वह गायब हो जाती है…उसके पिता की पुलिस हिरासत में मौत हो जाती … Read more

अच्छी ज़िद

पूनम दुबे सरगुजा(छत्तीसगढ़)  ****************************************************************************** राजू बहुत खुश था,होता भी क्यों नहीं। उसके दादाजी आने वाले थे,पर थोड़ा नाराज़ भी थाl एक हफ्ते से माँ और पापा से पैसे मांग रहा था, कोई उसे दे नहीं रहा थाl भाई ने भी नहीं दिए,जो सातवीं कक्षा में पढ़ रहा था गौरव,उससे तीन साल छोटा था राजू। गरमी … Read more

शब्दों का संसार

अनिल कसेर ‘उजाला’  राजनांदगांव(छत्तीसगढ़) ****************************************************************************** शब्दों का होता अपना ही संसार है, शब्द से जीत शब्द से ही हार है। शब्द से टूटते शब्द से ही जुड़ते परिवार हैं, शब्द से कहीं प्यार-कहीं तकरार है। शब्द पतझर,शब्द ही बसंत बहार है, शब्द है नाव तो शब्द ही पतवार है। शब्द फूल तो शब्द ही तलवार … Read more

प्रेम

कृष्ण कुमार कश्यप गरियाबंद (छत्तीसगढ़) ************************************************************************** प्रेम अराधना,प्रेम ही पूजा, प्रेम आत्मा की पुकार है। प्रेम से बड़ा न कोई दूजा, प्रेम तो ईश्वरीय उपहार है। प्रेम कर्म है,प्रेम ही मर्म, प्रेम धर्म का प्राण-सार है। प्रेम गर दिल में हो सबके, तो हर जन एक अवतार है। प्रेम न बिकता बाजारों में, रत्न बड़ा … Read more

मैं मजदूर हूँ

प्रेमशंकर ‘नूरपुरिया’ मोहाली(पंजाब) **************************************************************************** मैं इस देश का मेहनती मजदूर हूँ, मैं कभी पास अपने,कभी दूर हूँ। हर इमारत की बुनियाद रखता हूँ मैं, फिर भी कुछ कहते हैं मैं मजबूर हूँ॥ मैं प्रगति की इमारत की बुनियाद हूँ, मैं हर मेहनत के सागर की फरियाद हूँ। अपने खून-पसीने से सींचता हूँ मैं इसे, फिर … Read more

ज़िन्दगी का अर्थ

नरेंद्र श्रीवास्तव गाडरवारा( मध्यप्रदेश) ***************************************************************** ज़िन्दगी का अर्थ नहीं, समझने में हम जबसे असमर्थ हैं, जितना भी कमाने में लगे रहो, सब व्यर्थ है क्योंकि, कमाने के चक्कर में खो गये हैं हमारे संगी-साथी,पड़ोसी,हितैषी, हमने कमाने की अंधी दौड़ में इन्हीं को रौंदा है, इसीलिये सूना घरोंदा है, आओ स्वार्थ-दहलीज़ को पार करें, हमारे आसपास … Read more

जल भर-भर ले आए मेघा

मालती मिश्रा ‘मयंती’ दिल्ली ******************************************************************** जल भर भर ले आए मेघा, घटा घिरी घनघोर। दादुर मोर पपीहा बोले, झींगुर करता शोरll रिमझिम-रिमझिम बरसे सावन, लगे नाचने मोर। टर-टर करते दादुर निकले, धूम मची चहुँओरll प्यास बुझी प्यासी धरती की, मनहि रही हरषाय। तप्त हृदय की तृषा मिटी अब, शीत हुआ हिय जायll तड़-तड़ करती बूँदें … Read more

पुस्तकों की सुखद अनुभूति का अलग महत्व

डॉ.अरविन्द जैन भोपाल(मध्यप्रदेश) ***************************************************** मेरे द्वारा उपन्यास और सैकड़ों लेख लिखे गए हैं,और लिखे जा रहे हैं,पर अनुभव है कि,पुस्तकों की सुखद अनुभूति का अलग महत्व हैl एक दिन साक्षात्कार में यह प्रश्न पूछा गया कि,वर्तमान में ई-बुक का चलन है,और यह सुविधा बहुत सुविधाजनक है तो आप प्रकाशन पुस्तकाकार में क्यों कराते हैं,जबकि ई-बुक … Read more

प्यारा हिंदुस्तान

राजू महतो ‘राजूराज झारखण्डी’ धनबाद (झारखण्ड)  ************************************************************************** हम हैं प्यारा हिंदुस्तान रखते हैं हम दिल में सारा जहान, मेरे अंदर बसता केवल इंसान ही इंसान नफरत का यहाँ तनिक नाम नहीं, क्रोध-ईर्ष्या का यहाँ काम नहीं स्वार्थ का यहां कोई दाम नहींl हम हैं प्यारा हिंदुस्तान हूँ मैं सुन्दर एक सोने-सी चिड़ियाँ, चाहता भला मैं … Read more