भारत माँ के लाल

संजय जैन  मुम्बई(महाराष्ट्र) ************************************************ मिलें अपनों का प्यार हमको, तो सफलता चूमेगी कदम। रहे सभी का अगर साथ, तो जीत जाएंगे हर जंग। और मिल जाएगा हमको, वो खोया हुआ आत्म सम्मान। इसलिए हिल-मिलकर, रहो देशवासियों तुम सबll तुम्हें कसम भारत माँ की, दिखाओ अपना जौहर तुम। तुम्हीं तो कर्णधार हो, अब भारत माँ के … Read more

सावन

बाबूलाल शर्मा सिकंदरा(राजस्थान) ************************************************* सावन मन भावन लगे,भक्ति शक्ति संगीत। सत्यम शिवम् विराजते,पावन सावन प्रीतll पावन सावन प्रीत,चढ़े झूले पर सखियाँ। तकती है मनमीत,बरसती सावन अँखियाँll शर्मा बाबू लाल,नहीं हो भाव अपावन। भक्ति प्रीत संजोग,लुभाए पावन सावनll हर-हर बम-बम गूँजता,नभ में बिजली मेह। वधू,कन्याएँ झूलती,झूले तीज सनेहll झूले तीज सनेह,सजे मेंहदी व कंगन। इन्द्र धनुष … Read more

उप-राष्ट्रपति को डॉ.सिन्हा रचित २ पुस्तकें भेंट

दिल्ली(भारत)l न्यू इण्डिया एश्योरेंस कम्पनी में प्रबंधक (हिंदी विभाग प्रमुख) के पद पर कार्यरत डॉ.अमरीश सिन्हा ने अपनी लिखी २ पुस्तकें उप-राष्ट्रपति को भेंट कीं। ये पुस्तकें बीमा सुरक्षा और सामाजिक सरोकार तथा सूचना प्रौद्योगिकी, सोशल मीडिया और डिजिटल इंडिया हैं। बीमा सुरक्षा पुस्तक में आम भारतीय से जुड़ी विभिन्न बीमा योजनाओं की समीक्षा है। … Read more

क्या कसूर रहा…

ममता बैरागी धार(मध्यप्रदेश) ****************************************************************** हर तरफ खुशियां मेरे आस-पास थी, पंखों से उड़ान भर उड़ना चाहती थी क्योंकि मेरे घर-आँगन की मैं राजकुमारी थी। एक तरफ बाबुल का स्नेह,एक तरफ माँ की ममता, और भाई-बहनों के संग में प्यारी-न्यारी थी। आज लग रहा था,आसमां में पहुंच गई हूँ, मैं ऊपर और आसमान नीचे था शायद … Read more

हरेली त्योहार

अर्चना पाठक निरंतर अम्बिकापुर(छत्तीसगढ़) ***************************************************************************** हरियाली का अपभ्रंश है हरेली, छत्तीसगढ़ी प्रकृति पूजते बना सहेली। नांगर,कोपर रापा,कुदारी,चतवार सूजा, कृषि कार्य ही इनकी सर्वोत्तम पूजा। होम धूप दे भोग लगे चीला, हर कृषक रहता यहाँ खिला-खिला। डोंगहार सिंदूर का त्रिशूल बना पूजते नाव, भेलवा और महुआ डाली दरवाजे पर रखते पूरे गाँव। हरेली के दूसरे दिन राउत … Read more

करता नहीं ऐतबार आदमी

बोधन राम निषाद ‘राज’  कबीरधाम (छत्तीसगढ़) ******************************************************************** (रचना शिल्प:अरकान-२१२ २१२ २१२ २१२) हर कदम पर करे इंतजार आदमी, प्यार दिल में लिए बेशुमार आदमी। बात दिल की कहे तो कहे अब किसे, आज करता नहीं ऐतबार आदमी। इस जहां में सभी एक से एक हैं, कौन किसको कहे होशियार आदमी। गर मुहब्बत में खा जख़्म … Read more

अपने सर पे हम बाँध कर कफन चले

शंकरलाल जांगिड़ ‘शंकर दादाजी’ रावतसर(राजस्थान)  *********************************************************************************- हम हैं ऐसे नौजवान कट ही जाए सर भले, आज अपने सर पे हम बाँध कर कफन चले। हम वतन की आबरू मिटने नहीं देंगे कभी, उठी गलत नजर तो आँख फोड़ देंगे हम अभी। जो गला विद्रोह की आवाज गर उठायेगा, बोलने से पहले ही हम काट देंगें … Read more

हौंसला सभी का बढ़ाया करो

अब्दुल हमीद इदरीसी ‘हमीद कानपुरी’ कानपुर(उत्तर प्रदेश) ***************************************************** जश्न सब ज़िन्दगी के मनाया करो। बाँसुरी चैन की मिल बजाया करो। सख़्त मेहनत करो मुस्कुराओ सदा, मुश्किलों को हँसी में उड़ाया करो। भाई को भाई से जो मिलाते मिलें, हौंसला उन सभी का बढ़ाया करो। नित पसीना बहाते हैं जो लोकहित, पीठ उनकी ज़रा थपथपाया करो। … Read more

हरियाली

अनिता मंदिलवार  ‘सपना’ अंबिकापुर(छत्तीसगढ़) ************************************************** धरा करती श्रृंगार देखो वर्षा की फुहार, हरियाली हर ओर धरती हरियाई। छाई है देखो बहार नाचता है मन मोर, हो गई सुहानी भोर धरा खिलखिलाई। कोयल की मीठी तान पपीहे की देखो शान, कामदेव छोड़े बान रति भी मुस्कुराई। घनघोर घटा छाई मोरनी नृत्य लुभाई, मन में खुशियाँ लाई … Read more

टूट पड़ो

महेन्द्र देवांगन ‘माटी’ पंडरिया (कवर्धा )छत्तीसगढ़  ************************************************** टूट पड़ो अब बैरी ऊपर,भाग कहीं ना जाने पाय। खाल खींचकर भूसा भर दो,जो भी हमको आँख दिखायll नहीं डरेंगे धमकी से अब,गीदड़ भभकी देना छोड़। आँख उठाकर देखा भी तो,बम का गोला देंगे फोड़ll बड़े-बड़े मिसाइल गोला,रखते हैं हम अपने पास। सीधा-साधा मत समझो तुम,कर देंगे हम … Read more